राष्ट्र-चिंतन चीन की कब्र खोद रही है बीआरआई
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आचार्य विष्णु हरि सरस्वती
कहते हैं कि कुंआ कोई दूसरे लिए नहीं खोदता है, अपने लिए खोदता है, चीन ने एक ऐसा कुंआ खोदा था जिसमें डूबो कर भारत और अमेरिका को मारना चाहता था और भारत व अमेरिका की आर्थिक प्रगति के विस्तार को रोकना चाहता था, विध्वंस करना चाहता था, इतना ही नहीं बल्कि कूटनीति के क्षेत्र में वैश्विक वर्चस्व को स्थापित करना चाहता था। ऐसी अंहकार भरी और साजिश पूर्ण योजना के लिए बहुत बडे-बडे हथकंडे अपनाये गये थे, झूठ का बीजारोपन हुआ था, लालच दिखाया गया था, रातोरात आर्थिक शक्ति बनने का सपना दिखाया गया था। चीनी हथकंडे और लालच तथा साजिश में बहुत सारे देश शामिल हो गये, बहुत सारे देश अपनी अस्मिता और स्वतंत्रता की कीमत पर भी शामिल हो गये, यह देखने की कोशिश भी नहीं हुुई कि इस चीनी हथकंडे का कोई दुष्परिणाम भी हो सकता है, भविष्य में आर्थिक विध्वंस का कारण बनेगी, विकास को...









