कुपोषण : किशोरावस्था में गर्भधारण से सीधा रिश्ता
देश के हर राज्य में इन दिनों पीढ़ीगत कुपोषण चिंता का विषय है ,इस मामले में पूर्वोत्तर राज्यों में तो यह और गहरी चिंता का विषय है | मणिपुर, मेघालय, सिक्किम और असम में यह विषय ज्यादा गहरा रहा है | अध्ययन कहते हैं बच्चों में कुपोषण का मुख्य कारण बाल विवाह और किशोरावस्था में गर्भधारण है, जिसके स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार पर दीर्घकालिक प्रभाव होते हैं| राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के ताज़ा रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि तो करती है कि बाल विवाह में ठहराव है, लेकिन किशोर आयु में गर्भधारण बढ़ा है|पिछले सर्वे की तुलना में इस बार त्रिपुरा और असम में राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक बाल विवाह और कम आयु में गर्भधारण के मामले सामने आये हैं| मणिपुर और मेघालय में राष्ट्रीय औसत से अधिक किशोरावस्था में गर्भधारण हो रहा है| मेघालय में पांच साल से कम आयु के बच्चों के विकास में अवरोध की दर ४६.५ है, जो पूर...









