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कार्यस्थलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई कोविड-सुरक्षा यूनिट

कार्यस्थलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई कोविड-सुरक्षा यूनिट

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नई दिल्ली, 17 जुलाई (इंडिया साइंस वायर): कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए शोधकर्ता विभिन्न युक्तियां खोजने में जुटे हुए हैं। दुर्गापुर स्थित सेंट्रल मेकैनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमईआरआई) के शोधकर्ताओं ने इस दिशा में काम करते हुए नया ‘कोविड प्रोटेक्शन सिस्टम’ (कॉप्स) ईजाद किया है जो कार्यस्थलों पर कोविड-19 का संक्रमण रोकने में उपयोगी हो सकता है। कॉप्स सिस्टम में संपर्क रहित सोलर आधारित ऑटोमेटेड मास्क डिस्पेंसिंग यूनिट और थर्मल स्कैनर (इंटेलिमास्ट) लगाया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित यह सिस्टम स्वचालित कामकाज में मददगार होगा। सीएमईआरआई द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह तकनीक व्यावसायिक हस्तांतरण के लिए तैयार है। निकट भविष्य में सीएमईआरआई की योजना एक डिजिटल एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की है। सोलर आधारित इंटेलिमास्ट ...
शांत रहिये, इमोजी यूज कीजिये और खुश रहिये (हमारी भावनाओं को बगैर सामने रहे भी जाहिर करने का बेहतरीन जरिया हैं इमोजी।)

शांत रहिये, इमोजी यूज कीजिये और खुश रहिये (हमारी भावनाओं को बगैर सामने रहे भी जाहिर करने का बेहतरीन जरिया हैं इमोजी।)

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इमोजी हमारी भावनाओं का संकेत होते हैं, जिनके जरिए आप अपने जज्बातों को बयां करते हैं, और हंसी-ख़ुशी दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ सम्पर्क में रहते है. पूरी दुनिया में विश्व इमोजी दिवस 17 जुलाई को मनाया जाता है. इस दिन "इमोजी का वैश्विक उत्सव" माना जाता है. ये दिवस 2014 के बाद से प्रतिवर्ष मनाया जाता है, पहला इमोजी दिवस साल 2014 में बनाया गया था. इस हिसाब से इस बार इस दिवस की सातवीं सालगिरह है. हालांकि इसकी शुरुआत काफी पहले हुई थी. जापान के डिजाइनर शिगेताका कुरीता ने साल 1999 में ही इमोजी का सेट तैयार किया था. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ब्रिटेन की एक प्रसीद यूनिवर्सिटी में इमोजी पाठ्यक्रम के रूप में शामिल है. वास्तवमें विश्व इमोजी दिवस "जेरेमी बर्गे के दिमाग की उपज" है, लंदन स्थित इमोजीपी के संस्थापक ने इसे 2014 में बनाया था. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार ब...
प्रकृति हमें कब बचाएगी

प्रकृति हमें कब बचाएगी

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इस दुष्काल में हुए लॉक डाउन ने भारतीयों को प्रकृति का सानिध्य महसूस कराया था हम घर में रहते हुए सुबह की मंद बयार और गौधुली की उष्मा महसूस करने लगे थे | लॉक डाउन-१ हटा हो या २  हालत बदतर ही  हुए | अब उद्योग खुलने के साथ पर्यावरण सूचकांक फिर डराने लगा है | सच भी है कोई भी व्यावहारिक कारोबार हमेशा इस बात को लेकर चिंतित रहेगा कि वह वो सब करे करे जिन पर उसका कारोबार निर्भर है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का विरोध ठप है क्योंकि लॉकडाउन के कारण लोग एकत्रित नहीं हो सकते। ऐसे में अब तक उनकी अनदेखी करता आया मंत्रालय अब क्यों ध्यान देगा? सच तो यह है कि सारा भारतीय समाज जिस पर्यावरण की निर्मलता से निरापद रहेगा | उस पर्यावरण के मोर्चे पर देश  पिछड़  रहा है |इस  नाकामी का एक मानक येल विश्वविद्यालय के पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक में दिखता है। सन २०२०  में जारी सूचकांक में भारत १८०  देशों में १६८ वें स्थान पर रहा...
भारत में सच्चा लोकतंत्र कैसे लाएं ?

भारत में सच्चा लोकतंत्र कैसे लाएं ?

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कल के मेरे लेख हमारे ‘ढोंगी लोकतंत्र’ पर प्रतिक्रियाओं की बरसात हो गई। लोग पूछ रहे हैं कि भारत को सच्चा लोकतंत्र कैसे बनाएं ? कुछ सुझाव दीजिए। सबसे पहले देश की सभी पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र हो याने किसी भी पद पर कोई भी नेता बिना चुनाव के नियुक्त न किया जाए। पार्टी के अध्यक्ष तथा सभी पदाधिकारियों का सीधा चुनाव हो, गुप्त मतदान द्वारा। दूसरा, किसी को भी नगर निगम, विधानसभा या संसद का उम्मीदवार घोषित करने के पहले यह जरुरी हो कि वह पार्टी-सदस्य पहले अपनी पार्टी के आतंरिक चुनाव में बहुमत प्राप्त करे। नेताओं द्वारा नामजदगी एकदम बंद हो। तीसरा, यह भी किया जा सकता है कि पार्टी अध्यक्ष, महासचिव और सचिवों को दो बार से ज्यादा लगातार अपने पद पर न रहने दिया जाए। चौथा, पार्टी के आय और व्यय का पूरा हिसाब हर साल सार्वजनिक किया जाए। हमारी पार्टियों को रिश्वत और दलाली के पैसों से परहेज करना सिखाया जाए। पां...
मार्च 2021 तक कोरोना से 28 लाख मौत – भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु

मार्च 2021 तक कोरोना से 28 लाख मौत – भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु

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भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु ने एक स्टडी में दावा किया है की 1 सितम्बर 2020 तक देश में 35 लाख कोरोना संक्रमित होगे, जबकि बेंगलुरु में 2.1 लाख कोरोना संक्रमित होगे | भारत में इस समय कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है | ऐसे में इस स्टडी का महत्व बढ़ जाता है | इनके द्वारा यह दावा वर्तमान में कोरोना संक्रमण की बढ़ती गति के आधार पर किया गया है | इसी अवधि तक सक्रीय कोरोना केस की संख्या पुरे देश में 10 लाख रहेगी जबकि कर्नाटका में सक्रीय कोरोना संक्रमित की संख्या 1 सितम्बर 2020 तक 71,300 रहेगी | भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु का यह भी दावा है की यदि संक्रमण पर कुछ नियन्त्रण हो पाता है तो 1 सितम्बर 2020 तक कोरोना संक्रमण संख्या पुरे देश में 20 लाख होगी जिनमे से सक्रीय केस 4.75 लाख रहेगी और इस संक्रमण से मरने वाले लोगो की संख्या 88000 संभावित है | कर्नाटका के सन्दर्भ में इस अवधि में...
नयी तकनीक से ग्रामीण भारत में कृषि क्षेत्र को बदलना होगा

नयी तकनीक से ग्रामीण भारत में कृषि क्षेत्र को बदलना होगा

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कोरोना काल ने ग्रामीण भारत के युवाओं को कृषि की और मोड़ दिया है. इस दौरान पढ़ी-लिखी युवा पीढ़ी  कृषि क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के बारे इसकी दक्षता में सुधार के तरीके ढूंढ रही है, इसके अलावा यह भी अधिक जोर दे रहा है कि कैसे प्रौद्योगिकी को अपनाकर ग्रामीण भारत में कृषि दक्षता को बाध्य जा सकता है. भारत घरेलू और वैश्विक कृषि उत्पादन मांग में अग्रणी योगदानकर्ताओं में से एक है. भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक, फल और सब्जी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, और प्रौद्योगिकी अपनाने से इन आंकड़ों को विभिन्न तरीकों से बेहतर बनाने में मदद की है. लेकिन फिर भी आज भारतीय कृषि समस्याओं से मुक्त नहीं है. वैकल्पिक उपयोगों के लिए कृषि भूमि का रूपांतरण, कृषि जोत के औसत आकार में गिरावट ने खेती की पारंपरिक विधियों को कुशलता से लागू करने की चुनौती देते हुए औसत भूमि...
IIT Delhi launched low cost COVID-19 test kit

IIT Delhi launched low cost COVID-19 test kit

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New Delhi, Jul 15 (India Science Wire): According to World Health Organisation (WHO) testing is the key to combat novel coronavirus. With large population testing in large number is prohibitive in Indian conditions. Keeping this in mind a low-cost COVID-19 test kit developed by Indian Institute of Technology (IIT) Delhi has been launched. According to the researchers the current testing methods available are “probe-based”, while the one developed by them is a “probe-free” method, which reduces the testing cost even while the accuracy is not compromised. Normal RT-PCR technology uses custom-synthesised probe that looks for a specific region of the particular viral RNA, in this case novel coronavirus. The primer and the probe bind to specific locations along the specific viral genome...
भारत के लिए खतरा है चीन—ईरान गठजोड़

भारत के लिए खतरा है चीन—ईरान गठजोड़

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भारत के पड़ौसी देशों में चीन का दबदबा पहले से बढ़ा हुआ है लेकिन अब उसने ईरान पर भी डोरे डाल दिए हैं। अब वह ईरान में 400 बिलियन डाॅलर की पूंजी लगाएगा। अगले 25 साल के दौरान होनेवाले इस विनियोग से ईरान में क्या-क्या नहीं होगा ? सड़कें बनेंगी, रेलें डलेंगी, बंदरगाह खड़े होंगे, बैंकिंग और संचार को नए आयाम मिलेंगे, नए अस्पताल और स्कूल खुलेंगे। फौजी सहयोग बढ़ेगा। चीन ईरानी फौजियों को प्रशिक्षित करेगा, शस्त्रास्त्र देगा, जासूसी-सूचना का आदान-प्रदान करेगा और ‘आतंकवाद’, आदि से लड़ने में मदद करेगा। यह खबर निकली है, उस 18 पेज के दसतावेज़ से, जो न्यूयार्क टाइम्स में छपा है। कोई आश्चर्य नहीं कि चीन को ईरान अपना सामरिक अड्डा बनाने के लिए भी कोई जगह दे दे। यदि ऐसा हुआ तो चीन खाड़ी और पश्चिम एशिया के क्षेत्रों में अपना वर्चस्व कायम करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। वह ईरान को अपना अड्डा बनाकर अमेरिका के ‘पिट्ठुओं’ इस...
कोरोना कहर से बदली जिन्दगी को स्वीकारें

कोरोना कहर से बदली जिन्दगी को स्वीकारें

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कोरोना महासंकट ने हमारी सोच एवं संवेदना ही नहीं बदली बल्कि हमारा सम्पूर्ण जीवन बदल दिया है। जनसंख्या की दृष्टि से विश्व का दूसरा सबसे बड़ा और लोकतंत्र व्यवस्था में सबसे बड़ा राष्ट्र, कोरोना महामारी को नियंत्रित करने में अब तक सफल रहा हैं। हमने भी देशव्यापी लाॅकडाउन, सोशल डिस्टेंसिग, निजी स्वच्छता, संयम, आत्मबल जैसे उपायों से कोरोना वायरस के भयावह प्रसार को रोकने की कोशिश की है। सामुदायिक व्यवहार में इस संयम, स्व-विवेक, सादगी एवं अनुशासन के अभीष्ट परिणाम भी मिले हैं। जहां-जहां इन उपायों का कड़ाई से पालन किया गया है, वहां पर रोगियों की संख्या तथा मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत जहां इन उपायों का उल्लंघन या उनके पालन में ढिलाई बरती गई, वहां पर रोगियों की संख्या में तेजी देखी गई है। अब कोरोना असली चुनौती बन रहा है। अभी हमें पूरी सावधानी एवं सतर्कता बरतनी होगी, अन्यथा कोरोना क...
Drug Discovery Hackathon training programme launched

Drug Discovery Hackathon training programme launched

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New Delhi, Jul 14 (India Science Wire): The Drug Discovery Hackathon (DDH), 2020 training programme kick-started with lectures on different topics. It is an online platform to take open source drug discovery to a higher pedestal in the crusade against the COVID-19 pandemic. Dr Shekhar C. Mande, Director General, Council of Scientific and Industrial Research (DG-CSIR) delivered a lecture on “Rational Drug Design: An Overview”. He laid emphasis on target identification and validation, assay development, virtual screening (VS), high throughput screening (HTS), quantitative structure-activity relationship (QSAR) and refinement of compounds, characterization of prospective drugs, testing on animals for activity and side effects, clinical trials and Food and Drug Administration (FDA) app...