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Author: Dialogue India

स्वच्छता से ही स्वस्थ एवं सशक्त भारत संभव

स्वच्छता से ही स्वस्थ एवं सशक्त भारत संभव

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विश्व सफाई दिवस- 24 सितम्बर, 2022 पर विशेष स्वच्छता से ही स्वस्थ एवं सशक्त भारत संभव   ललित गर्ग  हर साल 24 सितंबर को विश्व सफाई दिवस होता है, इस दिवस का उद्देश्य सफाई कार्यों में भाग लेने के लिए समाज के सभी क्षेत्रों को प्रोत्साहित एवं प्रेेरित करके कुप्रबंधित अपशिष्ट संकट के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। व्यक्तियों, सरकारों, निगमों और संगठनों को सफाई में भाग लेने और कुप्रबंधित कचरे से निपटने के लिए समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अस्वच्छता एवं गंदगी दुनिया की बड़ी समस्या है। घर या अपने आसपास संक्रमण फैलने से बचाने और गंदगी के पूर्ण निपटान के लिये हमें ध्यान रखना चाहिये कि कूड़ा केवल कूड़ेदान में ही डालें। साफ-सफाई केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि ये घर, समाज, समुदाय, देश एवं दुनिया के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हमें इसके महत्व और फायदों को समझना चाहिये। हमें स...
आज पूरे विश्व में एकात्म मानववाद के सिद्धांत को अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता

आज पूरे विश्व में एकात्म मानववाद के सिद्धांत को अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता

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25 सितम्बयाल जी उपाध्याय के जन्म दिर 2022 - पंडित दीनदन पर विशेष लेख आज पूरे विश्व में एकात्म मानववाद के सिद्धांत को अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता    पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय का जन्म दिनांक 25 सितम्बर 1916 को नगला चंद्रभान गांव उत्तर प्रदेश में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री भगवतीप्रसाद जी उपाध्याय एवं माता का नाम श्रीमती रामप्यारी उपाध्याय था। बचपन के साथ-साथ आपका पूर्ण जीवन ही बहुत संघर्षमय रहा था। आपकी आयु जब मात्र दो वर्ष की थी, तब वर्ष 2018 में, आपके पिता इस दुनिया से चल बसे थे। इन परिस्थितियों के बीच आपका पालन पोषण आपके नानाजी के घर पर हुआ। परंतु, कुछ समय पश्चात ही आपकी माताजी का भी देहांत हो गया और जब आपकी आयु मात्र 10 वर्ष की थी तब आपके नानाजी भी चल बसे। इस प्रकार आपने बहुत छोटी सी आयु में ही अपने पूरे परिवार को खो दिया था। अब आपको अपने भाई श्री शिवदयाल जी का ही एक मात्र सहारा...
श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग

श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग

धर्म
श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग कवि तोरवे नरहरि (कुमार वाल्मीकि) कृत कन्नड़ रामायण में जाबाली मुनि द्वारा श्रीराम का दु:ख निवारण आदिकवि वाल्मीकिजी की रामायण से प्रभावित होकर भारत में विभिन्न भाषाओं में श्रीरामकथा एवं काव्य की रचना की गई। गोस्वामी तुलसीदासजी के बहुत वर्ष पहले ही इतनी अधिक रामायणें तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम आदि भाषाओं में लिखी और पारायण की जाती रही थी। कन्नड़ भाषा में नागचन्द्र, पौन्न, कुमुदेन्दु, नारायण, विजगुणार्थ, योगीन्द्र, निम्भस प्रभृति कवियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से श्रीरामचरित्र लिखे। भारतीय साहित्य में रामायण-काव्यों की कोई कमी नहीं है। इस महत्वपूर्ण तथ्य को कन्नड़ भाषा के ख्याति प्राप्त कवि 'कुमार व्यासÓ ने बड़े ही हृदय स्पर्शीय पंक्तियों में इस प्रकार व्यक्त किया है। तिणुकिदनु फणिराय रामायणद कविगल भारदलि। तिंर्थिणय रघुवर चरित येलि कालिऽलु तेरपिलु।। रामा...
श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग

श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग

धर्म
श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग नारदजी, ब्रह्माजी और शिवजी भी पक्षिराज गरुड़ का सन्देह-मोह क्यों दूर नहीं कर सके? गिरिजा कहेउँ सो सब इतिहासा। मैं जेहि समय गयउँ खग पासा।। अब सो कथा सुनहु जेहि हेतू। गयउ काग पहिं खग कुल केतू।। जब रघुनाथ कीन्हि रन क्रीड़ा। समुझत चरित होति मोहि ब्रीड़ा।। इंद्रजीत कर आपु बँधायो। तब नारद मुनि गरुड़ पठायो।। श्रीरामचरितमानस उत्तरकाण्ड ५८-१-२ हे गिरिजे! मैंने (शिवजी ने) वह सब इतिहास तुम्हें कहा है कि जिस समय मैं काकभुशुण्डी के पास गया था। अब वह कथा सुनो जिस कारण से पक्षिकुल के ध्वजा गरुड़ उस काक के पास गए थे। जब श्रीरघुनाथजी ने ऐसी रणलीला की जिस लीला का स्मरण करने से मुझे लज्जा होती है- मेघनाद के हाथों अपने को बँधा लिया- तब नारदजी ने गरुड़ को भेजा। सर्पों के भक्षक गरुड़जी ने श्रीराम-लक्ष्मण के नागपाश के बन्धन काटकर उन्हें मुक्त कर चले गए। तब गरुड़जी के हृदय मे...
भारत में अधोसंरचना विकसित कर आर्थिक विकास को दिए जा रहे हैं पंख

भारत में अधोसंरचना विकसित कर आर्थिक विकास को दिए जा रहे हैं पंख

BREAKING NEWS, TOP STORIES, आर्थिक
भारत में अधोसंरचना विकसित कर आर्थिक विकास को दिए जा रहे हैं पंख किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में उस देश की आधारिक संरचना के विकसित होने का बहुत प्रभाव पड़ता है। कच्चे माल एवं निर्मित वस्तुओं को देश के एक कोने से दूसरे कोने  तक पहुंचाने एवं वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात करने के उद्देश्य से इन्हें विनिर्माण इकाई से देश के बंदरगाह तक ले जाने हेतु आधारिक संरचना का विकसित होना बहुत जरूरी है। भारत में भी हाल ही के समय में इस ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देश में न केवल सड़क मार्ग का मजबूत तंत्र खड़ा कर लिया गया है अपितु अब देश में रेल्वे एवं बंदरगाहों का भी एक तरह से कायाकल्प किया जा रहा है। केंद्र सरकार भारत के विभिन्न रेल्वे स्टेशनों के विकास के लिए माडल स्टेशन योजना, मार्डन स्टेशन योजना के साथ आदर्श स्टेशन योजना चला रही है। इन योजनाओं के अंतर्गत देश के कई छोट...
जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “ क्या गांधी परिवार मुक्त होगी कांग्रेस ?

जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “ क्या गांधी परिवार मुक्त होगी कांग्रेस ?

Link of debates on various news channel participation by Dialogue India Group Editor Anuj Agarwal
जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “ क्या गांधी परिवार मुक्त होगी कांग्रेस ?” विषय पर आयोजित बहस में शामिल रहा। बहस का लिंक़ :
ईरान में हिजाब पर कोहराम

ईरान में हिजाब पर कोहराम

BREAKING NEWS, विश्लेषण, सामाजिक
ईरान में हिजाब पर कोहराम* *डॉ वेदप्रताप वैदिक* मुस्लिम औरतें हिजाब पहने या नहीं, इस मुद्दे को लेकर ईरान में जबर्दस्त कोहराम मचा हुआ है। जगह-जगह हिजाब के विरूद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई लोग हताहत हो चुके हैं। तेहरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हड़ताल कर दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खोमनई के खिलाफ खुले-आम नारे लग रहे हैं। विभिन्न शहरों और गांवों में हजारों पुलिसवाले तैनात कर दिए गए हैं। ऐसा लग रहा है कि ईरान में शहंशाह के खिलाफ जो माहौल सन 1975-78 में देखने में आया था, उसकी पुनरावृत्ति हो रही है। कई बड़े शिया नेता भी हिजाब का विरोध करने लगे हैं। यह कोहराम इसलिए शुरु हुआ है कि महसा आमीनी (22 साल) नामक युवती को तेहरान में गिरफ्तार कर लिया गया था, क्योंकि उसने हिजाब नहीं पहना हुआ था। गिरफ्तारी के तीन दिन बाद 16 सितंबर को जेल में ही उसकी मौत हो गई। उसके सिर तथा अन्य अंगों पर...
अलविदा राजू श्रीवास्तव, अब सबको कौन हंसायेगा

अलविदा राजू श्रीवास्तव, अब सबको कौन हंसायेगा

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
अलविदा राजू श्रीवास्तव, अब सबको कौन हंसायेगा आर.के. सिन्हा राजू श्रीवास्तव की सेहत को लेकर बीच-बीच में खबरें आने लगीं थीं कि वे कुछ बेहतर हो रहे हैं। उनके स्वास्थ्य में कुछ सुधार हो रहा है। पिछले सप्ताह जब मैं उन्हें देखने एम्स गया था। जब उनकी श्रीमती जी ने आवाज़ लगाई कि “आर. के. भाई साहब आये हैं तो उन्होंने आंखें खोलने की असफल चेष्टा भी की थी।“ एक उम्मीद बंधने लगी थी कि वे फिर से ठीक होकर देश को अपने चुटीले व्यंग्यों से हंसानें लगेंगे। पर अफसोस कि राजू श्रीवास्तव नहीं रहे। एम्स जैसे प्रख्यात अस्पताल के डॉक्टर भी उन्हें बचा न सके। कानपुर से मुंबई जाकर अपने फिल्मी करियर को बनाने-संवारने गए राजू श्रीवास्तव ने सफलता को पाने से पहले बहुत पापड़ बेले थे। राजू श्रीवास्तव ने स्टैंड अप कॉमेडियन के रूप में अपनी साफ-सुथरी क़मेडी से करोड़ों लोगों को आनंद के पल दिये हैं। उनके काम में ...
सबको रुला गये हमेशा हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव

सबको रुला गये हमेशा हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव

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सबको रुला गये हमेशा हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव  ललित गर्ग कॉमेडी की दुनिया के सबसे चर्चित कॉमेडियन्स में से एक राजू श्रीवास्तव 21 सितंबर 2022 को 41 दिन से चल रही जीवन और मृत्यु के बीच की जंग हार गए। आज सुबह कॉमेडियन का दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में निधन हो गया। स्टैंड अप कॉमेडी के जरिए सबको हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव के निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। सभी जगह गम का मौहाल हैं, वे एक अच्छे कॉमेडियन होने के साथ साथ बहुत अच्छे इंसान भी थे। उन्होंने अपनी प्रतिभा एवं मेहनत से बहुत नाम कमाया। उनका एक विशिष्ट अंदाज था, उन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा से सभी को न केवल प्रभावित किया बल्कि असंख्य दिलों पर राज किया। उनका निधन कला जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। हंसते-हंसाते आप ऐसे चले गये कि मनोरंजन जगत में कभी न भरने वाला एक बड़ा शून्य छोड़ गये।हास्य अभिनेता का अर्थ वह अभिनेता होता है जो ...
गंगा का लाल सम्मान समरोह का भव्य आयोजन, केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की जमकर तारीफ़

गंगा का लाल सम्मान समरोह का भव्य आयोजन, केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की जमकर तारीफ़

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गंगा का लाल सम्मान समरोह का भव्य आयोजन, केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की जमकर तारीफ़* पृथ्वी पर विद्यमान जीवन का सबसे जरूरी स्रोत जल है और मानव जीवन के सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिए जल की आवश्यकता है। परन्तु जिस तरह से लगातार जल प्रदूषित हो रहे हैं और शुद्ध जल स्रोतों में कमी आ रही है उससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में हमें भारी जल संकट का सामना करना पड़ेगा| हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध जल बचाने की जरुरत है। जल संकट से निपटने, उसकी समस्या एवं समाधान के लिए बुधवार, 21 सितंबर 2022 को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में दोपहर 4 बजे से ‘गंगा का लाल’ कार्यक्रम का अयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जी ने कहा कि भारत के सामने दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि यहां कई जलवायु क्षेत्र है। यहा...