Shadow

BREAKING NEWS

भारत वर्तमान में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, इज़राइल और अन्य देशों के साथ एफटीए पर बातचीत करने की प्रक्रिया में है

भारत वर्तमान में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, इज़राइल और अन्य देशों के साथ एफटीए पर बातचीत करने की प्रक्रिया में है

BREAKING NEWS, Current Affaires, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
भारत वर्तमान में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, इज़राइल और अन्य देशों के साथ एफटीए पर बातचीत करने की प्रक्रिया में है वस्त्र राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने हाल ही में एक मुक्त व्यापार समझौते-एफटीए पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे भारतीय वस्त्र और परिधानों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है। भारत, वर्तमान में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, इज़राइल और अन्य देशों/क्षेत्रों के साथ एफटीए पर बातचीत करने की प्रक्रिया में है। बांग्लादेश, कंबोडिया और श्रीलंका आदि जैसे पड़ोसी प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में भारत कुछ बाजारों जैसे यूरोपीय संघ, ब्रिटेन आदि में शुल्क हानि का सामना कर रहा है। सरकार अपनी बाज़ार पहुंच पहल (एमएआई) योजना के अंतर्गत विभिन्न निर्यात को व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों, क्रेता-विक...
भारत का लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप केंद्र बनने का है

भारत का लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप केंद्र बनने का है

BREAKING NEWS, Current Affaires, Today News, राष्ट्रीय, सामाजिक
भारत का लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप केंद्र बनने का है: श्री पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य और खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री, श्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि देश का लक्ष्य दुनिया में सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम बनने का है। संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में 'गेटवे टू ग्रोथ - राउंडटेबल ऑन इंडियन स्टार्टअप इकोसिस्टम' पर एक सत्र को संबोधित करते हुए, श्री गोयल ने कहा, "आज हम तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम हैं, लेकिन हमारी आकांक्षा दुनिया का नंबर एक स्टार्टअप केंद्र बनने की है। स्टार्टअप बग ने भारत की कल्पना को पहचान लिया है। संपूर्ण नवाचार ईकोसिस्टम जिसका स्टार्टअप उद्योग प्रतिनिधित्व करता है, भारत को एक नई दिशा, नई गति दे रहा है।” संयुक्त अरब अमीरात के उद्यमिता और एसएमई राज्य मंत्री, अहमद बेलहौल अल फलासी (वर्चुअल माध्यम से), डॉ. थानी ...
टीबी उन्मूलन के लिए तम्बाकू उन्मूलन और ग़ैर-संक्रामक रोग नियंत्रण ज़रूरी

टीबी उन्मूलन के लिए तम्बाकू उन्मूलन और ग़ैर-संक्रामक रोग नियंत्रण ज़रूरी

BREAKING NEWS, Current Affaires, राष्ट्रीय, सामाजिक
टीबी उन्मूलन के लिए तम्बाकू उन्मूलन और ग़ैर-संक्रामक रोग नियंत्रण ज़रूरी शोभा शुक्ला और बॉबी रमाकांत - सीएनएस भारत सरकार ने 2025 तक (45 माह शेष) और दुनिया के सभी देशों ने 2030 तक (105 माह शेष) टीबी उन्मूलन के सपने को साकार करने का वादा किया है। परंतु जब तक वह अनेक कारण जो टीबी रोग होने का ख़तरा बढ़ाते हैं, जाँच में मुश्किल पैदा करते हैं, उपचार निष्फल करते हैं, और टीबी से मृत्यु तक का ख़तरा बढ़ाते हैं – जब तक ऐसे कारणों पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक टीबी उन्मूलन कैसे मुमकिन होगा? विश्व स्वास्थ्य संगठन की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में एक साल में (2020) 25.90 लाख लोग टीबी से संक्रमित हुए, और 5.1 लाख से अधिक लोग मृत। इन टीबी से ग्रसित 25.90 लाख लोगों में से सिर्फ़ 63% को उपचार नसीब हुआ। जब दवाएँ उपलब्ध हैं और टीबी सेवा केंद्र देश भर में हैं, तो 37% लोग क्यों टीबी उपचार से वंचित रह ग...
‘रोहनात’ गांव जहां आज़ादी के 71 साल बाद लहराया तिरंगा

‘रोहनात’ गांव जहां आज़ादी के 71 साल बाद लहराया तिरंगा

BREAKING NEWS, CURRENT ISSUE, राज्य, राष्ट्रीय, सामाजिक
'रोहनात' गांव जहां आज़ादी के 71 साल बाद लहराया तिरंगा -सत्यवान 'सौरभ' आजादी की लड़ाई में भारत के लाखों शूरवीरों ने अपने प्राण न्याैछावर किए थे। मगर आज कुछ यादों को संजोया गया है तो कुछ की किसी को जानकारी ही नहीं है। इसी में शामिल थी 1857 की क्रांति की एक कहानी, जिसमें अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ाने वाले गांव रोहनात हिसार (हरियाणा) के वीर थे। वो 29 मई 1857 की तारीख थी। हरियाणा के रोहनात गांव में ब्रिटिश फ़ौज ने बदला लेने के इरादे से एक बर्बर ख़ूनख़राबे को अंजाम दिया था। बदले की आग में ईस्ट इंडिया कंपनी के घुड़सवार सैनिकों ने पूरे गांव को नष्ट कर दिया।  लोग गांव छोड़कर भागने लगे और पीछे रह गई वो तपती धरती जिस पर दशकों तक कोई आबादी नहीं बसी। दरअसल यह 1857 के गदर या सैनिक विद्रोह, जिसे स्वतंत्रता की पहली लड़ाई भी कहते हैं, के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों के कत्लेआम की जवाबी कार्रवाई थी। रो...
एक बार फिर आये ऋषभ युग

एक बार फिर आये ऋषभ युग

BREAKING NEWS, Current Affaires, संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक
भगवान ऋषभदेव जन्म जयन्ती 26 मार्च, 2022 पर विशेषएक बार फिर आये ऋषभ युग -ललित गर्ग-भगवान ऋषभदेव जैन धर्म एवं वर्तमान अवसर्पिणी काल के प्रथम तीर्थंकर हैं। तीर्थंकर का अर्थ होता है-जो तीर्थ की रचना करें। जो संसार सागर यानी जन्म मरण के चक्र से मुक्ति दिलाकर मोक्ष प्रदत्त करें। ऋषभदेव को ‘आदिनाथ’ भी कहा जाता है। वे भगवान विष्णु के अवतार थे। जन-जन की आस्था के केन्द्र तीर्थंकर प्रभु ऋषभदेव का जन्म चैत्र कृष्ण नवमी को अयोध्या में हुआ। उन्होंने मनुष्य जाति को नया जीवन दर्शन दिया। जीने की शैली सिखलाई। वे जानते थे कि नहीं जानना बुरा नहीं मगर गलत जानना, गलत आचरण करना बुरा है। इसलिए उन्होंने सही और गलत को देखने, समझने, परखने की विवेकी आंख दी जिसे सम्यक् दृष्टि कहा जा सकता है।महाराज नाभि के यहां ऋषभ रूपी दिव्य बालक का जन्म हुआ। उसके चरणों में वज्र, अंकुश आदि के चिन्ह जन्म के समय ही दिखाई दिये। बालक के अ...
योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार ली यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ

योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार ली यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ

BREAKING NEWS, Today News
योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार ली यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ योगी आदित्यनाथ एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुने गए हैं। केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।...
करियर प्लस की उपाध्यक्ष शिक्षाविद डॉ. सारिका अग्रवाल को मिला “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022”

करियर प्लस की उपाध्यक्ष शिक्षाविद डॉ. सारिका अग्रवाल को मिला “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022”

BREAKING NEWS, Current Affaires, प्रेस विज्ञप्ति
करियर प्लस की उपाध्यक्ष शिक्षाविद डॉ. सारिका अग्रवाल को मिला “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022” नोएडा निवासी शिक्षाविद व समाजसेवी डा. सारिका अग्रवाल को दिनांक 25 मार्च 2022 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक समारोह में “ नेशनल वुमन अचीवर्स अवार्ड -2022” से सम्मानित किया गया। दीप वेलफ़ेयर सोसाइटी, मेट्रिक्स सोसाइटी व शोध संस्था द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री श्रीमती पूर्णिमा भौमिक मुख्य अतिथि थीं। पिछले पच्चीस वर्षों से आईएएस, पीसीएस व अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं आदि की कोचिंग के क्षेत्र में देश की अग्रणी संस्था करियर प्लस एजुकेशनल सोसाइटी की उपाध्यक्ष डा सारिका अपनी संस्था के माध्यम से दलित, गरीब, दिव्यांग व पिछड़े हज़ारों छात्र छात्राओं को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध करा उनको सफलता के शिखर पर पहुँचा चुकी हैं। उनकी संस...
48 मंत्रियों की लिस्ट फाइनल, शपथ से पहले योगी से मिलने पहुंचे एके शर्मा-स्वतंत्रदेव सिंह-असीम अरुण

48 मंत्रियों की लिस्ट फाइनल, शपथ से पहले योगी से मिलने पहुंचे एके शर्मा-स्वतंत्रदेव सिंह-असीम अरुण

BREAKING NEWS, Today News
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आज शाम 4 बजे योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ करीब 50 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति का माध्यम बने अहिंसा यात्रा

रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति का माध्यम बने अहिंसा यात्रा

BREAKING NEWS, Current Affaires, समाचार, सामाजिक
रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति का माध्यम बने अहिंसा यात्रा -ललित गर्ग- रूस-यूक्रेन युद्ध को चलते हुए लगभग एक माह होने जा रहा है। रूस वांछित नतीजा हासिल नहीं कर पाया है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, अधिक विनाश एवं विध्वंस की संभावनाएं बढ़ती जा रही है। यूक्रेन और रूस में शांति का उजाला करने, अभय का वातावरण, शुभ की कामना और मंगल का फैलाव करने के लिये भारत को शांति प्रयास करने चाहिए। एकमात्र भारत ही ऐसा देश है जो अपने आध्यात्मिक तेज एवं अहिंसा की शक्ति से मनुष्य के भयभीत मन को युद्ध की विभीषिका से मुक्ति दे सकता। इन दोनों देशों को युद्ध विराम के लिये राजी करके विश्व को निर्भय बना सकता है। इन युद्ध एवं हिंसा के वातावरण में अहिंसा यात्रा एवं उसके प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण का सन्देश कारगर हो सकता है। क्योंकि राष्ट्रसंत आचार्य श्री महाश्रमण कीर्तिधर यायावर संतपुरुष हैं, जिन्होंने अपनी अहिंसा या...
संसदीय लोकतंत्र और वैश्वीकरण

संसदीय लोकतंत्र और वैश्वीकरण

BREAKING NEWS, Current Affaires, राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
संसदीय लोकतंत्र और वैश्वीकरण संसद सरकार के कामकाज के लिए एक केंद्रीय आधारभूत संस्था है। दुनिया भर के देशों ने संसदीय संस्थाओं को इस तरह विकसित किया है जो स्थानीय जरूरतों के लिए सबसे उपयुक्त है। सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई विविधताओं के बावजूद, एक सामान्य बात यह है कि विभिन्न देशों की संसदें लोगों का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनकी जरूरतों, आशाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति करती हैं; संसद लोगों के प्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त करने और सरकारी गतिविधियों की जांच करने के लिए एक मंच प्रदान करती है। इस मंच पर ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के मामलों पर विस्तार से चर्चा की जाती है और शासन के विभिन्न कानूनों, नीतियों और कार्यक्रमों को आकार दिया जाता है। संसद की संस्था एक जीवित इकाई है। इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरती जरूरतों और लगातार बदलते परिदृश्य के साथ खु...