
डीपफेक : भारत दुनिया के असुरक्षित देशों में छठे स्थान पर
विश्व के साथ भारत में भी सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। लोग सहज भाव से अपनी फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं, लेकिन वे इससे जुड़े ख़तरों से सचेत नहीं हैं।काफी पहले से ही यह आशंका जतायी जा रही थी कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिये अपराधी तत्वों द्वारा खतरनाक मंसूबों को अंजाम दिया जा सकता है। इस खतरे को देख आईटी विशेषज्ञ चेताते भी रहे हैं। हाल ही में बॉलीवुड की एक नायिका के वीडियो में छेड़छाड़ करके उसे विकृत करने के मामले ने इन आशंकाओं की हकीकत को बताया है।
दरअसल, डीपफेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के टूल द्वारा छवियों और वीडियो को शरारतन बदलने का वह जरिया है, जिससे समाज में भ्रामक स्थिति पैदा की जा सकती है। उसमें वह कहा या होता दिखा दिया जाता है जो वास्तव में होता ही नहीं है। लेकिन असली होने का भ्रम पैदा क...