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Author: Dialogue India

श्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने हिंदू समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के प्रयास किए

श्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने हिंदू समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के प्रयास किए

सामाजिक
26 सितम्बर 2022 - श्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर जी के जन्म दिन पर विशेष लेख श्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने हिंदू समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के प्रयास किए श्री ईश्वरचंद्र बंद्योपाध्याय “विद्यासागर” का जन्म दिनांक 26 सितंबर, 1820 को पश्चिम बंगाल  (बंगाल प्रेसीडेंसी) के  जिला मेदिनीपुर के ग्राम बिरसिंह में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री हकुरदास बंद्योपाध्याय और आपकी माता का नाम श्रीमती भगवती देवी था। आप महान समाज सुधारक,  दार्शनिक, शिक्षाविद्, लेखक, अनुवादक, मुद्रक, प्रकाशक, उद्यमी, परोपकारी और संस्कृत के विद्वान माने जाते है। संस्कृत भाषा और दर्शन में आपका अगाध ज्ञान होने के कारण विद्यार्थी जीवन में ही संस्कृत कॉलेज ने उन्हें “विद्यासागर” की उपाधि प्रदान की थी। इसके बाद से उनका प्रचिलित नाम श्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर हो गया था। श्री ईश्वरचंद्र विद्यासागर को आधुनिक बंगाली भ...
कुछ लोगों को भारत की प्रगति रास नहीं आ रही

कुछ लोगों को भारत की प्रगति रास नहीं आ रही

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कुछ लोगों को भारत की प्रगति रास नहीं आ रही* जब सारा ब्रिटेन महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार की तैयारी में लगा था, तब वहां के कुछ शहरों में तनाव सुलग रहा था|यह तनाव बनाम हिंदू-मुसलमान झगड़ा था |हकीकत में यह सिर्फ दो समुदायों के बीच की लड़ाई नहीं है, इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय ताकतें हैं, जो भारत और पाकिस्तान के विवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बरकरार रखने की कोशिशों में जुटी हुई हैं| भारत और पाकिस्तान दोनों को ब्रिटेन से आजाद हुए ७५ साल हो चुके हैं. इन सालों में इन दोनों देशों की कई पीढ़ियां भी ऐसे ही इस दौरान ब्रिटेन में गुजर चुकी हैं| इस बार जब इंग्लैंड के पूर्वी मिडलैंड्स में स्थित लेस्टर शहर में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच झड़प हुई, इसके पीछे तात्कालिक कारण वही भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच और भारत की जीत का जश्न था| झड़प के खिलाफ प्रदर्शन हुए और फिर हिंसा भड़क गयी| एक-दूसरे ...
कनाडा खालिस्तानियों का अड्डा कैसे बन गया? भिंडरावाले से लेकर जगमीत सिंह तक की कहानी।

कनाडा खालिस्तानियों का अड्डा कैसे बन गया? भिंडरावाले से लेकर जगमीत सिंह तक की कहानी।

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कनाडा खालिस्तानियों का अड्डा कैसे बन गया? भिंडरावाले से लेकर जगमीत सिंह तक की कहानी। विदेश मंत्री एस जयशंकर के इस बयान ने कनाडा में पनप रही खालिस्तानी ताकतों में मचाई खलबली। विभाजन से पहले और बाद में भी भारत को खंडित करने वाली ताकतें हमेशा से ही मौजूद रही हैं।देश को पहली बार तोड़ने का षडयंत्र मोहम्मद अली जिन्ना ने रचा था और वो अपनी इस षडयंत्र में सफल भी रहे,जिसका परिणाम यही निकला कि पाकिस्तान के रूप में एक कट्टर इस्लामिक राष्ट्र बनकर सामने आया।वहीं भारत को तोड़ने का दूसरा बड़ा षडयंत्र सिख धर्म के आधार पर खालिस्तान बनाने की होती रही है।60 के दशक से बदले राजनीति परिदृश्य के बाद से आए दिन खालिस्तान का मुद्दा चर्चाओं का हिस्सा बना रहता है।देखा जाए तो वर्तमान समय में यह खालिस्तानी ताकतें सबसे अधिक कनाडा में सक्रिय हो रहीं हैं और यहीं से अपने भारत विरोधी एजेंडे को संचालित कर रहीं हैं। कनाडा म...
सोशल मीडिया पर स्क्रॉल होती जिंदगी

सोशल मीडिया पर स्क्रॉल होती जिंदगी

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सोशल मीडिया पर स्क्रॉल होती जिंदगी (हम में से ज्यादातर लोग आज सोशल मीडिया के आदी हैं। चाहे आप इसका इस्तेमाल दोस्तों और रिश्तेदारों से जुड़ने के लिए करें या वीडियो देखने के लिए, सोशल मीडिया हम में से हर एक के लिए जाना-पहचाना तरीका है। प्रौद्योगिकी और स्मार्ट उपकरणों के प्रभुत्व वाली दुनिया में नेटफ्लिक्स को बिंग करना या फेसबुक पर स्क्रॉल करना, इन दिनों मिनटों और घंटों को खोना बहुत आम है। ये वेबसाइट और ऐप हमारा ज्यादातर समय खा रहे हैं, इतना कि यह अब एक लत में बदल गया है। सोशल मीडिया की लत जल्दी से उस कीमती समय को खा सकती है जो कौशल विकसित करने, प्रियजनों के साथ समय का आनंद लेने या बाहरी दुनिया की खोज में खर्च किया जा सकता है।) -डॉ सत्यवान सौरभ अगर आप समाज से अलग-थलग महसूस करते हैं, और सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स पर ज्यादा समय बिताते हैं तो एक नए...
अडानी भारत के चमकते सितारे

अडानी भारत के चमकते सितारे

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*अडानी भारत के चमकते सितारे* अतीत काल में भारत एक समृद्ध राष्ट्र हुआ करता था, जिस कारण उसे सोने की चिड़िया के नाम से सम्बोधित किया जाता था। समय-समय पर विदेशी आक्रान्ताओं की लूट के कारण भारत को अत्यधिक क्षति उठानी पड़ी और वह गरीब राष्ट्र के रूप में परिवर्तित हो गया। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत ने तीव्र गति से प्रगति की, इसी कारण वह विश्व में सर्वाधिक प्रगतिशील राष्ट्र बन चुका है। आज भारत के लिए गर्व का विषय है कि उसका एक सपूत अल्पकाल में विश्व के सर्वाधिक सम्पन्न व्यक्तियों में 153 अरब डॉलर की सम्पत्ति के साथ द्वितीय पायदान पर पहुँच गया है। अडानी की वर्तमान आय 3 अरब डॉलर प्रतिदिन है, इसी प्रगति के आधार पर वो वर्ष 2022 की समाप्ति से पूर्व ही वह विश्व के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क, जिनकी की कुल सम्पत्ति 253 अरब डॉलर है, को पछाड़ कर सम्पन्नता के प्रथम पायदान पर पहुँच कर सम्पूर्ण विश्व ...
क्या गांधी परिवार को क़बूल है अशोक गहलोत

क्या गांधी परिवार को क़बूल है अशोक गहलोत

Link of debates on various news channel participation by Dialogue India Group Editor Anuj Agarwal
जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “ क्या गांधी परिवार को क़बूल है अशोक गहलोत ?” विषय पर आयोजित बहस में शामिल रहा। बहस का लिंक : https://youtu.be/aTu9evZ1L-U
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने कल सांकेतिक भाषा दिवस मनाया

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने कल सांकेतिक भाषा दिवस मनाया

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सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने कल सांकेतिक भाषा दिवस मनाया भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वावधान में भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (आईएसएलआरटीसी), नई दिल्ली 23 सितंबर, 2022 सांकेतिक भाषा दिवस-2022 मना रहा है। यह कार्यक्रम सी.डी. देशमुख ऑडिटोरियम, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी), नई दिल्ली मे आयोजित हुआ । जब से संयुक्त राष्ट्र ने 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस घोषित किया है, तब से आईएसएलआरटीसी हर साल 23 सितंबर को इसे मनाता है। इस वर्ष गृह मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति (एनआईसी) ने अन्य बातों के साथ-साथ सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) द्वारा 23 सितंबर, 2022 को आयोजित और मनाए जाने वाले 'सांकेतिक भाषा दिवस' ​​कार्यक्रम को 'आजादी का अमृत ...
विदेशी भूमि पर षड्यंत्र

विदेशी भूमि पर षड्यंत्र

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
विदेशी भूमि पर षड्यंत्र जैसा कि मैं पहले भी कई बार लिख चुका हूं कि पूरा विश्व इस समय भारत की ओर शंका की निगाहों से देख रहा है. विकसित देशों को यह अच्छे से समझ आ गया है कि जिस स्पीड से भारत तरक्की कर रहा है बहुत जल्द वह उन सबको पीछे छोड़ देगा. अपनी इस तरक्की का 2040 तक का जो अनुमान था उसको भारत 2030 तक ही पूरा करता हुआ नजर आ रहा है. भारत पहले ही विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही जर्मनी को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनने वाला है इन सब बातों से सशंकित होकर इन विकसित देशों ने भारत के अंदर वही 100 साल पुराना हथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है. बांटो और राज करो? जी हां इस समय भारत के अंदर बहुत बड़े पैमाने पर शांति दूतों को आर्थिक सहायता दी जा रही है और भारत में गृह युद्ध के आसार बनाए जा रहे हैं.  इस बारे में विकसित देशों का एजेंडा यह है कि भारत में बड़े पैमाने पर...
*मज़हब के नाम पर घृणा से मुक्त हो कश्मीरी*

*मज़हब के नाम पर घृणा से मुक्त हो कश्मीरी*

राज्य, विश्लेषण
*मज़हब के नाम पर घृणा से मुक्त हो कश्मीरी* _-बलबीर पुंज_ धारा 370-35ए के संवैधानिक क्षरण से जम्मू-कश्मीर में परिवर्तन की बयार बह रही है। इसी कड़ी में गत दिनों दो अभूतपूर्व घटनाएं सामने आई। इसमें पहली— तीन दशक बाद घाटी में बड़े पर्दे पर सिनेमा की वापसी है, जिसके अंतर्गत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 18 सितंबर को शोपियां और पुलवामा में सिनेमाघरों, तो 20 सितंबर को सोनमर्ग स्थित कश्मीर के पहले 'मल्टीप्लेक्स' का उद्घाटन किया। दूसरा मामला— जम्मू-कश्मीर के अंतिम हिंदू शासक और स्वतंत्र भारत के साथ विलय करने वाले महाराजा हरि सिंह की जयंती (23 सितंबर) पर प्रत्येकवर्ष सार्वजनिक अवकाश की घोषणा से संबंधित है। आखिर इनका निहितार्थ क्या है? यह घटनाक्रम उस जीवंत बहुलतावाद-पंथनिरपेक्षता जीवनमूल्यों को क्षेत्र में पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक और मजबूत प्रयास है, जिसे सांप्रदायिक शेख अब्दुल्ला द्वारा प...
विदेशों में हिन्दुओं पर बढ़ते हमले, जिम्मेदार कौन ?

विदेशों में हिन्दुओं पर बढ़ते हमले, जिम्मेदार कौन ?

TOP STORIES, राष्ट्रीय
विदेशों में हिन्दुओं पर बढ़ते हमले, जिम्मेदार कौन ? मृत्युंजय दीक्षित पाकिस्तान व बांग्लादेश में हिन्दुओं के अमानवीय उत्पीड़न की ह्रदय विदारक घटनाएं पहले ही थमने का नाम नहीं ले रही हैं और अब स्वयं को धर्मनिरपेक्ष तथा शांति प्रिय मानने वाले देशों कनाडा व ब्रिटेन में जा बसे पाकिस्तानियों तथा अन्य मुस्लिमों के द्वारा जिस प्रकार हिंदू मंदिरों व हिंदू समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है वह निश्चय ही बेहद चिंता का विषय है। कनाडा में तो भारत विरोधी खालिस्तानी गैंग पहले से ही सक्रिय है जिसे पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का सहयोग प्राप्त है लेकिन ब्रिटेन में महारानी एलिजाबेथ का अंतिम संस्कार होने के तत्काल बाद ही जिस प्रकार से हिंदू मंदिरों पर हमले हुए वह हैरान करने वाले हैं। कनाडा में ही सबसे पहले मां काली का एक फिल्म के माध्यम से अपमान हुआ फिर कनाडा के टोरंटो में ही खालिस्तानी आतंकवादियों ने हिंद...