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रोजगार एवं स्वावलम्बन पर संघ की सुखद पहल

रोजगार एवं स्वावलम्बन पर संघ की सुखद पहल

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रोजगार एवं स्वावलम्बन पर संघ की सुखद पहल  ललित गर्ग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक श्री मोहन भागवत ने कर्णावती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की 11-13 मार्च 2022 की बैठक में देश में एक ऐसा आर्थिक मॉडल विकसित करने हेतु आग्रह किया हैै जिसके अंतर्गत मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ रोजगार के अधिक अवसर निर्मित हो सके। जिससे कुटीर एवं लघु उद्योगों का ग्रामीण इलाकों में विस्तार किया जा सके। संघ के ये स्वावलम्बी एवं आत्मनिर्भर अर्थतंत्र के ये विचार, दर्शन, कार्यक्रम एवं इतिहास प्रारंभ से ही सशक्त एवं सुदृढ़ राष्ट्र-निर्माण का आधार रहे हैं। संघ का भारत की आजादी एवं इसके नवनिर्माण में अभूतपूर्व योगदान रहा है और अब भारत को समग्र दृष्टि से विकसित करने के लिये संघ प्रयासरत है, जो एक सुखद आश्चर्य का विषय है, जिस पर समग्र राष्ट्र को बिना किसी आग्रह, पूर्वाग्रह एवं दुराग्रह के आगे बढ़ना चाहिए। ...
खुशियाँ बाँटिए, ख़ुशियाँ मिलेगी

खुशियाँ बाँटिए, ख़ुशियाँ मिलेगी

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खुशियाँ बाँटिए, ख़ुशियाँ मिलेगी। ■ राजकुमार जैन राजन आज मनुष्य की कीमत भी दिनों दिन रुपये के अवमूल्यन की तरह घटती जा रही है। उसके मानसिक प्रदूषण में निरन्तर बढ़ोतरी हो रही है। क्या हमने कभी बैठकर विचार किया  है कि ऐसा क्यों है ? अगर नहीं है, तो देर मत कीजिये सुबह का भुला शाम को घर आ जाये तो भुला नहीं कहलाता। हम अपना आत्म विश्लेषण करें और देखें कि क्या कारण है ? जीवन संघर्ष का नाम हैं। जहाँ जीवन है वहीं समस्या है। समस्याओं का चक्र अनवरत गति से चलता रहता है। कभी खुशी कभी गम, कभी सुख कभी दुःख, पर इसे दिल और दिमाग पर हावी न होने दें। खुश रहने के लिए परिस्थितियों के कारण मन को भारी न बनाएं। खुश रहना और अपने आसपास को भी खुशियों से सराबोर रखना एक कला है। यह सबमें नहीं होती, लेकिन जिसमें होती है वह सबका मन जीत लेता है। जो लोग खुश रहना और हंसना -हंसाना जानते हैं, वे अक्सर सकारात्मक रहते हुए ख़ुशियाँ...
अतिरिक्त भोजन के बावजूद भारत भुखमरी के कगार पर क्यों ?

अतिरिक्त भोजन के बावजूद भारत भुखमरी के कगार पर क्यों ?

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अतिरिक्त भोजन के बावजूद भारत भुखमरी के कगार पर क्यों ? -सत्यवान 'सौरभ' ग्लोबल हंगर इंडेक्स वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भूख को ट्रैक करता है। यह अपने स्कोर की गणना करने के लिए चार मापदंडों का उपयोग करता है जैसे कि अल्पपोषण, बच्चों की कम वृद्धि दर और बाल मृत्यु दर। जीएचआई 2021 की रिपोर्ट ने भारत को बांग्लादेश, पाकिस्तान और नेपाल से नीचे 101वें स्थान पर रखा है। स्थिति गंभीर है और देश व्यापक भूख से जूझ रहा है। भारत वैश्विक भूख सूचकांक में खराब प्रदर्शन पर है यद्यपि हमारे पास अतिरिक्त भोजन है, अधिकांश छोटे और सीमांत कृषक परिवार अपने साल भर के उपभोग के लिए पर्याप्त खाद्यान्न का उत्पादन नहीं करते हैं। लोगों के एक वर्ग की सापेक्ष आय में गिरावट आई है। इसका पर्याप्त भोजन खरीदने की उनकी क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, खासकर जब खाद्य कीमतों में वृद्धि हो रही है। छोटी और सीम...
आखिर कैसे भगत सिंह ‘आप के’ लिए एक नायक बन गए?

आखिर कैसे भगत सिंह ‘आप के’ लिए एक नायक बन गए?

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आखिर कैसे भगत सिंह 'आप के' लिए एक नायक बन गए? -प्रियंका 'सौरभ' पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय में भगत सिंह की एक तस्वीर विवादों में घिर गई है। आप पार्टी के नए मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह एक समतावादी पंजाब बनाने का सपना देखते हैं जिसका सपना भगत सिंह ने देखा था और जिसके लिए उन्होंने अपना जीवन बलिदान कर दिया। हालांकि,मुख्य रूप से फोटो की प्रामाणिकता की कमी के कारण फोटो में पहने हुए बसंती (पीली) पगड़ी भगत सिंह पर आपत्ति जताई जा रही है। जानकारों के मुताबिक उनकी सिर्फ चार ओरिजिनल तस्वीरें हैं। एक तस्वीर में वह जेल में खुले बालों के साथ बैठे हैं, दूसरी उन्हें टोपी में और दो अन्य उन्हें सफेद पगड़ी में दिखाते हैं। उन्हें पीले या नारंगी रंग की पगड़ी में या हाथ में हथियार लिए हुए दिखाने वाली अन्य सभी तस्वीरें कल्पना की उपज हैं। भगत सिंह एक भारतीय समाजवादी क्रांतिकारी थे, जिनकी भा...
If you thought that Nazis were finished off after World War II, think again

If you thought that Nazis were finished off after World War II, think again

Current Affaires, TOP STORIES, राष्ट्रीय
The history of Europe is a history of relentless brutal, bloody and destructive series of conflict. One of the most alluring target of conquest by big nations was Russia and her surrounding areas, such as Ukraine. Each power used a logic mostly perverted by their beliefs and ideologies to dominate, Russia. Every aggressive power needs an ideology to justify its behaviour and carry out its designs with the support of their population, financiers, glory and power seekers. Napoleon was not the first and Hitler was not the last to covet the incredible riches of the Russian empire. They like the countries in the Western world led by America simply wanted to plunder it. Not all the driving quests for conquest of Russia was economic. There are also religious, political and ideological fo...
हिजाब पर फैसले में बाबा साहेब की राय कितनी अहम

हिजाब पर फैसले में बाबा साहेब की राय कितनी अहम

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हिजाब पर फैसले में बाबा साहेब की राय कितनी अहम आर.के. सिन्हा बाबा साहेब डॉ बी० आर० अम्बेडकर किसी गंभीर और संवेदनशील मसले पर भी अपनी राय  बेबाकी से ही रखते थे। उनकी मुस्लिम समाज की औरतों के हिजाब और बुर्का पहनने पर प्रगट किये गए सार्वजनिक विचार 75 सालों के बाद भी समीचिन और स्पष्ट हैं। इसलिए ही  कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य के स्कूलों में हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर चल रही बहस पर अपना फैसला सुनाते हुए बाबा साहेब के विचारों का भी विस्तार से हवाला दिया। बाबा साहब ने अपनी मशहूर किताब “पाकिस्तान ओर द पार्टिशन ऑफ इंडिया (1945)”  में लिखा था, 'एक मुस्लिम महिला सिर्फ अपने बेटे, भाई, पिता, चाचा ताऊ और शौहर को देख सकती है या फिर अपने वैसे रिश्तेदारों को जिन पर विश्वास किया जा सकता है। वो मस्जिद में नमाज अदा करने तक भी नहीं जा सकती। मुसलमानों में भी हिंदुओं की तरह और कई जगह तो उनसे भी ज्यादा साम...
Winter pollution levels and trends point to a national air quality crisis

Winter pollution levels and trends point to a national air quality crisis

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Winter pollution levels and trends point to a national air quality crisis, says CSE’s latest analysis Analysis contains detailed assessment of all regions – north, south, east, west, central and northeast Bihar and Delhi-NCR top the pollution charts. The eastern region, dominated by the newly monitored towns of Bihar, records particulate pollution higher than the corresponding average of north India during winter. Smaller towns and cities of Bihar more polluted than most cities of north India Among NCR cities, Ghaziabad was the worst hit. Aizawl and Shillong the least polluted cities in the country Cities of north-eastern region have the lowest particulate level among all regions. But its key cities have experienced sharp spike during winter. This national crisis requires urgent and tim...
होली मिलन कार्यक्रम के तहत फूलों की होली का भव्य कार्यक्रम

होली मिलन कार्यक्रम के तहत फूलों की होली का भव्य कार्यक्रम

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आज दिनाँक 19 मार्च 2022 को श्री वैश्य समाज वसुंधरा (रजिस्टर्ड)  ने होली मिलन कार्यक्रम के तहत फूलों की होली का भव्य कार्यक्रम वंदना फार्म हाउस लिंक रोड में किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि श्री आर के गर्ग ( डायरेक्टर ,बिसलेरी) एवं श्री अनुज कुमार अग्रवाल ( प्रधान मौलिक भारत एवं प्रधान संपादक डायलॉग इंडिया) ने शिरकत की। भव्य समारोह में बड़ी संख्या में सम्मानित सदस्य एवं अतिथि एकत्र हुए। समाज के प्रधान श्री अनिल कुमार अग्रवाल एवं महासचिव श्री पुनीत कुमार मित्तल ने सभी सम्मानित सदस्यों को धन्यवाद दिया। समारोह में सी एल गुप्ता, रोहित गुप्ता, राकेश गुप्ता,शशि-शालिनी माहेश्वरी, बाल किशन बंसल, दिव्यानु गुप्ता, नरेश गुप्ता, नरेश अग्रवाल, अवलोक अग्रवाल , मुकेश गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, दिव्य गुप्ता,राहुल अग्रवाल, अरुण गुप्ता, प्रतीश गर्ग, एवं अनेकानेक गणमान्य अतिथियों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम की ...
यूक्रेन युद्ध संकट से उठे भारतीय चिकित्सा शिक्षा प्रणाली पर सवाल

यूक्रेन युद्ध संकट से उठे भारतीय चिकित्सा शिक्षा प्रणाली पर सवाल

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यूक्रेन युद्ध संकट से उठे भारतीय चिकित्सा शिक्षा प्रणाली पर सवाल-सत्यवान 'सौरभ' हाल ही में भारत की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली ने यूक्रेन में युद्ध संकट और वाहन फंसे भारतीय मेडिकल  छात्रों को निकालने की आवश्यकता, आरक्षण संबंधी मुकदमेबाजी और तमिलनाडु के एनईईटी से बाहर निकलने के लिए कानून बनाने के कारण हमारा ध्यान अपनी ओर किया है। हमें अब इस बात पर गौर करने की जरूरत है कि व्यवस्था में क्या खराबी है और स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त उपाय करने की जरूरत है। भारत में चिकित्सा शिक्षा की प्रमुख समस्याओं में जनसंख्या मानदंडों के मामले में  मेडिकल छात्रों की  अपर्याप्त सीटें हैं। भारत में आवेदक उम्मीदवारों के अपेक्षा सीटों की संख्या काफी कम है। यहां प्रति वर्ष लाखों छात्र मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट में भाग लेते हैं। लेकिन सरकारी कॉलेजों में अभ्यर्थियो...
सशक्त लोकतंत्र के लिये सशक्त विपक्ष जरूरी

सशक्त लोकतंत्र के लिये सशक्त विपक्ष जरूरी

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सशक्त लोकतंत्र के लिये सशक्त विपक्ष जरूरी ललित गर्ग उत्तरप्रदेश सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों परिणामों के बाद एक बात विशेष रूप से उभर कर सामने आयी है कि सशक्त लोकतंत्र के लिये सशक्त विपक्ष बहुत जरूरी है। पंजाब में दिल्ली की ही भांति आम आदमी पार्टी की जो आंधी चली और नगण्य विपक्ष के रूप में आप की सरकार बनने जा रही है, उस तरह की सरकारें बनना एवं प्रचंड बहुमत मिलना लोकतंत्र के लिये गंभीर खतरा है। देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाये रखना है तो जितना आवश्यक सत्ता धारी दल का स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाना है, उतना ही आवश्यक है सशक्त विपक्ष का होना ताकि सरकार के कामों पर निगरानी रखी जा सके एवं उसकी गलत नीतियों का विरोध किया जा सके। मजबूत विपक्ष होने से ही सत्तारूढ़ दल भी अपने कार्यों को मर्यादा में रहते हुए जनता के हित में कार्य करता रहेगा अन्यथा सत्ताधारी पार्टी क...