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बाबाओं का झूठा बल, अंधविश्वास का दलदल

बाबाओं का झूठा बल, अंधविश्वास का दलदल

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
 हमारा देश वैज्ञानिक दृष्टि से कितना पिछड़ा हुआ है, यह सब रोज-रोज के ऐसे कारनामे देखकर हम समझ सकते हैं, हमारे भारत की महिलाओं में कभी माताएं आती रहती है तो पुरुषों में कभी अमुक आते रहते हैं, आखिर यह अंधविश्वास और पाखंडवाद हमारे देश को किस दलदल में ले जाकर धकेलेगा। हम इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते और भारत की लाखों करोड़ों जनता इन जैसे पाखंडियों के जाल में फंस कर के अंधविश्वास और पाखंड के दलदल में धंसते जा रहे हैं। -प्रियंका सौरभ पढा लिखा व्यक्ति यदि अपने आप को अंधविश्वास, मनुवाद, पाखण्ड की दलदल से बाहर नहीं निकाल पाए तो उसके शिक्षित होने का कोई मतलब नहीं है। किसी महापुरुष ने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो जितना पिएगा उतना दहाड़ेगा।  इसको अंधविश्वास के दलदल में मत धकेलो।  स्वामी विवेकानंद ने कहा था- "मैं आप लोगों को अंधविश्वासी मूर्खों क...
भारत में विदेशी शिक्षण संस्थान नफ़ा या नुकसान

भारत में विदेशी शिक्षण संस्थान नफ़ा या नुकसान

BREAKING NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने की अनुमति देने का सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है। यह पहल न केवल हमारे छात्रों को वैश्विक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच प्रदान करेगी बल्कि संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा करेगी। लेकिन नया नियम विदेशी संस्था को मुक्त खेल की अनुमति देता है, और उन्हें अधिक स्वतंत्रता दी जाती है, जो भारतीय संस्थान को नहीं दी जाती है "उदाहरण के लिए, वे अपनी फीस, प्रवेश मानदंड तय कर सकते हैं, और संकाय नियुक्तियों में पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं। “नीति भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली को नुकसान, कमजोर और नष्ट कर देगी, जिससे व्यवसायीकरण हो जाएगा। -प्रियंका सौरभ विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने की अनुमति देने का सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है। यह ...
23 जनवरी 1809 क्राँतिकारी वीर सुरेन्द्र साय का जन्म : पुलिस प्रताड़ना : जेल में बलिदान

23 जनवरी 1809 क्राँतिकारी वीर सुरेन्द्र साय का जन्म : पुलिस प्रताड़ना : जेल में बलिदान

TOP STORIES, राज्य, राष्ट्रीय
रमेश शर्मा भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध 1857 की क्रांन्ति से सब परिचित हैं । लेकिन इससे पहले भी क्रांतियाँ हुईं हैं । यह अलग बात है कि उन क्रांतियों पर व्यापक चर्चा न हो सकीं और इतिहास में उतना स्थान बना जितनी जाग्रति उन अभियानों में क्रान्तिकारियों ने की थी । फिर भी यहाँ वहाँ उनका उल्लेख है । शताब्दियाँ बीत जाने पर भी लोक जीवन की चर्चाओं में उनका उल्लेख है । ऐसी ही एक क्रांति के नायक थे वीर सुरेन्द्र साय जो उड़ीसा में जन्मे थे । जिन्होंने अपने जीवन के 36 वर्ष जेल में बिताये और जेल की प्रताड़ना से ही उनका बलिदान हुआ । उन्होंने मध्यप्रदेश की असीरगढ़ की जेल में जीवन की अंतिम श्वाँस ली ।वीर सुरेन्द्र साय का जन्म 23 जनवरी 1809 को उड़ीसा प्रांत के संबलपुर जिले में हुआ । उनका गाँव संबलपुर से तीस किलोमीटर दूर खिण्डा था । 1827 में संबलपुर के राजा का निधन हो गया । राजा निसंतान थे । यह वह दौर थ...
राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग

राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग

TOP STORIES, राष्ट्रीय
स्वतंत्र, कानून का पालन करने वाले संस्थान आवश्यक जांच और संतुलन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मजबूत और लचीले लोकतंत्रों के लिए अंतिम आधार प्रदान करते हैं। हाल ही में, भारत में समाज के कमजोर वर्गों द्वारा विरोध की कई घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा, असहमति के दमन की प्रकृति कानून प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिकों के बीच शक्ति के असंतुलन को दर्शा सकती है। राजनीतिक लाभ के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का दुरुपयोग सीधे तौर पर लोकतंत्र के लिए खतरा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार का अभियान सराहनीय है; हमें भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत है। लेकिन प्रवर्तन एजेंसियों को इस तरह से हथियार बनाना कि वे दोषी साबित होने तक निर्दोष माने जाने के अधिकार सहित एक नागरिक की मौलिक स्वतंत्रता पर रौंद डाले, यह हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। - डॉ सत्यवान सौरभ समकालीन भारती...
आपदा जोखिम की जड़ें कहीं? अंकुर कहीं।

आपदा जोखिम की जड़ें कहीं? अंकुर कहीं।

TOP STORIES, सामाजिक
अनियंत्रित शहरीकरण, भूकंपीय क्षेत्रों में निर्माण, तेजी से कटाव की गतिविधि ने इस क्षेत्र में गंभीर बाढ़ ला दी है। सरकार को इस प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए कार्यप्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है। नदियों को आपस में जोड़ने जैसी पहलों का स्वागत किया जाता है और इन्हें पूरी गति से आगे बढ़ाने की जरूरत है। ड्रेनेज सिस्टम को उचित और शहरी आवास योजनाओं के अनुरूप होना चाहिए। तैयारियों के संदर्भ में, मौसम पूर्वानुमान को मजबूत और टिकाऊ बनाए जाने की जरूरत है, विकास की पहल को और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। आपदाओं की अनिश्चितता और तत्परता को ध्यान में रखते हुए, लचीलेपन को मजबूत करने के लिए तंत्र बनाने की तत्काल आवश्यकता है। बेशक सरकार इस दिशा में काम कर रही है लेकिन सामुदायिक भागीदारी की भी आवश्यकता है। -प्रियंका सौरभ प्राकृतिक आपदाएँ एक प्रमुख कारण हैं जो किसी राष्ट्र के जीवन और संपत्ति पर...
पराक्रम के पुरोधा थे नेता जी

पराक्रम के पुरोधा थे नेता जी

TOP STORIES, राष्ट्रीय
पराक्रम के पुरोधा थे नेता जी या पराक्रम के प्रेरणापुंज थे नेता जी पराक्रम का शाब्दिक अर्थ है शौर्य या बल। पराक्रम (परा +क्रम) में परा उपसर्ग और क्रम मूलशब्द है। परा अर्थात नाश और क्रम अर्थात स्थिति या व्यवस्था। किसी स्थिति या व्यवस्थाका नाश ही पराक्रम कहलाता है। यहां स्थिति या व्यवस्था का तात्पर्य गुलामी से है।पराक्रम, स्वतंत्रता को इंगित करता है। ऐसा बल जो आपको गुलाम परिस्थितियों से स्वतंत्रकर दे वो ही पराक्रम कहलाता है। भारत का गुलामी की जंजीरों से स्वतंत्र होना ही नेता जीके पराक्रम की निशानी थी। सुभाष चंद्र बोस पराक्रमी पुरुष थे। उन्होंने अपने पराक्रम सेआज़ादी की जंग को नई ऊर्जा प्रदान की थी। भारत को वीर भूमि का देश कहा जाता है।वीर भूमि की वीरता को जब -जब आक्रांताओं ने चुनौती दी तब तब भारत की माता रूपीभूमि की कोख से वीर सपूतों ने जन्म लिया। इन वीर सपूतों में सुभाष चंद्र बोस भी थे। जय...
पाक हाई कमीशन- पहले जासूसी, अब यौन उत्पीड़न

पाक हाई कमीशन- पहले जासूसी, अब यौन उत्पीड़न

TOP STORIES, विश्लेषण
आर.के. सिन्हा राजधानी का डिप्लोमेटिक एरिया चाणक्यपुरी आजकल एकबार फिर खबरों में है। वजह यह है कि वहां पर स्थित पाकिस्तान के हाई कमिशन में एक भारतीय महिला प्रोफेसर के साथ यौन उत्पीड़न का केस सामने आया है। वह वहां पर पाकिस्तान जाने के लिए वीजा लेने के लिए गईं थीं। अफसोस कि पाकिस्तान हाई कमीशन में कभी कोई सार्थक और रचनात्मक गतिविधियां नहीं हुईं। वहां पर पाकिस्तान के स्वाधीनता दिवस पर बिरयानी की दावत जरूर आयोजित होती थी। पर यह जगह मात्र भारत की जासूसी का अड्डा बना रहा। यहां पर जम्मू-कश्मीर के पृथकतावादी और आतंकवादी नेताओं को दामादों की तरह से सम्मान मिलता ही रहा।  भारत सरकार ने 1950 के दशक में चाणक्यपुरी में विभिन्न देशों को भू-भाग आवंटित किये थे। पाकिस्तान को भी इस आशा के साथ बेहतरीन जगह पर अन्य देशों की अपेक्षा बड़ा प्लाट दिया गया था कि वह भारत से अपने संबंधों को मधुर बनाएगा। पर प...
निर्वाचन आयोग ‘चुनाव निष्ठा पर समूह’ के नेतृत्वकर्ता के रूप में ‘प्रौद्योगिकी का उपयोग और चुनाव निष्ठा’ पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा

निर्वाचन आयोग ‘चुनाव निष्ठा पर समूह’ के नेतृत्वकर्ता के रूप में ‘प्रौद्योगिकी का उपयोग और चुनाव निष्ठा’ पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) 23-24 जनवरी, 2023 को नई दिल्ली में 'प्रौद्योगिकी का उपयोग और चुनाव निष्ठा' विषय पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। दिसंबर, 2021 में वर्चुअल रूप में आयोजित 'लोकतंत्र के लिए शिखर सम्मेलन' के बाद 'चुनाव निष्ठा' की स्थापना की गयी थी, जिसके समूह का नेतृत्व ईसीआई कर रहा है। इस समूह का पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 31 अक्टूबर - 01 नवंबर, 2022 को नई दिल्ली में 'चुनाव प्रबंधन निकायों की भूमिका, रूपरेखा और क्षमता' विषय पर आयोजित किया गया था, जिसमें 11 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) के लगभग 50 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। समाप...
भोपाल में आठवें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का भव्य शुभारंभ

भोपाल में आठवें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का भव्य शुभारंभ

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने शनिवार को भोपाल में संयुक्त रूप से इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ-2022) का उद्घाटन किया। विज्ञान के महाकुंभ के नाम से विख्यात इस महोत्सव की थीम “विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ अमृतकाल की ओर अग्रसर” है। ओम प्रकाश सखलेचा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, भारत सरकार, डॉ राजेश गोखले, सचिव जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, डॉ एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर, डॉ सुधीर भदौरिया, महासचिव, विज्ञान भारती, डॉ संजय मिश्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, निकुंज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, मध्य प्रदेश, और भारत सरकार तथा मध्य प्रदेश सरकार के अन...
“देश और लोगों को सशक्त बनाता है वैज्ञानिक चेतना से लैस

“देश और लोगों को सशक्त बनाता है वैज्ञानिक चेतना से लैस

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सिनेमा”उमाशंकर मिश्रभारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) मेंविज्ञान संचार सलाहकार डॉ चंद्र मोहन नौटियाल ने कहा कि विज्ञान से भरपूर सिनेमा समाजकी तकनीकी ताकत है और यह देश और इसके लोगों को सशक्त बनाने का एक प्रभावी उपकरणहै। वह शनिवार को रजत जयंती सभागार, पं. खुशी लाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान, भोपाल, मध्यप्रदेश में शुरू हुए तीन दिवसीय भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव(आईएसएफएफआई) में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे थे। प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. चंद्र मोहननौटियाल जी-20 के कार्यकारी समूहों में से एक विज्ञान-20 (एस-20) के विशेष संदर्भ में"फिल्म्स टू रिफ्लेक्ट इंडियाज इमर्जेंस एज साइंस एंड टेक्नोलॉजी लीडर" विषय पर सभा कोसंबोधित कर रहे थे।वर्ष 2023 में जी-20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है। 2023 के लिए S-20 की थीम'नवोन्मेषी और सतत् विकास के लिए विघटनकारी विज्ञान' है। पिछले कई वर्षों से, G-20 देशो...