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Author: Dialogue India

कूटनीति एवं राजनीति : अंधेरी सुरंग – अनुज अग्रवाल

कूटनीति एवं राजनीति : अंधेरी सुरंग – अनुज अग्रवाल

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
भारत अब अगले एक वर्ष तक G -20 समूह का अध्यक्ष है। दुनिया के अकेले प्रभावी वैश्विक संगठन जो की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, का अध्यक्ष होना निश्चित ही हर भारतवासी के लिए गर्व व उपलब्धि की बात है। मगर जिन अनिश्चित व बिगड़ी हुई वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत G20 समूह का अध्यक्ष बना है वे एक चुनौती की तरह हैं। दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर है। नई विश्व व्यवस्था के लिए संघर्ष तीव्र होते जा रहे हैं। अमेरिका - चीन विश्व युद्ध व रुस - यूक्रेन युद्ध अब सीधा सीधा चीन - नाटो व्यापार युद्ध व रूस - नाटो युद्ध में बदलता जा रहा है। कोविड के बाद के झटकों से दुनिया उबर नहीं पा रही है कि अब उसकी नई लहर फिर से उभर रही है। पोस्ट कोविड बीमारियां व वैक्सीन के दुष्प्रभाव से हो रही मौतें हर जगह क़हर बरपा रही हैं तो अनेक नई बीमारियाँ हमारे दरवाज़े पर दस्तक दे रही हैं। उस पर मेडिकल माफिया नित ...
वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है उत्तर प्रदेश

वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है उत्तर प्रदेश

Current Affaires, Today News, राज्य
मृत्युंजय दीक्षित  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार प्रदेश को अपराधमुक्त, दंगामुक्त तथा  भयमुक्त  बनाने के बाद आर्थिक विकास के लिए संकल्पवान होकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है जिसका स्पष्ट परिणाम भी दिखलाई आता दिखाई दे रहा  है।  प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए  रखा एक ट्रिलियन डालर का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। फरवरी -2023 में लखनऊ में आयोजित होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले ही प्रदेश को निवेश के प्रस्ताव मिलने प्रारंभ  हो गए हैं। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए  प्रदेश के मुख्यमंत्री व कैबिनेट के अनेक मंत्री विदेशों का दौरा करने जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पूर्व अभी दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गय...
अमीरी गरीबी में बढ़ती खाई राजनीति मुद्दा क्यों नहीं?

अमीरी गरीबी में बढ़ती खाई राजनीति मुद्दा क्यों नहीं?

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ललित गर्ग गुजरात के विधानसभा चुनाव का एक मुख्य मुद्दा अमीरी गरीबी के बढ़ते फासले एवं गरीबों की दुर्दशा का होना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से यह मुद्दा कभी भी चुनावी मुद्दा नहीं बनता। अमीर अधिक अमीर हो रहे हैं और गरीब अधिक गरीब। गौतम अडाणी एवं मुकेश अंबानी के दिन दोगुने रात चौगुने फैलते साम्राज्य पर उंगली उठाई जानी चाहिए, पर कोई भी राजनीतिक दल यह नहीं कर पा रहे हैं। विपक्ष के सामने इससे अच्छा क्या मुद्दा हो सकता है? इस मामले में राहुल गांधी ने पहली बार अपनी भारत जोड़ो यात्रा में यह मुद्दा उठाकर अपने राजनीतिक कद को तनिक ऊंचाई दी है। उनके कारण कम से कम अमीर और गरीब के बीच बढ़ती हुई खाई का सवाल देश के मानस पटल पर दर्ज हुआ है। राहुल गांधी ने लगातार गरीबों की दुर्दशा और अमीरों की बढ़ती दौलत का सवाल उठाया है। राजनीति से इतर अर्थशास्त्रियों और विश्व की नामचीन संस्थाओं की रपटों में यह सवाल लगातार ...
3 डी नेविगेशन तकनीक : स्पाइनल सर्जरी को आसान बनाती है

3 डी नेविगेशन तकनीक : स्पाइनल सर्जरी को आसान बनाती है

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार
डॉ. अरविंद कुलकर्णी हेड, मुंबई स्पाइन स्कोलियोसिस एंड डिस्क रिप्लेसमेंट सेंटर बॉम्बे हॉस्पिटल मुंबई लैमिनेक्टॉमी और लंबर फ्यूजन जैसी पुराने चलन वाली स्पाइनल सर्जरी बेहद मुश्किल और दर्दनाक होती है। यह तकनीक एक अत्यधिक कुशल विशेषज्ञ की मांग करती है। लेकिन टेक्नोलॉजी में प्रगति के साथ, आज स्पाइनल नेविगेशन टेक्नोलॉजी ने इलाज की पूरी प्रक्रिया को बदल कर रख दिया है। आज सभी न्यूरोसर्जन, गंभीर और मुश्किल स्पाइनल सर्जरी के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इमेज आधारित इस टेक्नोलॉजी ने स्पाइनल सर्जरी को बेहद आसान बना दिया है, जहां सर्जन बेहतर विजुअल्स (समस्या वाली जगह के दृश्य) के साथ बिल्कुल सटीक सर्जरी कर पाते हैं, जो पुरानी तकनीक के साथ बिल्कुल भी संभव नहीं है। नेविगेशन सिस्टम का कैमरा मरीज की रीढ़ को स्कैन करके साफ  विजुअल्स देता है। इमेज-आधारित यह टेक्नोलॉजी सटीक स्पाइनल ...
राहुल गांधी जैसे विधर्मियों, ईसाईयो व कसाइयों को मठ-मंदिरों में प्रवेश से वंचित करो

राहुल गांधी जैसे विधर्मियों, ईसाईयो व कसाइयों को मठ-मंदिरों में प्रवेश से वंचित करो

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, सामाजिक
राष्ट्र-चिंतन*   *आचार्य श्री विष्णुगुप्त*  राहुल गांधी अभी-अभी उज्जैन के महाकाल मंदिर में घुसा और दर्शन के नाम पर भरपूर मनोरंजन किया। राहुल गांधी के इस मनोरंजन खेल को न तो मूर्ख हिन्दू समझेंगे और न ही सेक्युलर हिन्दू समझेंगे, महाकाल जैसे मंदिरों के पुजारियों और मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य भी नहीं समझेंगे। उपर्युक्त टिप्पनियां सोशल मीडिया पर खूब चली, इस तरह की टिप्पणियों के सहचर लोगों का गुस्सा यह है कि राहुल गांधी जैसे विधर्मियों और गैर हिन्दुओं का प्रवेश मंदिरों और मठों में क्यों होना चाहिए? विधर्मियों और गैर हिन्दुओं का मठ-मंदिरों में प्रवेश उसी तरह से निषेध होना चाहिए जिस तरह से मक्का मदीना में गैर मुसलमानों का प्रवेश निषेध है। यानी कि अब स्वाभिमानी हिन्दू अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए मक्का-मदीना जैसा विकल्प चाहते हैं।            ईसाई और मु...
हम कब अपने नायकों को पहचानेंगे?

हम कब अपने नायकों को पहचानेंगे?

BREAKING NEWS, CURRENT ISSUE
 बलबीर पुंज जो राष्ट्र अपने नायकों को नहीं पहचानता, उनका सम्मान नहीं करता— वह जीवित रहने का अधिकार खो देता है। पहले भारत का तीन हिस्सों (खंडित भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश) में विभाजित होना, फिर कश्मीर के एक तिहाई पर कब्जा हो जाना और 1962 के चीन युद्ध में देश की शर्मनाक हार होना— इसी रोग के कुछ लक्षण है। 'देर आए दुरुस्त आए'— एक पुरानी कहावत है, जो दिल्ली में 23-25 नवंबर को संपन्न हुए कार्यक्रम पर बिल्कुल चरितार्थ होती है। असम के अहोम योद्धा लाचित बोरफुकन की 400वीं जयंती पर दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसके समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का इतिहास केवल गुलामों का नहीं, योद्धाओं का भी है। किंतु देश के वीरों का इतिहास दबाया गया। क्या यह सत्य नहीं कि मार्क्स-मैकॉले मानस प्रेरित इतिहासकारों ने भारतीय इतिहास को सर्वाधिक विकृत...
राहुल गांधी की जिहादी और पाकिस्तान जोड़ो यात्रा

राहुल गांधी की जिहादी और पाकिस्तान जोड़ो यात्रा

TOP STORIES, राष्ट्रीय
राष्ट्र-चिंतन पाकिस्तान जिंदाबाद  के नारेबाजों को भारत की नागरिकता से वंचित करो   आचार्य श्री विष्णुगुप्त ==================== राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में भी पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग गये, वह भी सरेआम और बेखौफ। इतना ही नहीं बल्कि कांग्रेस ने गर्व के साथ अपने ट्विटर हैंडल पर पाकिस्तान जिंदाबाज के नारे से संबंधित वीडीओ पोस्ट कर दिया। इस पर राजनीतिक बवाल तो मचना ही था, बवाल मचा भी। भाजपा ने इस आग में घी डाल कर कांग्रेस की साख और देशभक्ति तथा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का न केवल पाकिस्तान से जोड़ दिया बल्कि भारत जोडो यात्रा का पाकिस्तानी करण-जिहादीकरण  भी कर दिया तथा इस यात्रा को भारत विखंडन की यात्रा भी बता दिया। राजनीति में प्रतिद्वदी तो अवसर के ताक में ही होते हैं, भाजपा को अवसर मिला और भाजपा ने अवसर को खूब भंजाया भी। सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हुई और क...
राहुल क्यों करे मोदी की नकल?

राहुल क्यों करे मोदी की नकल?

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
डॉ. वेदप्रताप वैदिक लोकतंत्र में सभी नेताओं और दलों को स्वतंत्रता होती है कि यदि वे करना चाहें तो हर किसी की आलोचना करें लेकिन आजकल नेता लोग एक-दूसरे की निंदा करने और नकल करने में नए-नए प्रतिमान कायम कर रहे हैं। राहुल गांधी को देखकर लगता है कि नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी भाई-भाई हैं। हालांकि दोनों के बौद्धिक स्तर में ज्यादा फर्क नहीं है लेकिन मोदी के आलोचक भी मानते हैं कि राहुल के मुकाबले मोदी बहुत अधिक प्रभावशाली वक्ता हैं। वे जो बात भी कहते हैं, वह तर्कसंगत और प्रभावशाली होती है जबकि राहुल का बोला हुआ लोगों की समझ में ही नहीं आता। कई बार राहुल के मुंह से ऐसी बातें निकल जाती हैं, जो कांग्रेस पार्टी की परंपरागत नीति के विरुद्ध होती हैं। फिर भी राहुल की हरचंद कोशिश होती है कि वह मोदी के विकल्प की तरह दिखने लगें। राहुल ने मोदी की तरह अपनी दाढ़ी बढ़ा ली है। और बिल्कुल मोदी की तरह धोती लपे...
सुप्रीम कोर्ट में कब मिलेगा भारतीय भाषाओं को उनका हक

सुप्रीम कोर्ट में कब मिलेगा भारतीय भाषाओं को उनका हक

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय
आर.के. सिन्हा सुप्रीम कोर्ट में देश की आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी सिर्फ अंग्रेजी में ही जिरह करने की अनिवार्यता बताना उन तमाम भारतीय भाषाओं की अनदेखी और अपमान ही माना जाएगा, जिसमें इस देश के करोड़ों लोग आपस में संवाद करते हैं। अंग्रेजी से किसी को ऐतराज़ भी नहीं है। अंग्रेजी एक तरह से विश्व संवाद की एक भाषा है और हमारे अपने देश में भी इसका हर स्तर पर उपयोग होता है। जहाँ ज़रूरी होने में हर्ज भी नहीं है। पर सुप्रीम कोर्ट में तो सिर्फ इसी का उपयोग किया जा सकता है। यह सही कैसे माना जाए? यह तो अंग्रेजों की गुलामी को दर्शाने वाली व्यवस्था है जो तत्काल खत्म होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में कुछ समय पहले ही एक अलग ही तरह का शर्मनाक मामला देखने को मिला जहां हिंदी में दलील दे रहे एक शख्स को सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने टोक दिया। दरअसल, शीर्ष अदालत में याचिकाकर्ता शंकर लाल शर्मा जैसे ही अपने के...
राहुल का अद्भुत भोलापन

राहुल का अद्भुत भोलापन

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डॉ. वेदप्रताप वैदिक राहुल गांधी की मध्यप्रदेश-यात्रा सर्वाधिक सफल रहने की उम्मीद है। पिछले तीन-चार दिनों में मुझे यहां के कई शहरों और गांवों से गुजरने का अवसर मिला है। जगह-जगह राहुल, कमलनाथ, दिग्विजयसिंह और स्थानीय नेताओं के पोस्टरों से रास्ते सजे हुए हैं। लेकिन राहुल के कुछ बयान इतने अटपटे होते हैं कि वे इस यात्रा पर पानी फेर देते हैं। जैसे जातीय जन-गणना और सावरकर पर कुछ दिन पहले दिए गए बयानों ने यह सिद्ध कर दिया था कि वह अपनी दादीजी और माताजी की राय के भी विरूद्ध बोलने का साहस कर रहे हैं। ये कथन सचमुच सा​हसिक होते तो प्रशंसनीय भी शायद कहलाते। लेकिन वे साहसिक कम अज्ञानपूर्ण ज्यादा थे। इसके लिए असली दोष उनका है, जो राहुल को पर्दे के पीछे से पट्ठी पढ़ाते रहते हैं। अब मप्र के महान स्वतंत्र​ता-सेनानी टंट्या भील के जन्म स्थान पर पहुंचकर उन्होंने कह दिया कि टंट्या भील ने अंग्रेजों के विरुद्...