Shadow

Author: Dialogue India

निजी स्कूल संचालको और शिक्षा माफियाओं के दबाव से हटकर ले स्कूल खोलने का फैसला

निजी स्कूल संचालको और शिक्षा माफियाओं के दबाव से हटकर ले स्कूल खोलने का फैसला

addtop, EXCLUSIVE NEWS, Today News, TOP STORIES, Uncategorized, राज्य, राष्ट्रीय, विश्लेषण, समाचार, सामाजिक
कोरोना संकट के बीच में शिक्षा मंत्रालय ने आदेश जारी किया है कि राज्य सरकार चाहे तो जुलाई से स्कूलों को खोल सकती है। इसी बीच करीब 5 से ज्यादा राज्य सरकारों ने जुलाई से स्कूलों को खोलने के आदेश भी जारी कर दिए हैं मगर प्रश्न और चिंता की बात ये है कि क्या स्वास्थ्य मानकों को पूरा करते हुए स्कूल प्रबंधन स्कूल खोलने को तैयार है और पूरे देश भर में क्या जुलाई से खुलने वाले स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों को भेजने को तैयार भी है या फिर वो इस वक्त अपने बच्चों के भविष्य और जान को लेकर असमंजस कि स्थिति में है.स्कूल खुले तो कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि अभी लगातार कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। ऐसे बिगड़े हालात में अगर स्कूल खुले और बच्चों को विद्यालय भेजा गया तो संक्रमण फैलाव पर काबू पाना और भी मुश्किल हो जाएगा। अधिका...
डॉo एसo अनुकृति बनी विश्वबैंक में अर्थशास्त्री

डॉo एसo अनुकृति बनी विश्वबैंक में अर्थशास्त्री

addtop, CURRENT ISSUE, EXCLUSIVE NEWS, Uncategorized, मल्टीमीडिया, राज्य, राष्ट्रीय, समाचार
  वो कहते हैं न हौसले बुलंद हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कामयाबी की छलांग लगाई जा सकती है। कुछ ऐसी ही कहानी है हरियाणा की अनुकृति की, अनुकृति ने ये साबित कर दिखाया है कि बेटियों की जिंदगी सिर्फ चूल्हा-चौके तक सीमित रखना अब पुरानी बात हो गई है। आज बेटियां हर क्षेत्र में अपने परिवार और देश का नाम रोशन कर रही हैं। गरीबों की पढ़ी-लिखी और आगे बढ़ीं चाहें वो देश की बेटी हिमा दास हो या फिर कुश्ती के मैदान में अपना परचम लहराने वालीं फोगाट सिस्टर्स। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि मुहिम है। हरियाणा की बेटियां ने विश्व में नाम रोशन कर भारत को गौरवान्वित किया है। सभी यदि बेटियों की नींव को मजबूत करने में सहयोग करेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब भारत दोबारा से विश्व गुरु बन जाएगा। हरियाणा के नारनौल में 23...
मोर्चे पर महिलाओं के बढ़ते कदम

मोर्चे पर महिलाओं के बढ़ते कदम

CURRENT ISSUE, TOP STORIES, Uncategorized, राज्य, राष्ट्रीय, सामाजिक
भारत में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन और कमांडिंग ऑफिसर के स्तर तक उठने के समान अवसर के लिए रास्ता साफ कर दिया तो उधर पाकिस्तान में पहली महिला जनरल की खबर सुर्ख़ियों में है. दुनिया में आज हर क्षेत्र में महिलायें आगे बढ़ रही है और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रही हैं. भारतीय इतिहास नारी की त्याग-तपस्या की गाथाओं से भरा पड़ा है। किसी युग में महिलाएं पुरुषों से कमतर नहीं रहीं। वैदिक युग में महिलाएं युद्ध में भी भाग लेती थीं। हालांकि, मध्यकाल के पुरुषवादी समाज ने नारी को कुंठित मर्यादाओं के नाम पर चार-दीवारी में कैद कर रखने में कोई कसर नहीं छोडी, परन्तु तब भी महिलाओं ने माता जीजाबाई और रानी दुर्गावती की तरह न केवल शास्त्रों से, अपितु शस्त्रों का वरण कर राष्ट्र की एकता और संप्रभुता की रक्षा की। वर्तमान में केवल भारतीय वायुसेना ही लड़ाकू पायलट ...
अनलाॅक भी लाॅकडाउन जैसा बंदिशों भरा

अनलाॅक भी लाॅकडाउन जैसा बंदिशों भरा

addtop, BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, Today News, TOP STORIES, राज्य, राष्ट्रीय, विश्लेषण, समाचार, सामाजिक
कोरोना महामारी ने हमारे जीवन के मायने ही बदल दिये है, संकट अभी भी चहूं ओर पसरा हुआ है, भले सरकार की जागरूकता, प्रयत्नों एवं योजनाओं ने जनजीवन में आशा का संचार किया हो, लेकिन इस महाव्याधि मुक्ति के लिये अभी लम्बा संघर्ष करना होगा, मानव निर्मित कारणों से जो कोरोना महासंकट हमारे सामने खड़ा है उसका समाधान भी हमंे ही खोजना होगा, उसके लिये धैर्य, संयम एवं विवेक का प्रदर्शन करना होगा। देश लॉकडाउन के नए फेज में प्रवेश कर गया है जिसे अनलॉक 2.0 कहा गया है। लॉकडाउन के चलते घरों में बंद लोग ऊब चुके हैं, उनके आर्थिक संसाधन चरचरा रहे हैं, बंदिशों को लेकर उनमें छटपटाहट है। उन्हें यह उम्मीद थी कि अनलॉक 1.0 में जितनी छूटें उन्हें मिली थीं, उसके अधिक छूटें इस दूसरे अनलॉक में भी मिलेंगी और कुल मिलाकर बंदिशें इतनी कम हो जाएंगी कि कुछ सावधानियों के साथ वे सामान्य जीवन का आनंद ले पाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं ह...
स्वामी विवेकानन्द थे भारतीयता की संजीवनी बूंटी

स्वामी विवेकानन्द थे भारतीयता की संजीवनी बूंटी

TOP STORIES, Uncategorized, संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक, साहित्य संवाद
महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका मानवहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी होता है और युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। स्वामी विवेकानंद हमारे ऐसे ही एक प्रकाश-स्तंभ हैं, वे भारतीय संस्कृति एवं भारतीयता के प्रखर प्रवक्ता, युगीन समस्याओं के समाधायक, अध्यात्म और विज्ञान के समन्वयक एवं आध्यात्मिक सोच के साथ पूरी दुनिया को वेदों और शास्त्रों का ज्ञान देने वाले एक महामनीषी युगपुरुष थे। जिन्होंने 4 जुलाई 1902 को महासमाधि धारण कर प्राण त्याग दिए थे। स्वामी विवेकानन्द का संन्यास एवं संतता संसार की चिन्ताओं से मुक्ति या पलायन नहीं था। वे अच्छे दार्शनिक, अध्येता, विचारक, समाज-सुधारक एवं प्राचीन परम्परा के भाष्यकार थे। काल के भाल पर कुंकुम उकेरने वाले वे सिद्धपुरुष हंै। वे नैतिक मूल्यों के विकास एवं युवा चेतना के जागरण हेतु कटिबद्ध, मानवीय मूल्यों के पुनरुत्थान के सजग ...
Regulation of NGOs necessary

Regulation of NGOs necessary

TOP STORIES, Uncategorized, राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
Intelligence Bureau report indicated about misuse of Indian NGOs for anti-national agenda by foreign-contributors where it was revealed that India GDP has been adversely affected to big extent of 2-3 percent through such foreign-funded NGOs. Many NGOs are said to have been funded for cultural evasion in India. Foreign-funded NGOs spend in rupees and receive funds in dollars by sending these foreign-contributors exaggerated photos and videos of events to get huge foreign-funding. Many NGOs are tools to divert foreign-funds of individuals. It may be that some foreign powers may be funding Indian NGOs solely with aim of disruption in governance to destabilise the country. Siphoning of government-funds for NGOs run by influential ones in political and bureaucratic circles in name of their f...
झूठ इमरान का और सच बलूचिस्तान में विद्रोह का

झूठ इमरान का और सच बलूचिस्तान में विद्रोह का

addtop, BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, Today News, TOP STORIES, Uncategorized, राज्य, राष्ट्रीय, विश्लेषण, समाचार, सामाजिक
इमरान खान को अपने मुल्क में लग रही आग दिखाई नहीं दे रही है। वे समझ ही नहीं पा रहे हैं, या जानना ही नहीं चाहते कि पाकिस्तान के कब्जे की विवादित बलूचिस्तान सूबे में विद्रोह की चिंगारी भड़क चुकी है। पाकिस्तान के क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़े प्रान्त बलूचिस्तान  में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी नाम का संगठन किसी भी सूरत में पाकिस्तान से अपने बलूचिस्तान को अलग करना चाहता है। इसके लिए यह संगठन अब हिंसक रास्ते पर चल पड़ा है। पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची के स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग में बीते दिनों हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी भी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ही ली। पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश की संसद में बेशर्मी से दावा कर रहे हैं कि कराची में आतंकी घटना के पीछे भारत का हाथ है। आतंकी हमले के अगले ही दिन उन्होंने इस तरह का बिना किसी तथ्य का यह खोखला दावा कर दिया। हालांकि, उससे पह...

WHY RELIANCE INDUSTRIES SHIFTING FOCUS AWAY FROM INDIAN PETROCHEMICAL SECTOR ?

addtop, BREAKING NEWS, CURRENT ISSUE, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, आर्थिक
Reliance Industries Ltd. (R I L) , a large Indian company ,  has expanded  and grown in a spectacular manner   during the last few  decades, like of which no industrial group in India has performed  before. RIL is now involved in multi various activities relating to  petroleum refineries, petrochemicals, oil and gas exploration,  coal bed methane, life sciences,  retail business, communication network,  ( Jio platform)  media/entertainment  etc. While these activities may look unrelated for an observer,  Mukesh Ambani , the chief architect of RIL seems to  view them as related activities, as all of them have money making potentials. Recently, Mukesh Ambani has gone for diversification projects in consumer sector . RIL’s  performance in refinery, petrochemical and oil & gas explora...
Do not divide army in name of state or religion

Do not divide army in name of state or religion

addtop, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
  Defence commanded respect. It was like a holy cow. Nobody spoke ill of it. Defence personnel were kept in high esteem. In films, literature and other areas they were highly praised. Cut to Sonia and Rahul era. There is a new dawn. Not so beautiful. Questions are being asked about their bravery. Doubts are being expressed over their success. They are being dragged into controversies. It is alright when they attack the Prime Minister,his government,his policies and programmes.He is not from the same party and the aim could be to see his back in next election.But the armymen cannot be removed after five years.They are there defending the borders,keeping away our enemies and giving us peaceful nights.To attack those who defend us is the worst crime.Those doing it are the country's e...