समस्याओं से जूझती भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली
प्रियंका 'सौरभ
भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली न केवल संस्थानों के संवैधानिक ताने-बाने में बल्कि पदाधिकारियों के मानस में भी समस्याओं से घिरी हुई प्रतीत होती है। जैसे हमने महामारी के साथ जीना सीख लिया है, वैसे ही हमने ऐसी समस्याओं के साथ जीना सीख लिया है। जैसा कि प्रोफेसर एंड्रयू एशवर्थ ने कहा, "एक न्यायसंगत और सुसंगत आपराधिक न्याय प्रणाली लोगों की एक अवास्तविक अपेक्षा है"।
आपराधिक न्याय प्रणाली में एजेंसियों पर बार-बार कानून लागू करने, अपराध का निर्णय लेने और आपराधिक आचरण में सुधार करने का आरोप लगाया जाता है। आपराधिक न्याय प्रणाली सुधारों में मोटे तौर पर न्यायिक सुधार, जेल सुधार और नीतिगत सुधार शामिल हैं। यह अनिवार्य रूप से सामाजिक नियंत्रण का एक साधन है। भारत में आपराधिक कानूनों को ब्रिटिश शासन के दौरान संहिताबद्ध किया गया था, जो 21वीं सदी में कमोबेश वैसे ही बने हुए हैं।
लॉर्ड थॉ...









