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Author: Dialogue India

कोरोना काल और दुर्बल होता मानसिक स्वास्थ्य

कोरोना काल और दुर्बल होता मानसिक स्वास्थ्य

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कोरोना बचपन के महत्वपूर्ण क्षणों को निगल रहा है |भारत समेत दुनिया में कोरोना संक्रमण के फैलाव के कारण लगाये गये प्रतिबंधों का असर बच्चों एवं किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है| इन दिनों अपने घरों में सीमित होने की वजह से बच्चे न तो अपने दोस्तों से मिल पा रहे हैं और न ही वे पसंदीदा खेल खेल पा रहे हैं| वे सामान्य सामाजिक सपंर्क से भी कट गये हैं, जो उनकी दिनचर्या का एक हिस्सा था| वे बचपन के महत्वपूर्ण क्षणों को जीने से वंचित हो रहे हैं| इन बच्चों में से कई के माता-पिता लालन-पालन से जुड़ी सलाह के लिए मनोचिकित्सकों के पास जा रहे हैं|अनेक देशों में  माता-पिता भी इन दिनों मानसिक समस्या, जैसे- चिंता एवं नींद की कमी, से जूझ रहे हैं| कोरोना की स्थिति का मनोवैज्ञानिक प्रभाव सभी वर्गों पर है, लेकिन बच्चों एवं किशोरों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है क्योंकि वे अक्सर अपने दैनिक जीवन और गतिविधियों म...
पाक फिजाइया +प्लाफ़ बनाम  भारतीय वायुसेना

पाक फिजाइया +प्लाफ़ बनाम भारतीय वायुसेना

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1965 युद्ध में हम से चार गुणा छोटा मुल्क पाकिस्तान हमारी एयरफोर्स पर भारी पड़ गया था। उस युद्ध में पाकिस्तान के पास अधिक गुणवत्ता वाले अमरीकी F86 Sabre और ब्रिटिश Starfighter विमान थे जबकि भारत के पास Gnats, Mysteres, रात को न उड़ पाने वाले हंटर और धीमी गति से उड़ने वाले वैम्पायर एयरक्राफ्ट थे। उन दिनों पाकिस्तान अमेरिकी खेमे में था और उसे उस वक्त अमेरिका से भरपूर मदद मिल रही थी। उन्हें अमेरिका ने लेटेस्ट रडार सिस्टम दिए थे जिससे भारतीय विमानों पर नजर रखना आसान था। 1965 के युद्ध में भारत ने अपनी थल सेना की मदद के लिए पाक सेना पर सबसे पहला हवाई हमला 1 सितंबर को शुरू किया जिसमें 12 वैम्पायर और 14 मिस्टेरे जहाज थे। पाकिस्तान ने जवाब में F-86 साबरे ने 4 वैम्पायर विमान मार गिराए। पहले ही हमले की नाकामयाबी के बाद भारत ने वैम्पायर विमान हटा लिए। बकौल एयर फोर्स मार्शल अर्जुन सिंह  "भारत को स्ति...

भारतीय नाइट्रोजन अनुसंधान के अग्रणी वैज्ञानिक प्रो. यशपाल अबरोल का निधन

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नई दिल्ली, 29 जुलाई (इंडिया साइंस वायर): भारत में नाइट्रोजन अनुसंधान से जुड़े अग्रणी वैज्ञानिक प्रोफेसर यशपाल अबरोल का मंगलवार को निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। प्रोफेसर अबरोल का निधन ऐसे समय में हुआ है जब दुनियाभर में नाइट्रोजन अनुसंधान कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में, भारतीय नाइट्रोजन अनुसंधान से जुड़े एक प्रमुख वैज्ञानिक के निधन से इस अभियान को क्षति पहुँचना स्वाभाविक है। प्रोफेसर अबरोल को प्राकृतिक संरक्षण से जुड़े उनके कार्यों के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। सोसायटी फॉर कन्जर्वेशन ऑफ नेचर और सस्टेनेबल इंडिया ट्रस्ट जैसी संस्थाओं के संस्थापक के रूप में उन्होंने प्राकृतिक संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है। वह अंत समय तक इन संस्थाओं की देखरेख से जुड़े हुए प्रो. यशपाल अबरोल सस्टेनेबल इंडिया ट्रस्ट के ट्र...
नई शिक्षा नीति-मातृभाषा में पढ़ोगे तो बनोगे गुरुदेव और राजेन्द्र प्रसाद

नई शिक्षा नीति-मातृभाषा में पढ़ोगे तो बनोगे गुरुदेव और राजेन्द्र प्रसाद

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नई शिक्षा नीति-2020 की घोषणा हो गई है। इसके विभिन्न बिन्दुओं पर बहस तो  होगी ही । पर इसने एक बड़े और महत्वपूर्ण दिशा में कदम बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया है। उदाहरण के रूप में नई शिक्षा नीति में पाँचवी क्लास तक मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को ही पढ़ाई का माध्यम रखने की बात कही गई है। इसे क्लास आठ या उससे आगे तक भी बढ़ाया जा सकता है। विदेशी भाषाओं की पढ़ाई सेकेंडरी स्तर  से होगी।  नई शिक्षा नीति में यह भी कहा गया है कि किसी भी भाषा को विद्यार्थियों पर जबरदस्ती थोपा नहीं जाएगा। यह बार-बार सिद्ध हो चुका है कि बच्चा सबसे आराम से सहज भाव से अपनी भाषा में पढाए जाने पर उसे तत्काल ग्रहण करता है । जैसे ही उसे मातृभाषा की जगह किसी अन्य भाषा में पढ़ाया जाने लगता है, तब ही गड़बड़ चालू हो जाती है। जो बच्चे अपनी मातृभाषा में शुरू से ही पढ़ना चालू करते हैं उनके लिए शिक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभाव...
क्या नई शिक्षा नीति से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे?

क्या नई शिक्षा नीति से शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आएंगे?

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  (हमारे प्राचीन शैक्षिणिक इतिहास, उपलब्धियों, गलतफहमी का जायजा लेने और 21 वीं सदी के भारत के लिए भविष्य की शिक्षा योजना का चार्ट सही समय परआया है। पेशेवर योग्य शिक्षकों की कमी और गैर-शैक्षिक उद्देश्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती में वृद्धि ने हमारी शिक्षा व्यवस्था को त्रस्त कर दिया है।)   भारत में ज्ञान प्रदान करने की एक अति समृद्ध परंपरा रही है। 'गुरुकुल' प्राचीन भारत में एक प्रकार की शिक्षा प्रणाली थी जिसमें एक ही घर में गुरु के साथ रहने वाले शिष्य (छात्र) थे। नालंदा इस  दुनिया में शिक्षा का सबसे पुराना विश्वविद्यालय-तंत्र था। दुनिया भर के छात्र भारतीय ज्ञान प्रणालियों से आकर्षित और अचंभित थे। आधुनिक ज्ञान प्रणाली की कई शाखाओं की उत्पत्ति भारत में हुई थी। प्राचीन भारत में शिक्षा को एक उच्च गुण माने ज...

प्रिंट मीडिया में सरकारी विज्ञापनों के लिए MIB ने जारी कीं ये गाइडलाइंस

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सूचना प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाले ‘ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ (BOC) ने प्रिंट मीडिया एडवर्टाइजमेंट पॉलिसी पेश की है। ये एक अगस्त से प्रभावी होगी। इस बारे में जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि सरकार के सभी मंत्रालय या विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्वायत्त निकाय और सोसायटीज, केंद्रीय विश्वविद्यालय और भारत सरकार के सभी शैक्षणिक संस्थान अपने डिस्पले विज्ञापनों को  ‘ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ के माध्यम से देंगे। हालांकि, वे क्लासीफाइड विज्ञापन जैसे(टेंडर नोटिस, नीलामी सूचना, भर्ती विज्ञापन आदि) बीओसी से सूचीबद्ध (empanelled) पब्लिकेशंस को बीओसी की दरों पर जारी कर सकते हैं और भर्ती संबंधी अपने विज्ञापन सीधे रोजगार समाचार (Employment News) में बीओसी की दरों पर पब्लिश करा सकते हैं। इसमें आगे कहा गया है कि सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने के इच्छुक पब्लिकेशंस के आवेदनों प...

सामाजिक परिवर्तन के लिए जातिगत नामों की सख्त मनाही होनी चाहिए

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सरकारी महकमों, सभी वाहनों और राजनीति में केवल प्रथम नाम को तरजीह का सख्त कानून देश भर में जल्द लागू किया जाये. जातिगत गीतों, लेख, कविताओं पर पूर्ण प्रतिबन्ध का प्रावधान शांति पूर्ण समाज और समरसता के लिए बेहद जरूरी है. हाल ही में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस,आर्म्ड बटालियन,जयपुर राजस्थान ने एक पत्र अपने सभी कमांडेंट को जारी किया है जिसमें सभी बटालियन के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि उनके सभी अधिकारी और अधीनस्थ कर्मी अपनी वर्दी, अपने ऑफिस के कमरे के बाहर या अपनी टेबल की नाम पट्टिका पर लिखे गए नाम के साथ जातिगत या गोत्रगत नाम नहीं लगाएंगे और सरकारी आदेशों में इनका प्रयोग न करके केवल अपने प्रथम नाम से पुकारे या जाने जायँगे.  नाम पट्टिका पर  व आदेशों  और निर्देशों में पूरा स्टाफ अपना नाम व बेल्ट नंबर ही इस्तेमाल करेगा. क्या जबरदस्त आदेश आया है?  वास्तव में ऐसा ही हमारे देश के हर सरकारी महकमे ...

Let the Ganga Flow Free!

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Amidst the Nation wide Lockdown that's yet to open up in many places, there's a worrisome development taking place in Central Himalayan region. Dams are being built that are a serious threat to all the Ecology and diversity of the region. And all of this is happening unchecked or unmonitored.    Meanwhile, the Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC) has been proactive in giving green light to many dams/projects.  Five hydel projects of Sikkim, West Bengal and Uttarakhand are being considered by the Environmental Appraisal Committee of the River Valley and Hydroelectric Project today on 29-7-2020.  This includes the Vishnugad-Peepalkoti hydro power project (444MW) on the Alaknanda Ganga by taking loan from the World Bank. This is an attempt to lock the Ganges. &n...

Is that milk safe?

प्रेस विज्ञप्ति, सामाजिक
New Delhi, July 29, 2020: India is the world’s largest milk producer; it produced a massive 188 million tonnes in 2018-19. Urban areas consume 52 per cent of this milk, and the unorganised sector, comprising milkmen and contractors, caters to 60 per cent of this consumer base; the remaining demand is met by dairy cooperatives and private dairies which represent the organised sector. But how healthy is the milk that we consume?   An online meeting and consultation of key stakeholders, organisedhere on July 28 by Centre for Science and Environment (CSE)on the subject of antibiotic use in the Indian dairy sector, put the spotlight on this question and its answers. The event was attended by a wide spectrum of experts and participants from the Food Safety and Standards Authority of I...
Time for oppressed Sikhs in Pakistan and Afghanistan to move back to India?

Time for oppressed Sikhs in Pakistan and Afghanistan to move back to India?

सामाजिक
After getting out of the clutches of swiftly thriving demonic natured, Talibani, in a group of Sikhs with their women and children has reached Delhi. Under Citizenship Amendment Act (CAA), it will be easy for them now to get Indian citizenship easily. It has become almost impossible for Hindus and Sikhs to reside in Afghanistan and Pakistan now. They are oppressed and tortured continuously by Talibani hooligans and other radical Islamic terrorist outfits. They are ill treated and pressurised to convert to Islam. Their women are kidnapped, raped married forcefully and are converted to islam. Hindu temples were attacked and hardly any temple is able to withstand Talibani and communal aggression in Afghanistan. A few Gurudwaras are still left. Hindus and Sikhs are brutally murdered these day...