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Author: Dialogue India

भारत की आर्थिक उपलब्धियों को कमतर क्यों आंका जा रहा है

भारत की आर्थिक उपलब्धियों को कमतर क्यों आंका जा रहा है

आर्थिक
भारत की आर्थिक उपलब्धियों को कमतर क्यों आंका जा रहा है   ऐसा कहा जाता है कि अर्थशास्त्र एक जटिल विषय है। जिस प्रकार शरीर की विभिन्न नसें, एक दूसरे से जुड़ी होकर पूरे शरीर में फैली होती हैं और एक दूसरे को प्रभावित करती रहती हैं, उसी प्रकार अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलू (रुपए की कीमत, ब्याज दरें, मुद्रा स्फीति, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता, वित्त की व्यवस्था, विदेशी ऋण, विदेशी निवेश, वित्तीय घाटा, व्यापार घाटा, सकल घरेलू उत्पाद, विदेशी व्यापार, आदि) भी आपस में जुड़े होते हैं और पूरी अर्थव्यवस्था एवं एक दूसरे को प्रभावित करते रहते हैं। विषय की इस जटिलता के चलते अक्सर कई व्यक्ति अर्थव्यवस्था सम्बंधी अपनी राय प्रकट करने में गलती कर जाते हैं। जैसे, केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आम बजट पर विपक्षी नेताओं द्वारा अक्सर यह टिप्पणी की जाती है कि इस बजट में तो आं...
कौन होगा अमिताभ बच्चन से बड़ा हिन्दी सेवी

कौन होगा अमिताभ बच्चन से बड़ा हिन्दी सेवी

TOP STORIES, जीवन शैली / फिल्में / टीवी
कौन होगा अमिताभ बच्चन से बड़ा हिन्दी सेवी आर.के. सिन्हा अमिताभ बच्चन आज के दिन सारे देश को जोड़ते हैं। उनकी लोकप्रियता धर्म,जाति,भाषा की दीवारों को लांघ चुकी है। सच मानें तो वे कालजयी हो चुके हैं। उनकी अदाकारी अत्यंत ही स्वाभाविक है। उनकी शख्सियत बेहद ही गरिमामयी है। उनकी निरंतर काम करने की जिजिविषा अकल्पनीय है। वे लगातार आधी सदी से फिल्म और टेलीविजन के पर्दे पर सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करोड़ों चाहने वालों को आनंद के न जाने कितने अविस्मरणीय पल दिए हैं। वे 11 अक्तूबर को अपने सक्रिय जीवन के 80 सालों का सफर पूरा कर रहे हैं। अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर उनकी फिल्मों का उत्सव कुछ दिन पहले से ही शुरू हो गया था। इसमें बिग बी की सुपरहिट 11 फिल्मों को देश भर के 17 शहरों में 22 स्क्रीनों पर दिखाया गया।  उनकी बेहद खास फिल्में जैसे दीवार, जंजीर,  डॉन, कालिया वगैरह दिखाई गईं। पर यह कोई बड़ी खबर नहीं ह...
मोदी चलें, भागवत की राह पर*

मोदी चलें, भागवत की राह पर*

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मोदी चलें, भागवत की राह पर* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* इधर भारत सरकार ने मुसलमानों, ईसाइयों आदि को भी जातीय आधार पर आरक्षण देने के सवाल पर एक आयोग बना दिया है और उधर राष्ट्रीय स्वयंसेवक के मुखिया मोहन भागवत ने एक पुस्तक का विमोचन करते हुए भारत में ‘जात तोड़ो’ का नारा दे दिया है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा है कि हिंदू शास्त्रों में कहीं भी जातिवाद का समर्थन नहीं किया गया है। भारत में जातिवाद तो पिछली कुछ सदियों की ही देन है। भारत जन्मना जाति को नहीं मानता था। वह कर्मणा वर्ण-व्यवस्था में विश्वास करता था। कोई भी आदमी अपने कर्म और गुण से ब्राह्मण बनता है। मोहनजी स्वयं ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए हैं। उनकी हिम्मत की मैं दाद देता हूं कि उन्होंने जन्म के आधार को रद्द करके कर्म को आधार बताया है। भगवद्गीता में भी कहा गया है- ‘चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टं गुणकर्मविभागशः।’ याने चारों वर्णों का निर्म...
दो पद-एक व्यक्ति: व्यवस्था पर प्रश्न*

दो पद-एक व्यक्ति: व्यवस्था पर प्रश्न*

सामाजिक
दो पद-एक व्यक्ति: व्यवस्था पर प्रश्न* ************* _-राजेश बैरागी-_ एक जनप्रतिनिधि और एक प्रशासनिक अधिकारी की योग्यता में कितना अंतर होता है? अधिकारी निस्संदेह अपने द्वारा ग्रहण किए जाने वाले पद के लिए निर्धारित परीक्षा पास करने के पश्चात ही उस पद पर आसीन हो सकता है। जनप्रतिनिधि की परीक्षा जनप्रिय होना है और उसे यह परीक्षा प्रत्येक पांच वर्ष में पुनः पुनः देनी पड़ती है। यह विश्लेषण इसलिए प्रासंगिक है कि चुनाव आयोग जनप्रतिनिधियों को एक से अधिक स्थानों पर चुनाव लड़ने के विरुद्ध है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में एक से अधिक स्थानों पर चुनाव लड़ने पर रोक नहीं है परंतु दोनों स्थानों पर चुनाव जीतने के बाद एक स्थान से ऐसे जनप्रतिनिधि को त्यागपत्र देने की अनिवार्यता है। ऐसे में उस स्थान पर उपचुनाव में होने वाले खर्च और प्रशासनिक भागदौड़ को रोकने के लिए भारत का निर्वाचन आयोग एक से अधिक स्थानों से च...
अशोक गहलोत की जादूगरी में फंस गया गांधी परिवार।

अशोक गहलोत की जादूगरी में फंस गया गांधी परिवार।

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
अशोक गहलोत की जादूगरी में फंस गया गांधी परिवार। अपनी सरकार की कामयाबी के लिए गहलोत अब मोदी सरकार के गृहमंत्री अमित शाह से भी सहयोग लेने को तैयार। ================ 8 अक्टूबर को कांग्रेस की भारत जोड़ों यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि राजस्थान में यदि उद्योगपति गौतम अडानी का फेवर किया गया तो वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ भी खड़े हो जाएंगे। वहीं 8 अक्टूबर को ही जयपुर में गहलोत ने कहा कि विकास के लिए उनकी सरकार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पुत्र जयंत शाह की मदद भी लेने को तैयार हैं। राहुल और गहलोत के बयान से जाहिर है कि अब कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले गांधी परिवार और अशोक गहलोत के बीच दरार बढ़ गई है। सब जानते हैं कि अडानी और अंबानी को लेकर राहुल गांधी मोदी सरकार पर हमलावर रहते हैं। लेकिन वहीं कांग्रेस शासित राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत अडानी-अंबानी को राजस्थान के विकास में सहा...
आपातकाल के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले – लोकनायक जयप्रकाश नारायण

आपातकाल के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले – लोकनायक जयप्रकाश नारायण

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय
11 अक्टूबर (जन्म जयंती ) पर विशेष - आपातकाल के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले - लोकनायक जयप्रकाश नारायण मृत्युंजय दीक्षित भारतीय लोकतंत्र के महानायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सारन जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ था। उनका जन्म ऐसे समय में हुआ था जब देश विदेशी सत्ता के आधीन था और स्वतंत्रता के लिए छटपटा रहा था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा सारन और पटना जिले में हुई थी । वे विद्यार्थी जीवन से ही स्वतंत्रता के प्रेमी थे जब पटना में उन्होने बिहार विद्यापीठ में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लिया तभी से वे स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने लगे थे। तत्कालीन बिहार विद्यापीठ की स्थापना डा. राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गयी थी। वे 1922 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गये। जहां उन्होंने 1922 से 1929 तक कैलिफोर्निया तथा विसकांसन विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। वहां पर अपने खर्चे को पूरा व नियं...
श्रीराम मंगल भवन हैं और अमंगलहारी

श्रीराम मंगल भवन हैं और अमंगलहारी

धर्म
श्रीराम मंगल भवन हैं और अमंगलहारी ह्रदय नारायण दीक्षित श्रीराम मंगल भवन हैं और अमंगलहारी। वे भारत के मन में रमते हैं। मिले तो राम राम, अलग हुए तो राम राम। राम का नाम हम सब बचपन से सुनते आए हैं। वे धैर्य हैं। सक्रियता हैं। परम शक्तिशाली हैं। भाव श्रद्धा में वे ईश्वर हैं। राम तमाम असंभवों का संगम हैं। युद्ध में पौरुष पराक्रम और निजी जीवन में मर्यादा के पुरुषोत्तम। राम भारतीय आदर्श व आचरण के शिखर हैं। भारतीय मनीषा ने उन्हें ब्रह्म या ईश्वर जाना है। श्रीकृष्ण भी विष्णु के अवतार हैं। वे अर्जुन को गीता (10.31) में बताते हैं ‘‘पवित्र करने वालों में मैं वायु हूँ और शास्त्रधारियों में राम हूँ।‘‘ राम महिमावान हैं। श्रीकृष्ण भी स्वयं को राम बताते हैं। श्रीराम प्रतिदिन प्रतिपल उपास्य हैं लेकिन विजयादशमी व उसके आगे पीछे श्रीराम के जीवन पर आधारित पूरे देश में श्रीराम लीला के उत्सव होते हैं। सम्प्रति...
आदिपुरुष  तुलसीराम लोहार

आदिपुरुष तुलसीराम लोहार

जीवन शैली / फिल्में / टीवी
आदिपुरुष" - तुलसीराम लोहार हमारे इंजीनियरिंग सेल्स की एक बहुत ही प्रसिद्ध कहावत है, "कस्टमर को कंविन्स न कर पाओ तो कन्फ्यूज कर दो!" बॉलीवुड के चरसी जब अपनी सारी शक्ति झोंक देने के बावजूद भी राष्ट्रवादियों के उभरते हुए वर्चस्व को तोड़ नहीं सके, झुका नहीं सके, हरा नहीं सके तो अब इस 'कन्फ्यूज कर दो' वाले नए पैंतरे पर कार्य कर रहे हैं। और आप तो कन्फ्यूज होने के लिए बैठे हैं। हाँ, वही आप जो एक अफवाह पर अपना दिमाग गिरवी रख कर चार सौ रुपये किलो नमक बिकवा देते हैं बिना तनिक भी यह सोचे कि प्राचीन काल में समुद्र से दूर-दराज के क्षेत्रों तक नमक पहुंचना दुष्कर था। जबकि आज तो समुद्र भरे पड़े हैं नमक से तथा परिवहन की सुविधाएं हजार गुना बढ़ी हुई हैं, उस पर भी कि करोड़ों लोग डॉक्टर से कहने से नमक छोड़ते जा रहे हैं। ऐसे समय में आप नमक ब्लैक में बिकवा दिए। मान क्यों नहीं लेते कि आप औसत बुद्धि में भी औसत...
भारत के हजार टुकड़ों की तैयारी

भारत के हजार टुकड़ों की तैयारी

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भारत के हजार टुकड़ों की तैयारी* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* अब तक भारत में जिन अनुसूचित जातियों और जन-जातियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाता रहा है, अब उनकी संख्या बढ़ाने की मांग हो रही है। अदालत में कई याचिकाएं भी लगी हुई हैं। संविधान सभा में पहले सिर्फ उन्हीं अनुसूचितों को आरक्षण मिला हुआ था, जो अपने आप को हिंदू मानते थे लेकिन 1956 में सिखों और 1990 में बौद्ध अनुसूचितों को भी इस जमात में जोड़ लिया गया। हालांकि गौतम बुद्ध और गुरु नानक अपने अनुयायियों को जातिभेद से दूर रहने का उपदेश देते रहे लेकिन थोक वोटों के लालच में फंसकर नेताओं ने धर्म को भी जाति के पांव तले ठेल दिया। आश्चर्य है कि उन अ-हिंदू धर्मावलंबियों ने उनके इस धर्म विरोधी कृत्य को सहर्ष स्वीकार कर लिया। अब उन्हीं की देखादेखी हमारे मुसलमान, ईसाई और यहूदी भी मांग कर रहे हैं कि उनमें जो अनुसूचित हैं और पिछड़े हैं, उन्हें भी सर...
यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह ने ली अंतिम सास

यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह ने ली अंतिम सास

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दिल्ली से सटे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती समाजवादी पार्टी संरक्षक और लोकसभा सांसद मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह निधन हो गया। 82 वर्षीय मुलायम सिंह यादव 22 अगस्त से मेदांता के आइसीयू में भर्ती थे। 2 अक्टूबर को हालत गंभीर होने पर उन्हें आइसीयू में भर्ती किया गया था, जहां पर वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सैफई में उनका अंतिम संस्कार होगा। समाजपार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर अपने पिता मुलायम सिंह यादव के निधन की पुष्टि की है। इसके साथ ही यह भी तय हो गया है कि उनका अंतिम संस्कार सैफई में ही होगा। अगले कुछ घंटों बाद उनका शव सैफई ले जाया जाएगा। सोमवार सुबह ली अंतिम सास गुरुग्राम के जागरण संवाददाता आदित्य राज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सोमवार सुबह 8:15 बजे अंतिम सांस ...