Shadow

सामाजिक

26 दिसम्बर : वीर बाल दिवस

26 दिसम्बर : वीर बाल दिवस

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
गुरु गोविन्द सिंह के साहबजादों को दी गई क्रूर यातनाओं और बलिदान का स्मृति दिवस --रमेश शर्मा दिसम्बर माह की 21 से लेकर 27 के बीच गुरु गोविन्द सिंह के चारों पुत्रों को दी गई क्रूरतम यातनाओं और बलिदान की स्मृतियाँ तिथियाँ हैं। ऐसा उदाहरण विश्व के किसी इतिहास में नहीं मिलता। इनमें 26 दिसम्बर के दिन दो अवोध साहबजादों का बलिदान हुआ। ये बलिदान राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिये हुये । इस वर्ष यह दिवस वीर बाल दिवस के रूप में स्मरण किया जा रहा है ।सनातन संस्कृति और परंपराओं की रक्षा केलिये भारत में असंख्य बलिदान हुये हैं। इनमें कुछ परिवार ऐसे हैं जिनकी पीढ़ियों का बलिदान इस राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा केलिये हुआ । गुरु गोविन्द सिंह की वंश परंपरा है जिनकी पीढियों के बलिदान इतिहास पन्नों में दर्ज है । इसमें गुरु गोविन्द सिंह के चारों पुत्रों को दी गई क्रूरतम यातनाएँ और बलिदान का व...
भारत का खजाना भरते सात समंदर पार बसे भारतीय

भारत का खजाना भरते सात समंदर पार बसे भारतीय

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
भारत का खजाना भरते सात समंदर पार बसे भारतीय आर.के. सिन्हा अपने वतन से सात समंदर दूर कामकाज के लिए गए भारतीयों ने देश के खजाने को लबालब भर दिया है। उन्होंने चालू साल 125 बिलियन डॉलर यानी करीब 136 अरब रुपये भारत में भेजे। विश्व बैंक की हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत से बाहर रहने वाले लाखों भारतीयों ने साल 2022 की तुलना में 11 फीसद अधिक धन चालू साल में स्वदेश भेजकर अपने  देश से प्रेम का सशक्त परिचय़ दिया।  भारत के बाद   मेक्सिको और चीन  को अपने देशवासियों से पैसा मिला। हालांकि, भारत की तुलना में इन दोनों देशों को अपनी आबादी के अनुपात में बहुत कम धन मिला। मेक्सिकों को 67 बिलियन और चीन को मात्र 50 बिलियन डॉलर मिले। बात बहुत साफ है कि संसार के कोने-कोने में रहने वाले भारतीयों ने अपने देश...
डाक्टर और जानलेवा लापरवाही ?

डाक्टर और जानलेवा लापरवाही ?

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
भारतीय संसद द्वारा हाल ही में भारतीय न्याय संहिता में जो बदलाव किया गया है वह डॉक्टरों के लिये तो निश्चय ही राहतकारी है, लेकिन यदि वास्तव में जानलेवा लापरवाही होती है तो क्या मरीज को न्याय मिल सकेगा? कुछ लोग इस फैसले की तार्किकता पर सवाल उठाते हैं। दरअसल, भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 में किसी लापरवाही से होने वाली मौत के लिये जुर्माने के अलावा पांच साल की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही इलाज में लापरवाही के प्रकरण में चिकित्सकों को राहत देते हुए इस सजा को घटाकर अधिकतम दो साल व जुर्माना कर दिया गया है। सरकार की दलील है कि लोगों के इलाज करने वाले चिकित्सकों को अनावश्यक दबाव से बचाने के लिये भारतीय मेडिकल एसोसिएशन के आग्रह पर यह कदम उठाया गया है, लेकिन वहीं जानकार मानते हैं कि मरीजों के जीवन रक्षा के अधिकार का भी सम्मान होना चाहिए। संसद के शीतकालीन सत्र में अभूतपूर्व हंगामे और निलं...
गतिरोध एवं उपराष्ट्रपति की मिमिक्री करना दुर्भाग्यपूर्ण

गतिरोध एवं उपराष्ट्रपति की मिमिक्री करना दुर्भाग्यपूर्ण

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
ललित गर्ग लोकसभा एवं राज्यसभा में सत्तापक्ष या विपक्ष का अनुचित एवं अलोकतांत्रिक व्यवहार न केवल अशोभनीय, अनुचित एवं मर्यादाहीन है बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की आदर्श परम्पराओं को धुंधलाने वाला है। शीतकालीन सत्र से लोकसभा के अब तक 95 एवं राज्यसभा के 46 कुल 141 सांसदों को सस्पेंड किए जाने के बाद विपक्षी सांसद संसद परिसर में धरना दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारकर मिमिक्री की, निश्चित ही इस तरह का अपमानजनक एवं अशालीन व्यवहार भारत के लोकतंत्र को कलंकित करने की चिन्ताजनक घटना है। उपराष्ट्रपति सर्वोच्च एवं सम्मानजनक पद है, इसकी गरिमा को आहत करना एवं उस पर आंच आने का अर्थ है राष्ट्र की अस्मिता एवं अस्तित्व को धुंधलाने की कुचेष्टा। तभी उपराष्ट्रपति धनखड़ ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह हास्यास्पद और अस्वीकार्य है कि एक सांसद मेर...
अल्पसंख्यक अधिकार दिवस- 18 दिसम्बर 2023

अल्पसंख्यक अधिकार दिवस- 18 दिसम्बर 2023

EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय, सामाजिक
अल्पसंख्यकों को नहीं बांटें और सत्य को नहीं ढकें- ललित गर्ग- अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पहली बार 18 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मनाया गया था। भारत में, इस दिन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) द्वारा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस व्यापक स्तर पर मनाया जाता है। यह दिवस राष्ट्रीय या जातीय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों से संबंधित व्यक्तियों के अधिकारों की घोषणा को जीवंतता प्रदान करने का दिवस है। भारत में इस वर्ष की थीम के अन्तर्गत केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के गैर-भेदभाव और समानता के अधिकारों की गारंटी के प्रयास सुनिश्चित करने के लिये प्रतिबद्ध है। इस दिन, देश के अल्पसंख्यक समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों और मुद्दों पर ध्यान खींचा जाता है। लोग धार्मिक, सांस्कृतिक, भाषाई और जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने की बात करते हैं। अल्पसंख्यक शब्द अल्प और संख्यक दो शब्दों ...
नरसी मेहता की जन्म जयन्ती- 19 दिसम्बर, 2023 के लिये विशेष

नरसी मेहता की जन्म जयन्ती- 19 दिसम्बर, 2023 के लिये विशेष

BREAKING NEWS, TOP STORIES, धर्म, सामाजिक
संतकवि नरसी मेहता :परमात्मा नहीं, पर परमात्मा से कम नहीं-ः ललित गर्ग:- नरसी मेहता न केवल गुजराती भक्ति साहित्य बल्कि समूचे राष्ट्र के भक्ति साहित्य की श्रेष्ठतम विभूति थे। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व की महत्ता के अनुरूप साहित्य के इतिहास-ग्रंथों में ‘नरसिंह-मीरा-युग’ नाम से एक स्वतंत्र काव्यकाल का निर्धारण किया गया है जिसकी मुख्य विशेषता भावप्रवण कृष्णभक्ति से अनुप्रेरित पदों का निर्माण है। पद-प्रणेता के रूप में गुजराती साहित्य में नरसी का लगभग वही स्थान है जो हिंदी में सूरदास का। ‘वैष्णव जन तो तैणे कहिए जे पीड पराई जाणे रे’ पंक्ति से आरंभ होनेवाला सुविख्यात पद नरसी मेहता का ही है। उन्होंने इस भजन में एक बात अच्छी प्रकार से कह दी है। ‘पर दुःखे उपकार करे’ कह कर भजन में रुक गए होते, तो वैष्णव जनों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। ‘पर दुःखे उपकार करे तोए मन अभिमान न आणे रे“ कह कर हम सब में ...
मोदी राज में अटकलों की कोई जगह नहीं

मोदी राज में अटकलों की कोई जगह नहीं

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
रजनीश कपूर पाँच राज्यों के चुनाव संपन्न होते ही भाजपा द्वारा जीते गये तीन राज्यों में ‘कौन बनेगा मुख्य मंत्री’ को लेकर काफ़ी अटकलें लगने लगी। सभी राजनैतिक पंडित, पत्रकार और विश्लेषक अनुमान लगाने लग गये कि तीन राज्यों में किसका चेहरा सामने आएगा। परंतु इसके साथ ही सभी का यह मानना था कि मोदी राज में किसी भी तरह की अटकलों की कोई भी जगह नहीं है। यह बात भी चर्चा में आती है कि जब भी किसी महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति होने वाली होती है तो यदि व्यक्ति का नाम उस पद के लिए उठने लगता है तो उसे वह पद नहीं मिलता। प्रधान मंत्री मोदी एक ऐसे चेहरे को सामने लाते हैं जिसका किसी को कोई भी अंदाज़ा नहीं होता। कुछ वर्ष पहले जब ‘राडिया टेप्स’ का खुलासा हुआ था तो, काफ़ी हंगामा मचा था कि किस तरह महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों को कुछ पत्रकार और कॉर्पोरेट जगत के लोग नियंत्रित करते हैं। इसके चलते उस समय की ...
ईवीएम पर रोने से क्या होगा?

ईवीएम पर रोने से क्या होगा?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
-विनीत नारायणयह सही है कि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की विधान सभाओं के चुनावों के नतीजे चौकने वाले आए हैं।क्योंकि इन दोनों राज्यों में पिछले कुछ महीनों से हवा कांग्रेस के पक्ष में बह रही थी। इसलिये सारा विपक्षहैरान है और हतोत्साहित भी। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कमल नाथ इन परिणामों के लिएइलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और चुनाव आयोग को दोषी ठहरा रहे हैं। अपने सैंकड़ों आरोपों केसमर्थन में इन नेताओं के कार्यकर्ता तमाम साक्ष्य जुटा चुके हैं। इसी चुनाव में मध्य प्रदेश में डाक से आयेमत पत्रों में 171 विधानसभाओं में कांग्रेस जीत रही है यह सूचना चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से पता चलीहै। फिर मध्य प्रदेश में कांग्रेस कैसे हार गई। जिस इलाके के सारे मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में वोट दियाथा वो भी ये देखकर हैरान हैं कि उनके इलाके से भाजपा को इतने वोट कैसे मिल गये। ऐसे तमाम प्रमाणोंको लेकर मध्य प्रदेश क...
2024 का माहौल मोदी और भाजपा के लिए अनुकूल है

2024 का माहौल मोदी और भाजपा के लिए अनुकूल है

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
प्रधानमंत्री द्वारा हैट्रिक की संभावना का उपहास उड़ाने वाले बदले भारत को नहीं समझ रहे2024 का माहौल मोदी और भाजपा के लिए अनुकूल हैअवधेश कुमारविधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने केंद्रीय कार्यालय से संबोधन में जैसे ही लोकसभा चुनावों की हैट्रिक को सुनिश्चित बताया विरोधियों ने उत्तर दक्षिण खाई का शोर मचाना शुरू कर दिया है। चुनाव अभियान के बीच जिस खतरनाक तरीके से दक्षिण की सोच, राजनीति और‌ व्यवहार को उत्तर भारत से अलग बताने की कोशि शुरु हुई वह अंग्रेजों की विभाजनकारी नीति की याद दिलाने वाला है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में उत्तर देते हुए लिखा है कि वह अपने अहंकार, झूठ, निराशावाद और अज्ञानत की खुशफहमी में रह सकते हैं लेकिन लोगों को विपक्षियों के विभाजनकारी एजेंडा से सावधान रहना चाहिए क्योंकि 70 साल की पुरानी आदत इतनी आसानी से नहीं जा सकती। एक्स पर पोस्ट का शीर्षक था, म...
राम मंदिर के लिए नई राम लला की मूर्ति बनाने के फैसले के साथ, 1949 में ‘चमत्कारिक रूप से प्रकट’ होने वाली मूर्ति का क्या होगा: हम अब तक क्या जानते हैं ?

राम मंदिर के लिए नई राम लला की मूर्ति बनाने के फैसले के साथ, 1949 में ‘चमत्कारिक रूप से प्रकट’ होने वाली मूर्ति का क्या होगा: हम अब तक क्या जानते हैं ?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
राम मंदिर के लिए नई राम लला की मूर्ति बनाने के फैसले के साथ, 1949 में 'चमत्कारिक रूप से प्रकट' होने वाली मूर्ति का क्या होगा: हम अब तक क्या जानते हैं ? हिंदू अनुयायियों का एक दशक पुराना इंतजार जनवरी 2024 में खत्म होने जा रहा है। राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हाल ही में, अयोध्या में आगामी राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम की एक नई मूर्ति की स्थापना के संबंध में कुछ रिपोर्ट प्रकाशित की गई, जिसे देखने के लिए भक्तों ने उत्सुकता जताई कि 'आदर्श मंदिर' में वर्तमान राम लला की प्रतिमा स्थापित की जाएगी । मूर्ति का क्या होगा । 'या साइट पर 'अस्थायी मंदिर तम्बू'। कथित तौर पर , भगवान गणेश पर भगवान राम की पांच साल पुरानी काले पत्थरों से बनी पांच फुट ऊंची मूर्ति अंकित की गई है। 1949 में 'चमत्कारिक रूप' धारण करने वाले मूल राम लला का आकार बहुत छोटा है। आगे बढ़...