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<strong>किसे नामंजूर है यूनिफॉर्म सिविल कोड ?</strong>

किसे नामंजूर है यूनिफॉर्म सिविल कोड ?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
आर.के.सिन्हा आप देख ही रहे होंगे कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी “समान नागरिक संहिता” को लागू करने की कोशिशें फिर से शुरू होते ही कठमुल्ला मुसलमान और कई तरह के राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी तत्व लामबंद होने लगे हैं वे कहने लगे हैं कि वे इस कानून को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।  इसके साथ ही वे भी इसका विरोध कर रहे हैं जो कुछ वर्षों से दलित-मुस्लिम एकता के बड़े पैरोकार होने का दावा करते हैं। अब उन्हें यह कौन बताए कि बाबा साहेब आंबेडकर ने यूनिफोर्म सिविल कोड को देश के लिये निहायत जरूरी बताया था। बाबा साहेब ने 23 नवंबर 1948 को संविधान सभा की बहस में यूनिफोर्म सिविल कोड के हक में जोरदार भाषण दिया था । जो मुसलमान मुस्लिम पर्सनल लॉ के लिए मरने-मारने की बातें कर रहे हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें शरीयत कानून इतना ही प्रिय है तो वे बैंकों से मिलने वाले ब्याज को ...
<em>‘पाकिस्तान’ की किस्मत का तारा – खैबर पख्तूनख्वा</em>

‘पाकिस्तान’ की किस्मत का तारा – खैबर पख्तूनख्वा

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
टुकडे टुकडे पाकिस्तान प्रशांत पोळ पाकिस्तान का, अफगानिस्तान से सटा हुआ राज्य, जिसे आज ‘खैबर पख्तूनख्वा’ कहा जाता हैं, पाकिस्तान की झोली में आया, नेहरु के कारण. यह राज्य, पाकिस्तान की किस्मत का तारा हैं, जिसके कारण अमरीका ने अफगानिस्तान के रुसी सैनिकों से लोहा लेने के लिए, पाकिस्तान पर पैसों की बारिश की थी. तब इसका आधिकारिक नाम ‘खैबर पख्तूनख्वा’ नहीं था. यह North West Frontier Province (NWFP) के नाम से जाना जाता था. पश्तूनों, या पठानों का यह प्रदेश, तब भी मुस्लिम बहुल था. पश्तूनी या ‘हिंदको’ भाषा यहां चलती थी. हमारे चर्चित फ़िल्मी चेहरे, प्राण, राजकपुर, देवानंद आदि उन दिनों ‘हिंदको’ भाषा जानते थे, बोलते थे. इस राज्य का पेशावर यह बड़ा केंद्र था. व्यापार का, शिक्षा का और कुछ हद तक सांस्कृतिक गतिविधियों का भी. इस पूरे क्षेत्र के सर्वमान्य नेता थे, खान अब्दुल गफ्फार खान. एक भारीभरकम...
श्रीराम मंदिर ‘राष्ट्र मंदिर’ शिलान्यास के 03 वर्ष

श्रीराम मंदिर ‘राष्ट्र मंदिर’ शिलान्यास के 03 वर्ष

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, संस्कृति और अध्यात्म
प्रणय विक्रम सिंह आज का दिन भारत की आस्था, अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव की पुनर्स्थापना का दिवस है। काल के कपाल पर मानव सभ्यता के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के कालजयी प्रतीक के रूप में अंकित आज के दिन ही 03 वर्ष पूर्व श्रीरामजन्मस्थान पर भव्य-दिव्य राम मंदिर ‘राष्ट्र मंदिर’ का शिलान्यास हुआ था। यह सामान्य दिवस नहीं है, इसके लिए तो पांच शताब्दियों का अविराम संघर्ष, ‘अहिल्या’ सदृश प्रतीक्षा एवं घायल जटायु के समान आर्तनाद करती सांस्कृतिक चेतना की आहत हुंकार युगों से बांट जोह रही थी। पुत्र रक्त में नहाई हुई धर्मनगरी अयोध्या, आज सकल आस्था के केंद्र प्रभु श्रीरामलला के भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण की गतिशीलता से स्वयं के संघर्ष को सुफलित होती देख रही है। आज आस्था के प्रांजल भाव से प्रेरित आत्मोत्सर्ग की अपरिमित भक्त शृंखलाओं की अकथनीय 'त्याग ऋचाएं' राम नगरी अयोध्या के उल्लासित वातावरण में स्प...
तो क्या विकास खाओगे ?

तो क्या विकास खाओगे ?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
क्या आप जानते हैं कि पिछले सात वर्षों में देश में अमरूद का उत्पादन 80 - 90% तक कम हो गया है! क्यों?पिछले तीन वर्ष में गेहूं का उत्पादन 20%, कपास का 30%, चीनी का 10% तक कम उत्पादन हो गया है। इस वर्ष मिर्ची, अदरक ,टमाटर, लीची और आम आधे ही हुए हैं तो सेब बड़ी मात्रा में गल गया है। धान भी 20 - 30 % तक कम होने का अनुमान है। इस कारण पशुओं को मिलने वाला चारा भी कम हो गया और दूध का उत्पादन भी 10 से 15% कम हो चुका है। जरा सोचिए, अगर यही क्रम कुछ और साल चला तो क्या होगा?देश बहुत तेज विकास कर रहा है। विश्व में सबसे तेज। पर जब भूख लगेगी तो क्या आप विकास को खा सकते हो ? कहीं अनाज, फल सब्जियों के कम उत्पादन का कारण तीव्र विकास और उससे उत्पन्न ग्लोबल वार्मिंग तो नहीं?ज़रा सोचिए कहीं अंधे कुँए में तो नहीं धकेले जा रहें हैं आप ? ...
राहुल गांधी को राहत देने वाले जज गवई के पिता-भाई कांग्रेसी

राहुल गांधी को राहत देने वाले जज गवई के पिता-भाई कांग्रेसी

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नैतिकता का हनन या न्याय की जीत राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट के सुप्रीम ब्रम्हास्त्र से करेंगे मोदी का शिकार =================== आचार्य विष्णु हरि सरस्वती राहुल गांधी की राहत पर प्रश्न चिन्ह भी लगे हैं, कोई न्याय कह रहा है तो कोई नैतिकता का प्रश्न भी उठा रहा है। लोकतंत्र में सबको अपने-अपने विचार रखने की आजादी है। फिलहाल कांग्रेस को संजीवनी तो जरूर मिली हुई है, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के ब्रम्हास्त्र पर सवार होकर राहुल गांधी मोदी का राजनीतिक और चुनावी शिकार करेंगे? इस मिले अवसर का राहुल गांधी कितना लाभ उठायेंगे?राहुल गांधी को मोदी सरनेम वाले प्रकरण पर राहत देने वाले सुप्रीम कोर्ट के जज बीआर गवई की परिवारिक पृष्ठभूमि कांग्रेसी रही है। गवई ने खुद कहा था कि उनके पिता कांग्रेसी थे, उनके पिता का कांग्रेस से लगाव सर्वश्रेष्ठ था, उनके भाई आज भी कांग्रेसी हैं। गवई के भाई कांग्र्रेस के स...
नार्को आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा पाकिस्तान।

नार्को आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा पाकिस्तान।

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काफी समय पहले निर्देशक अभिषेक चौबे की एक फिल्म आई थी -'उड़ता पंजाब।' यह फ़िल्म पंजाब में युवा आबादी द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग और उससे जुड़े विभिन्न षड्यंत्रों की बात करती है। आज हमारे देश की युवा पीढ़ी नशे के गिरफ्त में लगातार फंसती चली जा रही है और नशे हमारे समाज, हमारे देश को गर्त की ओर धकेल रहा है। नशे से धन की तो बर्बादी होती ही है, स्वास्थ्य के साथ साथ यह हमारे समाज के ताने-बाने को भी काफी नुकसान पहुंचाता है। पंजाब तो पंजाब, लेकिन अब पंजाब के बाद अब राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी में वृद्धि से राजस्थान के उड़ता राजस्थान बनने का डर सता रहा है। मीडिया के हवाले से आ रही खबरों से पता चलता है कि सीमावर्ती इलाकों में मादक/नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते ही चले जा रहे हैं। नशीले पदार्थों की बड़ी खेप तस्करों द्वारा हमारे देश में पहुंचाई जा रही है और इसमें पाकिस्त...
मणिपुर: मुख्य न्यायाधीश और दोषियों को सज़ा?

मणिपुर: मुख्य न्यायाधीश और दोषियों को सज़ा?

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*रजनीश कपूरमशहूर शायर शहाब जाफ़री का एक चर्चित शेर है, “तू इधर उधर की न बात कर ये बता कि क़ाफ़िला क्यों लुटा। मुझेरहज़नों से गिला नहीं तिरी रहबरी का सवाल है।” मणिपुर हिंसा को लेकर पिछले कुछ दिनों से देश की सर्वोच्च अदालत भीसरकार से कुछ ऐसे ही सवाल कर रही है। मणिपुर में हुई बर्बरता के चलते पूरा देश शर्मसार है। परंतु इस मामले पर जब भीकोई मणिपुर की सरकार या सत्तारूढ़ दल के नेताओं से सवाल पूछता है तो वे दूसरे राज्यों में हुई महिला अपराधों कीघटनाओं या अन्य हिंसा के मामलों कि तुलना करते हैं। ऐसा करके वे असल मुद्दे से ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।बीती 3 मई को मणिपुर में आरक्षण के मुद्दे को लेकर जो हिंसा भड़क उठी उसने अब तक 160 से ज्यादा लोगों की जान लीऔर सैंकड़ों लोगों को बेघर कर दिया है। बीते मंगलवार को जिस तरह देश के मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र सरकार के वकीलों कोआड़े हाथों लिया उससे एक बात तो ...
बढ़ते तापमान की गिरफ्त में उत्तरी गोलार्ध, बढ़ रहा गर्मी, लू और दावाग्नि का जोखिम

बढ़ते तापमान की गिरफ्त में उत्तरी गोलार्ध, बढ़ रहा गर्मी, लू और दावाग्नि का जोखिम

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बढ़ते तापमान के चलते अमेरिका से लेकर चीन तक पूरा उत्तरी गोलार्ध भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। वहीं भारत, जापान, दक्षिण कोरिया ने बाढ़ के कहर का सामना किया By Lalit Maurya  बढ़ते तापमान के साथ धधकते जंगल, फोटो: आईस्टॉक अमेरिका से लेकर चीन तक पूरा उत्तरी गोलार्ध इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। इसकी वजह से न केवल लोगों का स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस बाबत विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने सोमवार को जानकारी साझा करते हुए लिखा है कि उत्तरी गोलार्ध का बड़ा हिस्सा भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। इसकी वजह से भारी विनाश हुआ है, अनेक लोग हताहत हुए हैं, जबकि हजारो को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बढ़ते तापमान का असर न केवल धरती पर बल्कि समुद्रों को भी निशाना बना रहा है। गौरतलब है कि गत सप्ताह डब्ल...
क्यों बन रहीं हैं हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने वाली फिल्मों

क्यों बन रहीं हैं हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने वाली फिल्मों

TOP STORIES, संस्कृति और अध्यात्म
आर.के. सिन्हा आपको न जाने कितनी इस तरह की फिल्में मिल जाएंगी जिनमें हिंदू धर्म के देवी-देवताओं को अपमानित होते हुए या गलत तरीके से पेश किये जाते हुए दिखाया गया है। यह किनके इशारे पर हो रहा है I समझ नहीं आता कि अब हमारे यहां सार्थक फिल्में क्यों नहीं बनती? इसी तरह से बच्चों की पृष्ठभूमि पर फिल्में बनाना क्यों फिल्मकारों ने छोड़ दिया है? कुछ फिल्म वाले हिंदू धर्म और हिंदू धर्म के आराध्य देवी-देवताओं के साथ बार-बार खिलवाड़ करके पता नहीं क्या साबित करना चाहते हैं ? राम भारत की आत्मा में है। भारत की राम के बिना कल्पना तक भी नहीं की जा सकती। नवजात शिशु के कान में पहला शब्द राम ही बोला जाता है और शवयात्रा में “रामनाम सत्य है “ ही कहकर मृतात्मा को अंतिम विदाई डी जाती है I उन्हीं राम और रामायण को लेकर एक बेसिर पैर की फिल्म ‘आदिपुरुष’ बना दी जाती है और...
ज्ञानवापी मामले में योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात की तो बात दूर तक चली गई !

ज्ञानवापी मामले में योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात की तो बात दूर तक चली गई !

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राज्य
बात करने से पहले यह बता दें कि योगी के गुरु गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने तीन दशक पूर्व क्या मांग की थी ? उन्होंने कहा था कि ग्यारहवीं शताब्दी के बाद भारत में एक एक कर 3000 मंदिर तोड़कर मस्जिदें बनाई गई हैं !मुस्लिम समाज इनमें से यदि अयोध्या , मथुरा , काशी पर अपना दावा छोड़ दे तो बाकी मंदिरों की बात सदा सदा के लिए बंद कर दी जाएगी !ऐसा करने पर देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच ऐसा सौहार्द कायम होगा जिसकी अभी कल्पना भी नहीं की जा सकती ! महंत अवैद्यनाथ की बात का देश भर के साधु संतों और अन्य धर्माचार्यों ने एक सुर से समर्थन किया । विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक मंडल ने ऐसा प्रस्ताव भी पारित कर दिया । अशोक सिंहल ने तो इसे अभियान ही बना लिया । कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसी मांग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मुस्लिम समाज को खुद ही ज्ञानवापी परिसर को काशी विश्वनाथ को सौंप देन...