
राहुल गांधी का कद भी बढ़ा एवं राजनीतिक कौशल भी
- ललित गर्ग -राहुल गांधी लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता बन गये हैं, यह उनका पहला संवैधानिक पद है, इससे पहले वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। इस बड़े पद के साथ उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ जायेंगी। दस वर्षों बाद लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता का पद मिला है। वैसे इस बार के चुनाव एवं चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद राहुल गांधी का न केवल आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि उनमें राजनीतिक कौशल एवं परिपक्वता भी देखने को मिल रही है, इससे यह प्रतीत होता है कि वे प्रतिपक्ष नेता के पद के साथ न्याय करते हुए अपनी राजनीति को चमकायेंगे एवं रसातल में जा चुकी कांग्रेस को सुदृढ़ करेंगे। वैसे देखा गया है कि प्रतिपक्ष के नेता बनने वाले अधिकांश लोग प्रधानमंत्री तक पहुंचे हैं। लेकिन राहुल गांधी को इसके लिये अभी लम्बा संघर्ष करना होगा, परिपक्व राजनीति एवं देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को साबित करना होगा। निश्चित ...