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विश्व शांति के लिए जरूरी है हिन्दुत्व : सुनील आंबेकर

विश्व शांति के लिए जरूरी है हिन्दुत्व : सुनील आंबेकर

BREAKING NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
डॉ. इन्दु‍शेखर तत्पुरुष की पुस्तक 'हिन्दुत्व: एक विमर्श' का विमोचन प्रख्यात कवि, आलोचक एवं संपादक डॉ. इन्दु‍शेखर तत्पुरुष की पुस्तक 'हिन्दुत्व: एक विमर्श' का विमोचन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर ने कहा कि विश्व शांति के लिए हिन्दुत्व बेहद जरूरी है। आधुनिक समय में हिन्दुत्व के नियमों को भूलने का परिणाम हम जीवन के हर क्षेत्र में महसूस करते हैं। इस अवसर पर भारतीय जन संचार संस्थान के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी एवं पांचजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एकात्म मानवदर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने की। संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय में वरिष्ठ आचार्या प्रो. कुमुद शर्मा ने किया। श्री आंबेकर ने कहा कि हिन्दुत्व का मूल तत्व एकत्व की...
जी20 में भारत की अध्यक्षता के साथ शुरू होगा साइंस-20

जी20 में भारत की अध्यक्षता के साथ शुरू होगा साइंस-20

TOP STORIES, राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 26 दिसंबर (इंडिया साइंस वायर): बीस देशों के अंतर-सरकारी और अंतरराष्ट्रीयमंच जी20 में 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। औद्योगिक और विकासशील दोनों देशों केइस संघ का मुख्य फोकस वैश्विक अर्थव्यवस्था के गवर्नेंस पर रहा है। हालाँकि, पिछले कई वर्षोंसे जी20 देशों का समूह जलवायु परिवर्तन के शमन और सतत् विकास जैसी अन्य वैश्विकचुनौतियों के समाधान की दिशा में काम कर रहा है। इस कड़ी में, जी20 के कई कार्यकारीसमूहों की स्थापना की गई है, जिनमें साइंस-20 (एस20) शामिल है।  जी20, एस20 और इसके जैसे अन्य कार्यसमूहों की अध्यक्षता वर्ष 2023 में भारत के पासरहेगी। वर्ष 2023 के लिए एस20 का विषय "अभिनव और सतत् विकास के लिए विघटनकारीविज्ञान" होगा। इस व्यापक विषय पर भारत के विभिन्न हिस्सों (अगरतला, लक्षद्वीप औरभोपाल) में साल भर विमर्श आयोजित किये जाएंगे। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलूरुएस20 के लिए स...
ये दोनों थे, विलक्षण प्रधानमंत्री*

ये दोनों थे, विलक्षण प्रधानमंत्री*

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, समाचार
ये दोनों थे, विलक्षण प्रधानमंत्री* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* आज (25 दिसंबर) श्री अटलबिहारी वाजपेयी का जन्म-दिवस है और परसों (23 दिसंबर) नरसिंहरावजी और स्वामी श्रद्धानंदजी की पुण्य तिथि थी। इन तीनों महानुभावों से मेरी व्यक्तिगत और आध्यात्मिक घनिष्टता रही है। स्वामी श्रद्धानंद आर्यसमाज और कांग्रेस के बड़े नेता थे। उन्होंने ही देश में गुरुकुल व्यवस्था को पुनर्जीवित किया, जिसका गुणगान नरेंद्र मोदी ने कल ही किया है। उनकी गणना स्वातंत्र्य संग्राम के सर्वोच्च सैनानियों में होती है। उन्होंने भारत की शिक्षा-व्यवस्था और हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में अपूर्व प्रतिमान कायम किए हैं। 23 दिसंबर 1926 को एक मूर्ख मजहबी ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। वे विद्वान, तपस्वी तथा त्यागी संन्यासी थे। वैसे ही आर्यसमाजी परिवार में श्री अटलबिहारी वाजपेयी ने जन्म लिया था। अटलजी और नरसिंहरावजी मेरे अभिन्न मित्र ...
भारतीय बन रहे हैं अमेरिकी अर्थव्यवस्था के शिल्पकार

भारतीय बन रहे हैं अमेरिकी अर्थव्यवस्था के शिल्पकार

TOP STORIES, आर्थिक, राष्ट्रीय
भारतीय बन रहे हैं अमेरिकी अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भारतीय मूल के नागरिकों का अमेरिका में आगमन विभिन स्तरों पर हुआ है। वर्ष 1890 तक भारतीय मूल के कुछ नागरिकों का कृषि श्रमिकों के रूप में अमेरिका में आगमन हुआ था। लगभग इसी खंडकाल में विशेष रूप से पंजाब से कुछ सिक्ख लोगों के जत्थे भी कनाडा एवं अमेरिका की ओर रवाना हुए थे। उस समय पर भारतीय मूल के नागरिकों ने अमेरिका में बहुत कठिनाईयों का सामना किया था क्योंकि अमेरिकी मूल के नागरिक भारतीय एवं अन्य एशियाई देशों जैसे चीन, जापान, फिलिपीन आदि के नागरिकों के लिए विभिन्न प्रकार की समस्याएं खड़ी कर रहे थे। एशियन मूल के नागरिक बहुत ही कम वेतन पर अधिक से अधिक मेहनत करते हुए कृषि क्षेत्र में भी काम करने को तैयार रहते थे, इससे अमेरिकी मूल के नागरिकों को आभास हुआ कि ये एशियन मूल के नागरिक उनके रोजगारों पर कब्जा कर लेंगे। इन कारणों के चलते उस समय पर इन ...
क्यों मोहम्मद इकबाल को बनाया जाता है महान

क्यों मोहम्मद इकबाल को बनाया जाता है महान

TOP STORIES, विश्लेषण
आर.के. सिन्हा उर्दू के शायर मोहम्मद इकबाल एक बार फिर से खबरों में हैं। दरअसल वे इस बार खबरों में इसलिए हैं, क्योंकि; उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर स्थित एक सरकारी स्कूल में 'मदरसे वाली प्रार्थना' कराये जाने का आरोप लगाते हुए एक स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षा मित्र के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। इन पर आरोप है कि ये  सरकारी स्कूल में 'मेरे अल्लाह, मेरे अल्लाह' बोल वाली एक प्रार्थना कराकर दूसरे धर्मों की धार्मिक भावनाएं आहत कर रहे थे। इन पर जो भी कार्रवाई होनी होगी वह तो हो ही जाएगी। वैसे जिस रचना पर बवाल मचा है वह कहते हैं कि मोहम्मद इकबाल ने ही लिखी थी। अब कुछ सेक्युलरवादी यह कह रहे हैं कि मोहम्मद इकबाल तो बहुत महान शायर थे। उनकी लिखी रचना को स्कूल में पढ़े जाने पर बवाल करना गलत है। इकबाल को महान बताने वालों को पता नहीं है कि ये...
भारत में शिक्षा का सुधार अत्यन्त आवश्यक*

भारत में शिक्षा का सुधार अत्यन्त आवश्यक*

TOP STORIES, विश्लेषण, साहित्य संवाद
शिक्षा देश की रीढ़ की हड्डी होती है। किसी भी देश की प्रगति तथा वहाँ के नागरिकों का भविष्य वहाँ की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ही निर्भर करता है। भारत सरकार इस तथ्य से भली-भांति परिचित है इसीलिए शिक्षा नीति के अन्तर्गत समय-समय पर परिवर्तन किए जाते रहें हैं। नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत शिक्षा को 5 + 3 + 3 + 4 के चरणों में बांटा गया है। पूर्व प्राथमिक स्तर 3 वर्ष एवं कक्षा 1 व 2 को आधारभूत शिक्षा के अन्तर्गत रखा गया है जिसमें 3 से 5 वर्ष तक के बच्चों को बिना किसी बस्ते के बोझ के खेल-कूद के माध्यम से शिक्षा के प्रति रूचि बढ़ाने का प्रयास किया गया है। 6 से 8 वर्ष की अवस्था में बच्चे की औपचारिक शिक्षा को आरम्भ करने का प्रावधान रखा गया है उस अवस्था में बच्चा परिपक्व हो जाता है और उसको स्वयं का ज्ञान होना प्रारम्भ हो जाता है। अक्सर यह देखा गया है कि 8 से 11 वर्ष की आयु के बच्चे कम्प्यूटर, मोबाइल अथवा ...
देखिये ! आत्महत्या करते देश के भविष्य को

देखिये ! आत्महत्या करते देश के भविष्य को

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
निश्चित ही यह आंकड़े ह्रदय विदारक है | भारत में दुर्घटनावश एवं आत्महत्या में करने वाले लोगों की राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो रिपोर्ट-2021सामने है | यूँ तो यह रिपोर्ट इस साल अगस्त में जारी हुई है। जो यह दर्शाती है कि पिछले साल देश भर में 13000 से अधिक छात्रों ने जान दी है। वास्तव में, 2016-2021 के दौरान छात्र-आत्महत्या के मामलों में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 1832 मौतों के साथ महाराष्ट्र सूची में सबसे ऊपर है, इसके बाद मध्य प्रदेश (1,308) तमिलनाडु (1246) आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच सालों में छात्र आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।अफ़सोस सरकारें दुःख व्यक्त करने से अधिक कुछ भी नहीं कर रहीं हैं | हाल ही में राजस्थान के कोटा में दाखिला परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन किशोर छात्रों द्वारा की गई आत्महत्या ने पूरे देश को सकते में डाल दिया। उनमें दो, अंकुश और उज्ज्वल बिहार से थे और...
कोरोना की नई लहर से कितना डर?

कोरोना की नई लहर से कितना डर?

TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
*विनीत नारायणपिछले कुछ दिनों से चीन में कोरोना की नई लहर को लेकर काफ़ी भयावह दृश्य सामने आए हैं। कोरोना के नये वेरिअंट नेचीन में अपना आतंक दिखाना शुरू कर दिया है। चीन के अलावा कई और देशों में भी इस नये वेरिअंट के मरीज़ पाए गए हैं।दुनिया भर में डर का माहौल बना हुआ है। भारत समेत कई देशों ने कोरोना के इस नये जिन्न से निपटने के लिए सभीसावधानियाँ बरतनी शुरू कर दी हैं। भारत के सभी राज्यों के मुख्य मंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जनता से सावधान रहनेकी अपील कर रहे हैं। सबके मन में प्रश्न है कि हमें इस नए वेरिअंट से कितना डरना चाहिए?सोशल मीडिया पर चीन में आई कोरोना की नई लहर से ऐसे आँकड़े सुनने को मिल रहे हैं कि इस लहर में दस लाख सेअधिक लोगों की मौत हो सकती है। चीन की 60 प्रतिशत आबादी इसकी चपेट में आ जाएगी। ये भी कि दुनिया भर की 10प्रतिशत आबादी इस नई लहर का शिकार हो जाएगी। ये सब दावे कितने सच्...
इन ईसाई शख्सियतों पर करता देश नाज

इन ईसाई शख्सियतों पर करता देश नाज

TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
देश के 10 खास ईसाई कौन विवेक शुक्ला क्रिमसम का पर्व मनाया जा रहा। चर्च और ईसाइयों के घर सजे हुए हैं। केक के आर्डर तो पहले ही दिए जा चुके थे। यह मौका है जब हम अपने उन ईसाइयों की बात करें जिन पर देश नाज करता है। इस लिहाज से पहला नाम सुप्रीम कोर्ट के वकील हरीश साल्वे का लेंगे। वे जब कोर्ट में हाथ हिला-हिलाकर जिरह करते हैं तो उनकी जुबान पर सरस्वती होती है। वे भारत सरकार से लेकर रिलायंस और टाटा ग्रुप के लिए पैरवी कर चुके हैं। डॉ. टेसी थॉमस भी देश के  ईसाई समाज सेहै। उन्हें भारत में मिसाइल वुमन के नाम से जाता है। वह अग्नि मिसाइल प्रोग्राम की अहम जिम्मेदारी संभालने वालीं देश की पहली महिला साइंटिस्ट हैं। अभी वह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ( डीआरडीओ) में महानिदेशक एयरोनॉटिकल प्रणाली हैं। टेसी मिसाइल के क्षेत्र में महिलाओं के लिए पथप्रदर्शक साबित हुई हैं। टेसी थॉमस 1988 में डीआरड...
हिंदी, हिंदू, हिंदुस्थान के उपासक – मालवीय जी 

हिंदी, हिंदू, हिंदुस्थान के उपासक – मालवीय जी 

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25 दिसम्बर (जन्मदिवस) पर विशेष :-  मृत्युंजय दीक्षित  आधुनिक भारत में प्रथम शिक्षा नीति के जनक, शिक्षा के विशाल केंद्र काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक, सांस्कृतिक नवजागरण स्वदेशी एवं हिंदी आंदोलनों के प्रवर्तक राष्ट्रभक्त महान समाज सुधारक भारतीय काया में पुनः नयी चेतना एवं ऊर्जा का संचार करने वाले महामना मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसम्बर 1861 को हुआ था। मालवीय जी के पिता पण्डित ब्रजनाथ कथा, प्रवचन और पौरोहित्य से ही अपने परिवार का पालन- पोषण करते थे। प्राथमिक शिक्षा पूर्ण करके मालवीय जी ने संस्कृत व अंग्रेजी पढ़ी। मालवीय जी युवावस्था में अंग्रेजी तथा संस्कृत दोनों ही भाषाओं में धाराप्रवाह बोलते थे। महामना मदन मोहन मालवीय बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। खेलकूद, व्यायाम,कुश्ती, बासुंरी एवं सितार वादन में उनकी रुचि थी। बाल जीवन में ही एक भाषण- दल बनाया था जो चौराहों पर त...