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समस्याओं से जूझती भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली

समस्याओं से जूझती भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली

TOP STORIES, राष्ट्रीय, साहित्य संवाद
प्रियंका 'सौरभ भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली न केवल संस्थानों के संवैधानिक ताने-बाने में बल्कि पदाधिकारियों के मानस में भी समस्याओं से घिरी हुई प्रतीत होती है। जैसे हमने महामारी के साथ जीना सीख लिया है, वैसे ही हमने ऐसी समस्याओं के साथ जीना सीख लिया है। जैसा कि प्रोफेसर एंड्रयू एशवर्थ ने कहा, "एक न्यायसंगत और सुसंगत आपराधिक न्याय प्रणाली लोगों की एक अवास्तविक अपेक्षा है"। आपराधिक न्याय प्रणाली में एजेंसियों पर बार-बार कानून लागू करने, अपराध का निर्णय लेने और आपराधिक आचरण में सुधार करने का आरोप लगाया जाता है। आपराधिक न्याय प्रणाली सुधारों में मोटे तौर पर न्यायिक सुधार, जेल सुधार और नीतिगत सुधार शामिल हैं। यह अनिवार्य रूप से सामाजिक नियंत्रण का एक साधन है। भारत में आपराधिक कानूनों को ब्रिटिश शासन के दौरान संहिताबद्ध किया गया था, जो 21वीं सदी में कमोबेश वैसे ही बने हुए हैं। लॉर्ड थॉ...
अनादिकाल से सूर्य ‘ॐ’ का जाप कर रहा है*

अनादिकाल से सूर्य ‘ॐ’ का जाप कर रहा है*

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सूर्य से ॐ की ध्वनि निकल रही हैसूर्य से निकलने वाली ध्वनि इतनी कम आवृत्ति की है कि हम इसे अपने कानों से नही सुन सकते। NASA ने इस ध्वनि को Record किया है। जब इसकी आवृत्ति को बढाकर सुना गया तो यह ॐ की ध्वनि पाई गई। यह आश्चर्य की बात है। हजारों वर्ष पूर्व वेद लिखने वालों ने इसे कैसे सुना, यह प्रश्न अनसुलझा है लेकिन यह वेदों की महत्ता और महानता को सिद्ध करता है।नासा के वैज्ञानिकों ने अनेक अनुसंधानों के बाद डीप स्पेस में यंत्रों द्वारा सूर्य में हर क्षण होने वाली एक ध्वनि को रिकॉर्ड किया। उस ध्वनि को सुना तो वैज्ञानिक चकित रह गए, क्योंकि यह ध्वनि कुछ और नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की वैदिक ध्वनि 'ॐ' थी। सुनने में बिलकुल वैसी, जैसे हम 'ॐ' बोलते हैं। इस मंत्र का गुणगान वेदों में ही नहीं, हमारे अन्य ग्रंथों में भी किया गया है।आश्चर्य इस बात का था कि जो गहन ध्वनि मनुष्य अपने कानों से नहीं सुन स...
वैश्विक बैंकिंग : त्रासदी या प्रहसन

वैश्विक बैंकिंग : त्रासदी या प्रहसन

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अँतत: बीती 27 मार्च को फर्स्ट सिटिजन बैंक (एफसीबी) ने सिलिकन वैली बैंक (एसवीबी) का अधिग्रहण कर ही लिया। जिसके लिए उसे अमेरिकी फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (एफडीआईसी) से वित्तीय सहायता मिली थी। मे एक मित्र ने पूछा है कि एसवीबी का पतन क्यों हुआ? इसका एक संक्षिप्त उत्तर तो यह है कि बीते कई वर्षों के दौरान अमेरिका में नियामकीय मामलों में खतरे के निशान धुंधले पड़े हैं। जैसे जुलाई 2010 का डॉड-फ्रैंक वॉल स्ट्रीट सुधार और उपभोक्ता संरक्षण कानून को मई 2018 में इकनॉमिक ग्रोथ, रेग्युलेटरी रिलीफ ऐंड कज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट पारित करके काफी नरम कर दिया गया। वैसे एसवीबी का पतन लीमन ब्रदर्स की तरह नहीं हुआ, बल्कि एसवीबी के पास लंबी परिपक्वता सीमा वाले बॉन्ड का भारी भरकम भंडार और अल्पावधि की उधारी वाले लोन पोर्टफोलियो थे। एसवीबी की व्यक्तिगत जमा में करीब 90 प्रतिशत एफडीआईसी की 2,50,000 डॉलर की ब...
साक्षात् चण्डी का अवतार थीं रानी दुर्गावती

साक्षात् चण्डी का अवतार थीं रानी दुर्गावती

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कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल रानी दुर्गावती एक ऐसा नाम जिनके स्मरण मात्र से वीरता की भावना का ज्वार स्वतः उठने लगता है। ऐसी वीराङ्गना जिन्होंने मुगलों को नाकों चने चबवा दिए। अपने शौर्य और पराक्रम से जिन्होंने इस्लामिक आक्रान्ताओं का प्रतिकार करते हुए उन्हें भारतीय नारी की शूरवीरता के समक्ष घुटने टेकने के लिए विवश कर दिया। युध्दभूमि में साक्षात् चण्डी सा उग्र स्वरूप लेकर जिन्होंने मुगलिया दरिन्दों को गाजर-मूली की भाँति काट डाला। कालिंजर के कीर्तिसिंह चन्देल की पुत्री के रुप में पाँच अक्टूबर 1524 ई. दुर्गाष्टमी की तिथि में जन्मी बेटी का नामकरण ही दुर्गावती किया गया,और यथा नाम तथा गुण की उक्ति को उन्होंने गढ़ा मण्डला के नेतृत्व की बागडोर सम्हालने के बाद चरितार्थ किया। वे बाल्यकाल से ही बरछी,भाला,तलवार, धनुष ,घुड़सवारी और तैराकी में अव्वल थीं। साहस-शौर्य, बुध्दि एवं कौशल से प्रवीण दुर्गावती...
कर्नाटक : भाजपा की राह आसान नहीं

कर्नाटक : भाजपा की राह आसान नहीं

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार
कर्नाटक में चुनावी रणभेरी बज गई है, राजनीति की बिसातें बिछ चुकी हैं। चुनाव की घोषणा से ठीक पहले प्रधानमंत्री लंबी-चौड़ी घोषणाएं कर चुके हैं। उनका भारी-भरकम रोड शो सुर्खियों में है। जिसमें इस 224 सदस्यों वाली विधानसभा के परिणाम जल्दी पाने की आकांक्षा नजर आती है। कार्यक्रम के अनुसार एक ही दिन दस मई को पूरे कर्नाटक में चुनाव होंगे और महज तीन दिन बाद विधानसभा चुनाव का परिणाम देश के सामने होगा। दक्षिण भारत में भाजपा के इस अकेले दुर्ग में भले ही उसकी पार्टी की सरकार है, लेकिन इसे हासिल करने के तमाम दांव-पेच सबने देखे हैं, लेकिन कर्नाटक चुनाव के भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों के लिये खास मायने हैं। एक तो ये 2024 के महासमर से पहले होने वाले चुनाव होंगे, दूसरे चुनाव के बाद राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में इस साल होने वाले चुनाव के लिये सभी दल अपनी-अपनी सुविधा से कर्नाटक चुनाव परिणामों की व्याख्...
राहुल के सहारे चमकते नेता, पार्टी के लिए ख़तरनाक

राहुल के सहारे चमकते नेता, पार्टी के लिए ख़तरनाक

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी राजनीति के चक्रव्यूह में फंसे हुए नजर आ रहे हैं। अगर राहुल गांधी को अपने बचाव में ऊपरी अदालत में अपील करते हैं,तभी वह जेल जाने से बच सकेंगे एवं उसके बाद ही उनकी संसद की सदस्यता भी संभवतः बहाल हो पाएगी। अभी तो राहुल गांधी को अपने इर्द-गिर्द तैनात नेताओं में से उन लोगों को दूर कर देना चाहिए जो सिर्फ स्वयं को आगे बढ़ाने के लिए राहुल गांधी का सहारा ले रहे हैं। बहुत से जनाधार विहीन नेता राहुल गांधी के सहारे बड़े-बड़े पदों पर बैठे हुये हैं। इस मामले के तथ्य से सब परिचित हैं,सूरत कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को सजा सुनाने के 26 घंटे बाद ही लोकसभा ने उन्हें सदस्यता के अयोग्य ठहरा दिया। यदि लोकसभा अध्यक्ष चाहते तो उन्हें ऊपरी अदालत के निर्णय होने तक संसद सदस्य रखा जा सकता था, शायद यहाँ राजनीति के दबाव में अति शीघ्रता में उनकी सदस्यता रद्द कर दी गयी। कोर्ट के निर्...
Lower Investment, Employment and Productivity? 

Lower Investment, Employment and Productivity? 

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Siyavar Ramchandra Ki Jai. How India can reduce scratching impact from Lower Investment, Employment and Productivity?  The economic crisis has resulted in large scale job losses and a marked decline in the rate of new job creation in most parts of the India, giving rise to a substantial reduction in employment rates and a sharp increase in unemployment. It’s scary. The pandemic, coupled with trade disruptions and Russia’s war on Ukraine, and now the Bank Run caused lasting harm to Asia-Pacific economies, damaging growth, productivity, and investment. And, slowly and emotionally but realistically – it has already hit Indian Economy. Specifically, it will leave very deep and long-lasting scars which, without swift and bold policy action, could restrict Indian growth well into the...
नया सेंसर बताएगा कितने पके हैं फल

नया सेंसर बताएगा कितने पके हैं फल

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फल-उत्पादकों के लिए पेड़ पर लगे फलों के पकने की अवस्था का समय पर आकलन महत्वपूर्ण होता है। फलों की छंटाई और उनके पकने का पता लगाने के लिए उपयोग होने वाले माइक्रोसेंसर रासायनिक विश्लेषण एवं इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसिंग पर आधारित हैं, जिनकी अपनी सीमाएं हैं। एक ताजा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने फल कितने पके हैं यह पता लगाने के लिए एक नया सेंसर विकसित किया है, जो सस्ता होने के साथ-साथ अत्यधिक संवेदी और स्पर्शनीय दाब (Tactile pressure) जैसे गुणों से लैस है। लिथोग्राफी-मुक्त इस नये सेंसर में नैनो-नीडल संरचना युक्त पॉलीडिमिथाइलसिलोक्सेन (पीडीएमएस) परत का उपयोग किया गया है, जो इसे लचीला और बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए उपयुक्त बनाता है। शोधकर्ताओं ने इस कैपेसिटिव टैक्टाइल सेंसर के संवेदी स्तर और हिस्टीरिक्स प्रतिक्रिया की विशेषता बतायी है, और इसकी बदलती प्रतिक्रिया का परीक्षण किया है। उन्होंने लोचदार मा...
श्रीराम : जनसामान्य में देवत्व का संचार करने वाले भगवान

श्रीराम : जनसामान्य में देवत्व का संचार करने वाले भगवान

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प्रशांत पोळ दुनिया चमत्कार को नमस्कार करती हैं. भगवान विष्णु के दस अवतारों में, श्रीराम का अवतार ही ऐसा अवतार हैं, जिसमे चमत्कार न के बराबर हैं. किन्तु फिर भी दुनिया प्रभु श्रीराम को ही पूजती हैं. संपूर्ण भारत में, भौगोलिक / भाषिक विभेदों से ऊपर उठकर श्रीराम पूजे जाते हैं. भारत ही क्यों, विश्व की सबसे ज्यादा मुस्लिम लोकसंख्या वाले देश इंडोनेशिया में आज भी प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंग पर आधारित लीलाओं का मंचन होता हैं. थायलैंड के राजा, अपने नाम में ‘राम’ का नाम जोड़ते हैं. उसमे गर्व का अनुभव करते हैं. बैंकॉक के प्रमुख रास्तों के नाम ‘राम-१’, ‘राम-२’ ऐसे हैं. सारा दक्षिण पूर्व एशिया, सूरीनाम, मॉरीशस, फ़िजी.. सभी श्रीराम की आराधना करते हैं. उनका गुणगान गाते हैं. प्रभु श्रीराम ने कोई चमत्कार नहीं दिखाए थे. अहिल्या को शीला रूप से मुक्त किया, ऐसा कहा जाता हैं. किन्तु वह प्रतीकात्मक हैं. ...
खेलों की दुनिया में भारत की महिला खिलाड़ियों का स्वर्णिम चमत्कार

खेलों की दुनिया में भारत की महिला खिलाड़ियों का स्वर्णिम चमत्कार

BREAKING NEWS, Current Affaires, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
मृत्युंजय दीक्षितवर्ष -2023 में खेलों की दुनिया में भारत के खिलाड़ी विशेषकर महिला खिलाड़ी जिस प्रकार का स्वर्णिम प्रदर्शन कर रहे हैं वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व व आनंद की अनुभूति का विषय है। राजधानी दिल्ली में आयोजित विश्व महिला मुक्केबाजी में भारत की चार महिला मुक्केबाजों नीत घणघस, स्वीटी बूरा, निकहत जरीन, लवलीना बोरगोहाई ने पहली बार चार स्वर्ण पदक जीतकर भारत का झंडा लहरा दिया है। भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए उत्सव का समय है। भारतीय महिला मुक्केबाजों की यह जीत विशेष है क्योंकि वर्ष 2002 में महिला मुक्केबाज मेरीकॉम के उदय के बाद 17 वर्षो में पहली बार महिला विश्व कप में चार स्वर्ण पदक मिले हैं । भारतीय महिला मुक्केबाजी में मेरीकॉम ऐसा चमकता सितारा बनीं कि उनसे प्रेरणा लेकर हर दिन भारत को एक से बढ़कर एक नई प्रतिभाएं मिल रही हैं ।महिला मुक्केबाजी विश्व कप - 2023 में चारों महिला खिलाड़िय...