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Author: dindiaadmin

‘आप’ को क्या तकलीफ गांधी जी से

‘आप’ को क्या तकलीफ गांधी जी से

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‘आप’ को क्या तकलीफ गांधी जी से अथवा केजरीवाल यह तो जानें बापू के कितने करीब थे भगत सिंह और बाबा साहेब आर.के. सिन्हा पंजाब और दिल्ली सरकारों के दफ्तरों से गांधी जी के चित्र हटा दिए गए हैं। उनका स्थान ले लिया है भगत सिंह और डॉ.भीमराव अंबेडकर के चित्रों ने। दोनों राज्यों में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकारें हैं। आखिर क्यों दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को और पंजाब में भगवंत मान को यह जरूरी लगा कि वे अपने-अपने राज्यो में गांधी जी के चित्र हटवाएं दें? क्या गांधी जी का चित्र हटाना ज़रूरी था? ‘आप’ के इस कदम से संकेत यह जाता है कि वह भगत सिंह और बाबा साहेब को गांधी जी के सामने खड़ा करना चाहती है। हालांकि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। ये तीनों ही पूरे देश के लिये आदरणीय हैं। इन सबका देश ह्रदय से आदर सम्मान करता है। गांधी जी का नाम लेकर हुए अन्ना आंदोलन से निकली ‘आप’  ने ऐसा क्यों किया, यह जवाब उन्हें द...
‘रोहनात’ गांव जहां आज़ादी के 71 साल बाद लहराया तिरंगा

‘रोहनात’ गांव जहां आज़ादी के 71 साल बाद लहराया तिरंगा

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'रोहनात' गांव जहां आज़ादी के 71 साल बाद लहराया तिरंगा -सत्यवान 'सौरभ' आजादी की लड़ाई में भारत के लाखों शूरवीरों ने अपने प्राण न्याैछावर किए थे। मगर आज कुछ यादों को संजोया गया है तो कुछ की किसी को जानकारी ही नहीं है। इसी में शामिल थी 1857 की क्रांति की एक कहानी, जिसमें अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ाने वाले गांव रोहनात हिसार (हरियाणा) के वीर थे। वो 29 मई 1857 की तारीख थी। हरियाणा के रोहनात गांव में ब्रिटिश फ़ौज ने बदला लेने के इरादे से एक बर्बर ख़ूनख़राबे को अंजाम दिया था। बदले की आग में ईस्ट इंडिया कंपनी के घुड़सवार सैनिकों ने पूरे गांव को नष्ट कर दिया।  लोग गांव छोड़कर भागने लगे और पीछे रह गई वो तपती धरती जिस पर दशकों तक कोई आबादी नहीं बसी। दरअसल यह 1857 के गदर या सैनिक विद्रोह, जिसे स्वतंत्रता की पहली लड़ाई भी कहते हैं, के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों के कत्लेआम की जवाबी कार्रवाई थी। रो...
कौन पोछेगा प्रवासी बिहारी मजदूरों के आंसू

कौन पोछेगा प्रवासी बिहारी मजदूरों के आंसू

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कौन पोछेगा प्रवासी बिहारी मजदूरों के आंसू आर.के. सिन्हा बिहार दिवस के ठीक बाद हैदराबाद  से बिहार के लिए एक बुरी खबर सामने आई कि वहां पर हुई एक भीषण आगजनी की घटना में बिहार राज्य के 11 मजदूर जिंदा जल गए। ये सभी सारण और कटिहार जिलों के थे। ये सब अभागे मददूर कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग में फंस गए थे। आग इतनी तेज थी कि फायर ब्रि‍गेड की नौ गाड़ियों को आग पर काबू करने में तीन घंटों से भी अधिक का समय लगा। इन मजदूरों के परिवारों के लिए तेलंगाना सरकार और बिहार सरकारों ने कुछ मुआवजे की घोषणा की रस्म तो पूरी कर दी है। मुआवजा की घोषणा का मतलब यह हुआ कि अब केस खत्म हो गया। अब कोई इस विषय पर विचार नहीं करेगा कि देश के चप्पे –चप्पे पर होने वाले निर्माण कार्यों से लेकर छोटे-मोटे मजदूरी के कामों में बिहारी ही क्यों लगे हुए हैं? आप  लद्दाख की राजधानी लेह से लेकर गोवा के सुदूर क्षेत्...
अतिरिक्त भोजन के बावजूद भारत भुखमरी के कगार पर क्यों ?

अतिरिक्त भोजन के बावजूद भारत भुखमरी के कगार पर क्यों ?

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अतिरिक्त भोजन के बावजूद भारत भुखमरी के कगार पर क्यों ? -सत्यवान 'सौरभ' ग्लोबल हंगर इंडेक्स वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भूख को ट्रैक करता है। यह अपने स्कोर की गणना करने के लिए चार मापदंडों का उपयोग करता है जैसे कि अल्पपोषण, बच्चों की कम वृद्धि दर और बाल मृत्यु दर। जीएचआई 2021 की रिपोर्ट ने भारत को बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल से नीचे 101वें स्थान पर रखा है। स्थिति गंभीर है और देश व्यापक भूख से जूझ रहा है। भारत वैश्विक भूख सूचकांक में खराब प्रदर्शन पर है यद्यपि हमारे पास अतिरिक्त भोजन है, अधिकांश छोटे और सीमांत कृषक परिवार अपने साल भर के उपभोग के लिए पर्याप्त खाद्यान्न का उत्पादन नहीं करते हैं। लोगों के एक वर्ग की सापेक्ष आय में गिरावट आई है। इसका पर्याप्त भोजन खरीदने की उनकी क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, खासकर जब खाद्य कीमतों में वृद्धि हो रही है। छोटी और सीम...
एक बार फिर आये ऋषभ युग

एक बार फिर आये ऋषभ युग

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भगवान ऋषभदेव जन्म जयन्ती 26 मार्च, 2022 पर विशेषएक बार फिर आये ऋषभ युग -ललित गर्ग-भगवान ऋषभदेव जैन धर्म एवं वर्तमान अवसर्पिणी काल के प्रथम तीर्थंकर हैं। तीर्थंकर का अर्थ होता है-जो तीर्थ की रचना करें। जो संसार सागर यानी जन्म मरण के चक्र से मुक्ति दिलाकर मोक्ष प्रदत्त करें। ऋषभदेव को ‘आदिनाथ’ भी कहा जाता है। वे भगवान विष्णु के अवतार थे। जन-जन की आस्था के केन्द्र तीर्थंकर प्रभु ऋषभदेव का जन्म चैत्र कृष्ण नवमी को अयोध्या में हुआ। उन्होंने मनुष्य जाति को नया जीवन दर्शन दिया। जीने की शैली सिखलाई। वे जानते थे कि नहीं जानना बुरा नहीं मगर गलत जानना, गलत आचरण करना बुरा है। इसलिए उन्होंने सही और गलत को देखने, समझने, परखने की विवेकी आंख दी जिसे सम्यक् दृष्टि कहा जा सकता है।महाराज नाभि के यहां ऋषभ रूपी दिव्य बालक का जन्म हुआ। उसके चरणों में वज्र, अंकुश आदि के चिन्ह जन्म के समय ही दिखाई दिये। बालक के अ...
Researchers develop new materials to help power up low power electronics

Researchers develop new materials to help power up low power electronics

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS
Researchers develop new materials to help power up low power electronics Efforts to fabricate better and more effective energy sources for sensors and other low power electronics is expected to get a boost with a team of researchers from the Indian Institute of Technology Guwahati, and Daegu Gyeongbuk Institute of Science and Technology (DGIST), South Korea, developing a set of new materials for devices that help convert biomechanical energy into electrical energy. Following the rapid growth of the Internet of Things (IoT) in recent years, many small electronics such as sensors, actuators, and wireless transmitters are being produced for various applications ranging from health monitoring and environmental protection to remote control equipment. Presently, batteries are commonly ...
योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार ली यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ

योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार ली यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ

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योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार ली यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ योगी आदित्यनाथ एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने गए हैं। केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।...
करियर प्लस की उपाध्यक्ष शिक्षाविद डॉ. सारिका अग्रवाल को मिला “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022”

करियर प्लस की उपाध्यक्ष शिक्षाविद डॉ. सारिका अग्रवाल को मिला “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022”

BREAKING NEWS, Current Affaires, प्रेस विज्ञप्ति
करियर प्लस की उपाध्यक्ष शिक्षाविद डॉ. सारिका अग्रवाल को मिला “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022” नोएडा निवासी शिक्षाविद व समाजसेवी डा. सारिका अग्रवाल को दिनांक 25 मार्च 2022 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक समारोह में “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022” से सम्मानित किया गया। दीप वेलफ़ेयर सोसाइटी, मेट्रिक्स सोसाइटी व शोध संस्था द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री श्रीमती पूर्णिमा भौमिक मुख्य अतिथि थीं। पिछले पच्चीस वर्षों से आईएएस, पीसीएस व अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं आदि की कोचिंग के क्षेत्र में देश की अग्रणी संस्था करियर प्लस एजुकेशनल सोसाइटी की उपाध्यक्ष डा सारिका अपनी संस्था के माध्यम से दलित, गरीब, दिव्यांग व पिछड़े हज़ारों छात्र छात्राओं को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध करा उनको सफलता के शिखर पर पहुँचा चुकी हैं। उनकी संस...
48 मंत्रियों की लिस्ट फाइनल, शपथ से पहले योगी से मिलने पहुंचे एके शर्मा-स्वतंत्रदेव सिंह-असीम अरुण

48 मंत्रियों की लिस्ट फाइनल, शपथ से पहले योगी से मिलने पहुंचे एके शर्मा-स्वतंत्रदेव सिंह-असीम अरुण

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लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आज शाम 4 बजे योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ करीब 50 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति का माध्यम बने अहिंसा यात्रा

रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति का माध्यम बने अहिंसा यात्रा

BREAKING NEWS, Current Affaires, समाचार, सामाजिक
रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति का माध्यम बने अहिंसा यात्रा -ललित गर्ग- रूस-यूक्रेन युद्ध को चलते हुए लगभग एक माह होने जा रहा है। रूस वांछित नतीजा हासिल नहीं कर पाया है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, अधिक विनाश एवं विध्वंस की संभावनाएं बढ़ती जा रही है। यूक्रेन और रूस में शांति का उजाला करने, अभय का वातावरण, शुभ की कामना और मंगल का फैलाव करने के लिये भारत को शांति प्रयास करने चाहिए। एकमात्र भारत ही ऐसा देश है जो अपने आध्यात्मिक तेज एवं अहिंसा की शक्ति से मनुष्य के भयभीत मन को युद्ध की विभीषिका से मुक्ति दे सकता। इन दोनों देशों को युद्ध विराम के लिये राजी करके विश्व को निर्भय बना सकता है। इन युद्ध एवं हिंसा के वातावरण में अहिंसा यात्रा एवं उसके प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण का सन्देश कारगर हो सकता है। क्योंकि राष्ट्रसंत आचार्य श्री महाश्रमण कीर्तिधर यायावर संतपुरुष हैं, जिन्होंने अपनी अहिंसा या...