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Author: dindiaadmin

सनातन पर प्रहार – मनमोहन गोयल

सनातन पर प्रहार – मनमोहन गोयल

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
देश मे दयानिधी मारान के सनातन को मिटाने के वक्तव्य के बाद से य चर्चा समाप्त होने में नहीं आ रही है।मैंने पहले सोचा कि इसे नज़रअंदाज़ कर दूँ, लेकिन लगता है कि ये सोची समझी रणनीति के तहत सनातन को तोड़ने के लिए ऐक टूल किट के रूप में कही जा रही हैं। खडके साहब के सुपुत्र साहब में तो ये भी कह दिया कि सनातन कब कहाँ कैसे पैदा हुआ, इसका कोई सबूत नहीं है । पहले मैं इसी को लेना चाहता हूं।मान्यवर खडगे जी, सनातन कहीं पैदा नहीं हुआ। धरती पर मनुष्य की उत्पत्ति के साथ जो आचारसंहिता शनैः शनैः विकसित हुई, जो मनुष्य मात्र के परिवार संचालन, देश संचालन , सेना संचालन, खानपान, अर्थात् मनुष्य मात्र की कुल गतिविधियों के लिये जो नियम बनते गये और अपने नियंता भगवान के लिये आराधना के लिये जो विधि विधान विकसित हुऐ वो सब मिल कर सनातन कहलाये। सनातन तो धरती पर मनुष्य के जन्म से विकास पाया और जिसका आदि अन्त न हो वही स...
Is Shah Rukh Khan movie ‘Jawaan’ a ruse for regime change operation

Is Shah Rukh Khan movie ‘Jawaan’ a ruse for regime change operation

BREAKING NEWS, TOP STORIES, जीवन शैली / फिल्में / टीवी
By Shree Dr Ram Squirrel - This is not a routine forwarded message. One of my friend in Europe shared the following comments with me after watching the movie Jawan! For the past few weeks various Social Media like Facebook & WhatsApp and various Media be it print or news have been trying to create a special frenzy by promoting Shah Rukh Khan's newly released film "Jawaan" which has attracted even a movie freak like me. I have no shame in admitting it. However, unfortunately the chance to watch the movie also came today. After watching the movie very seriously, call this my special report or REVIEW. The entire movie is quite a spectacle but before the upcoming Lok Sabha elections a political message has been delivered across the country in a unique and very clever...
दुनिया में बढ़ती भारत की धाक

दुनिया में बढ़ती भारत की धाक

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
-बलबीर पुंज बीते सप्ताह भारत की अध्यक्षता में संपन्न दो दिवसीय जी20 बैठक (9-10 सितंबर) का लब्बोलुआब क्या रहा? जिस प्रकार इस शक्तिशाली वैश्विक मंथन में भारत और उसकी कूटनीति का वर्चस्व दिखा, उसने सिद्ध कर दिया कि बाहरी एजेंडे के अनुसरण करने की बाध्यता को 'नए भारत' ने विशुद्ध राष्ट्रहित में मीलों पीछे छोड़ दिया है। अब नया भारत न केवल अपनी मूल सांस्कृतिक छत्रछाया में दुनिया के अन्य सभी सभ्य देशों के सामूहिक कल्याण के लिए प्रारूप बना रहा है, साथ ही 'ग्लोबल साउथ' अर्थात्— विश्व के दक्षिणी हिस्से का मुख्य प्रतिनिधि भी बनकर उभरा है। भारतीय नेतृत्व में अफ्रीकी संघ को जी20 में बतौर सदस्य सम्मिलित करना— इसका प्रमाण है। भारत ने अपनी जी20 अध्यक्षता में जिन प्रमुख विषयों का निर्धारित किया, उसमें देश की मौलिक सांस्कृतिक पहचान और उसमें निहित विविधता से भी दुनिया को परिचय कराना भी रहा। मुख्य आयोजनस्...
14 सितम्बर : राष्ट्रीय हिन्दी दिवस

14 सितम्बर : राष्ट्रीय हिन्दी दिवस

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, साहित्य संवाद
14 सितम्बर : राष्ट्रीय हिन्दी दिवसस्वयं की प्रतिभा,अस्तित्व और देशाभिमान का भाव जगाती है हमारी हिन्दी --रमेश शर्मा पराधीनता से मुक्ति केलिये विदेशियों को बाहर कर स्वतंत्र सत्ता स्थापित करना जितना महत्वपूर्ण है उतना ही आवश्यक है स्वयं के विचार और भाव भाषा के आधार पर अपने जीवन, समाज और देश का विकास की ओर बढ़ना । इसी प्राथमिकता, सम्मान और स्वाभिमान का वोध कराता है हमारा यह राष्ट्रीय हिन्दी दिवस ।हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया था कि हिन्दी भारत सरकार की आधिकारिक भाषा होगी क्योंकि भारत के अधिकांश क्षेत्रों में सर्वाधिक हिन्दी ही बोली जाती है इसलिए हिन्दी को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया गया और इस निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रत्येक क्षेत्र में जन जन तक पहुँचाने के लिये वर्ष 1953 से पूरे भारत में...
भारतीय संस्कृति वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु बनने की ओर अग्रसर

भारतीय संस्कृति वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु बनने की ओर अग्रसर

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, आर्थिक, संस्कृति और अध्यात्म
भारत आदि काल से ही एक जीता जागता राष्ट्र पुरुष है, यह मात्र एक जमीन का टुकड़ा नहीं है। भारत के कंकड़ कंकड़ में शंकर का वास बताया जाता है। हाल ही के कुछ वर्षों में भारत के आर्थिक विकास में विरासत पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है और भारत में आर्थिक विकास के साथ ही सांस्कृतिक विकास पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। जिसके चलते अन्य देशों की तुलना में भारत की आर्थिक विकास दर मजबूत बनी हुई है। बल्कि अब तो अन्य कई देश, विकसित देशों सहित, भी अपने आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं के हल हेतु एवं अपने आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से भारतीय सनातन संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं। भारत ने राजनैतिक स्वतंत्रता 75 वर्ष पूर्व ही प्राप्त कर ली थी, परंतु भारत की सनातन संस्कृति आदि काल से चली आ रही है एवं लाखों वर्ष पुरानी है। भारत को ‘सोने की चिड़िया’ के रूप में जाना जाता रहा है और भारतीय सनातन...
जी – 20 सम्मेलन- भारतीय कूटनीति का स्वर्णिम अध्याय

जी – 20 सम्मेलन- भारतीय कूटनीति का स्वर्णिम अध्याय

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
शिखर सम्मेलन में दिखी वसुधैव कुटुम्बकम की छापमृत्युंजय दीक्षितराजधानी दिल्ली में जी -20 सम्मेलन का आयोजन जिस सफलता के साथ संपन्न हुआ है उसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। वैश्विक मीडिया जगत इसको भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार व उनके नेतृत्व की जमकर सराहना कर रहा है।नई दिल्ली जी 20 सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन संकट के कारण नहीं आ सके, अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्होंने रूस के विदेश मंत्री को नामित किया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नहीं आये किंतु उन्होंने अपने प्रधानमंत्री को सम्मेलन मे भाग लेने के लिए भेजा। सम्मेलन प्रारम्भ होने के पूर्व रूस और चीन के राष्ट्रपति के न आने के कारण का एक बड़ा वर्ग निराशा व्यक्त कर रहा था और कह रहा था कि कहीं इस सम्मेलन में भी कुछ विषयों को लेकर आम सहमति न बन पाये किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के...
राजस्थान में अकेला चलो की राह पर गहलोत

राजस्थान में अकेला चलो की राह पर गहलोत

राज्य
रमेश सर्राफ धमोरा राजस्थान विधानसभा के चुनाव होने में अब मात्र दो माह का समय रह गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अकेले चलने की राह पर चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने पूरे चुनाव की कमान अपने हाथों में थाम कर चुनावी व्यूह रचना करने में जुट गये हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने प्रतिद्वंदी सचिन पायलट को चुनावी रणनीति से पूरी तरह दूर कर दिया है। चुनाव के लिए गठित कांग्रेस पार्टी की किसी भी कमेटी की कमान सचिन पायलट को नहीं दी गई है। चुनावी कमेटियों में उन्हें मात्र एक सदस्य के तौर पर ही शामिल किया गया है। उनके अधिकांश समर्थकों को भी चुनावी कमेटियों से दूर रखा गया है। सचिन पायलट को चुनावी कमेटियों से दूर रहकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिखा दिया है कि राजस्थान के वही एक छत्र नेता है। उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। कांग्रेस की टिकटों के वितरण में भी उन्हीं की चलेगी। उनके समर्थको को...
नरेश गोयल की गिरफ़्तारी से उठे सवाल

नरेश गोयल की गिरफ़्तारी से उठे सवाल

घोटाला
*रजनीश कपूरकिसी समय देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन जेट एयरवेज़ एक बार फिर से चर्चा में है। इस बार चर्चा काकारण जेट के स्वामी नरेश गोयल हैं जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक से धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़्तार किया।परंतु नरेश गोयल द्वारा चलाई जाने वाली जेट एयरवेज़ केवल बैंक के साथ ही धोखाधड़ी नहीं कर रही थी। बैंक केसाथ धोखा तो नरेश गोयल द्वारा की गड़बड़ियों में से एक है। असल में तो उनके द्वारा कि गई धाँधलियों कि सूचीबहुत बड़ी है। सवाल उठता है कि क्या सरकारी एजेंसियों द्वारा नरेश गोयल की हर गड़बड़ियों की जाँच होगी?जब भी कभी हम किसी बड़े उद्योगपति द्वारा किसी घोटाले के बारे में सुनते हैं तो यह अंदाज़ा लगा लेते हैं कि वोभी विजय माल्या, नीरव मोदी या मेहूल चौकसी जैसों की तरह अपने रसूख़ के चलते सज़ा से बच जाएगा या देशछोड़ कर भाग जाएगा। परंतु नरेश गोयल के मामले में ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए सरकारी एजे...
सामाजिक समरसता के अग्रदूत व श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रणेता- महंत अवैद्यनाथ

सामाजिक समरसता के अग्रदूत व श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रणेता- महंत अवैद्यनाथ

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, संस्कृति और अध्यात्म
12 सितंबर पर विशेष -सामाजिक समरसता के अग्रदूत व श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रणेता- महंत अवैद्यनाथमृत्युंजय दीक्षितयोग, दर्शन व अध्यात्म के मर्मज्ञ महान संत महंत अवैद्यनाथजी का जन्म पौढ़ी गढ़वाल के ग्राम कांडी में हुआ था। महंत अवैद्यनाथ की माता जी का स्वर्गवास जब वह बहुत छोटे थे तभी हो गया था और उनका लालन पालन दादी ने किया था उच्च्तर माध्यकि स्तर शिक्षा पूर्ण होते ही उनकी दादी का भी निधन हो गया। जिसके कारण उनका मन इस संसार के प्रति उदासीन होता गया। उनके मन में वैराग्य का भाव गहरा होता गया। वह अपने पिता के एकमात्र संतान थे अतः उन्होंने अपनी संपत्ति अपने चाचाओं को दे दी और पूरी तरह से वैराग्य जीवन में आ गये।महंत अवैद्यनाथ जी ने बहुत कम समय में ही बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगो़त्री, यमुनोत्री आदि तीर्थस्थलों की यात्रा की। कैलाश मानसरोवर की यात्रा से वापस आते समय अल्मोड़ा में उन्हें हैजा हो गया और उन...
स्वामी विवेकानन्द की दृष्टि में राष्ट्र की रीढ़..!

स्वामी विवेकानन्द की दृष्टि में राष्ट्र की रीढ़..!

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, साहित्य संवाद
~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलस्वामी विवेकानन्द ने भारत के उस मर्म को छुआ जो कालखण्ड के प्रहार से पथभ्रष्ट होकर एक असाध्य रोग का रुप ले चुका था। वह था— 'छुआछूत वाद',गरीबी, भुखमरी और निम्न से निम्नतर समझी जाने वाली श्रेणियों के प्रति घ्रणा,वैमनस्य और अत्याचार की अन्तहीन प्रताड़ना। उनका ह्रदय इस मानवीय पाशविकता से डोल गया। उनके अन्दर उसी समानुभूतिपूर्ण करुणा का ज्वार मथने लगा — जो उन असंख्य निर्दोष लोगों के जीवन को हीनतर बना रहा था।उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त इस व्याधि के उपचार के लिए केवल आह्वान ही नहीं किया,बल्कि उस कार्य में अपने जीवन के अन्तिम क्षणों! तक रत रहे आए। ऐसा नहीं था कि उस समय समाज सुधार नहीं चल रहे थे, किन्तु उन सामाजिक सुधारों में सिध्दान्त और व्यवहार में पूर्णतः अन्तर पाया जाता था। साथ ही तथाकथित समाज सुधारकगण — वे समाज की इस दुर्दशा का ठीकरा हिन्दू धर्म पर फोड़कर अपनी अ...