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Author: Dialogue India

भारत में त्यौहारों का मौसम देता है अर्थव्यवस्था को गति

भारत में त्यौहारों का मौसम देता है अर्थव्यवस्था को गति

EXCLUSIVE NEWS
भारत में त्यौहारों का मौसम देता है अर्थव्यवस्था को गति भारतीय संस्कृति में त्यौहारों का विशेष महत्व है एवं भारतीय नागरिक इन त्यौहारों को बहुत ही श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाते है। गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, होली, ओणम, रामनवमी, महाशिवरात्रि, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, आदि त्यौहारों को भारत में सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों में गिना जाता है। कुछ त्यौहारों, जैसे दीपावली, के तो एक दो माह पूर्व ही सभी परिवारों द्वारा इसे मनाने की तैयारियां प्रारम्भ कर दी जाती हैं।  उक्त त्यौहार अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी लाते हैं क्योंकि देश के सभी नागरिक मिलकर इन त्यौहारों के शुभ अवसर पर वस्तुओं की खूब खरीदारी करते हैं जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। इन त्यौहारों के दौरान देश में एक से लेकर दो लाख करोड़ रुपए के बीच खुदरा व्यापार सम्पन्न होता है जो पूरे वर्ष के ...
वृद्ध क्यों है इतने कुंठित एवं उपेक्षित?

वृद्ध क्यों है इतने कुंठित एवं उपेक्षित?

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अन्तर्राष्ट्रीय वृद्ध नागरिक दिवस- 1 अक्टूबर 2022 पर विशेष वृद्ध क्यों है इतने कुंठित एवं उपेक्षित? - ललित गर्ग - दुनिया में वरिष्ठ नागरिकों, वृद्धों एवं प्रौढ़ों के साथ होने वाले अन्याय, उपेक्षा और दुर्व्यवहार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 01 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे भिन्न-भिन्न-नामों से जाना जाता है जैसे-  ‘अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस’, ‘अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस’, ‘विश्व प्रौढ़ दिवस’ अथवा ‘अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ इत्यादि। इस अवसर पर अपने वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करने एवं उनके सम्बन्ध में चिंतन करना आवश्यक होता है। इस दिवस का आधिकारिक तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा श्रीगणेश किया गया था। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य संसार के वृद्धों एवं प्रौढ़ों को सम्मान देने के अलावा उनकी वर्तमा...
दुनिया बुरे लोगों की हिंसा से नहीं, बल्कि अच्छे लोगों की चुप्पी से पीड़ित है।

दुनिया बुरे लोगों की हिंसा से नहीं, बल्कि अच्छे लोगों की चुप्पी से पीड़ित है।

विश्लेषण
दुनिया बुरे लोगों की हिंसा से नहीं, बल्कि अच्छे लोगों की चुप्पी से पीड़ित है। नैतिक दुविधा की यह स्थिति एक अधिक महत्वपूर्ण भावना में भी बदल सकती है। यह तब होता है जब कोई व्यक्ति अंतःकरण की आवाज का पालन न करके नैतिक रूप से गलत कार्य करने से डरता है। आत्म-मूल्य और सिद्धांतों के अनुसार कार्य करना भी अक्सर कठिन हो जाता है। लोग अंतत: किसी भौतिकवादी मांग या लालच के लिए अपनी अंतरात्मा की आवाज को ठुकरा देते हैं और इसके विपरीत व्यवहार करते हैं। सांसारिक आवश्यकता और इच्छा के कारण यह क्रिया अंतःकरण और मानव स्वभाव की आवाज को क्षीण करने लगती है।  फिर भी, करुणा, सहानुभूति, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा जैसे मूल्य हमें सही निर्णय लेने में सहायता करते हैं। कार्य करना या न करना एक चुनौती है और उपरोक्त मूल्य एक बेहतर मार्गदर्शन कर सकते हैं। -प्रियंका सौरभ नैतिकता मानवता का सबसे बड़ा गुण है और हमें केवल पश...
विदेशी पर्यटक कैसे आएं भारत

विदेशी पर्यटक कैसे आएं भारत

सामाजिक
विदेशी पर्यटक कैसे आएं भारत आर.के. सिन्हा कोरोना का असर कम होते ही देश भर के एयरपोर्ट तथा रेलवे स्टेशनों पर पर्यटकों की भीड़ रहने लगी है। दो-ढाई सालों से घरों में दुबके हुए हिन्दुस्तानी अब बाहर निकल रहे हैं। वे फिर से पहली वाली जिंदगी को जीना चाहते हैं। बेशक, कोरोना ने आम इंसान की सोच को भी बदला है। अब  बहुत से लोगों को लगने लगा है कि जीवन तो क्षणभंगुर है। इसलिए जितना जीवन है उसका उतना आनंद तो ले ही लिया जाए। निश्चित रूप से इस सोच के चलते लोग पर्यटन स्थलों पर जा रहे हैं।  इससे कोरोना के कारण तबाह हो गया पर्यटन क्षेत्र फिर से खड़ा होने लगा है।  इस उद्योग से जुड़े लाखों लोगों की फिर से कमाई चालू हो गई है। पर अब भी भारत में विदेशी पर्यटकों की आवक कायदे से चालू तो नहीं हुई है। कहना न होगा कि कोरोना के कारण विदेशी पर्यटकों ने भी भारत आना बंद ही कर दिया था। इंडिया टुरिज्म स्टटिस्टिक्स की...
बिहार अपना नायक मानता रहेगा बापू को

बिहार अपना नायक मानता रहेगा बापू को

राज्य
बिहार अपना नायक मानता रहेगा बापू को आर.के. सिन्हा महात्मा गांधी जैसी पवित्र शख्सियत का जन्म सदियों में एक होता है। वे अपने जीवनकाल में करोड़ों लोगों को अपने विचारों से प्रभावित करते हैं। उनके न रहने के सात दशकों के बाद भी करोड़ों लोग उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। इसी तरह से हजारों- लाखों लोग गांधी के रास्ते संसार को बेहतर बनाने की हरचंद कोशिशें कर रहे हैं। पर मन तब उदास हो जाता है कि हमारे ही कुछ कथित नेता गांधी जी का जाने-अनजाने अपमान करने से बाज नहीं आते। पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती बार-बार कह रही हैं कि गांधी जयंती पर भी राज्य के स्कूलों में  सर्वधर्म  प्रार्थना सभाओं का आयोजन नहीं होना चाहिए। उन्हें लगता है कि यह भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर हमला है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां आगामी ...
आत्मनिर्भर भारत बनाम रामराज्य

आत्मनिर्भर भारत बनाम रामराज्य

धर्म
आत्मनिर्भर भारत बनाम रामराज्य या रामराज्य की परिकल्पना पर आधारित है आत्मनिर्भरता डॉ. शंकर सुवन सिंह हिन्दू संस्कृति में राम द्वारा किया गया आदर्श शासन रामराज्य के नाम से प्रसिद्ध है। वर्तमान समय में रामराज्य का प्रयोग सर्वोत्कृष्ट शासन या आदर्श शासन के रूप (प्रतीक) के तौर पर किया जाता है। रामराज्य, लोकतन्त्र का परिमार्जित रूप माना जा सकता है। वैश्विक स्तर पर रामराज्य की स्थापना गांधीजी की चाह थी। गांधीजी ने भारत में अंग्रेजी शासन से मुक्ति के बाद ग्राम स्वराज के रूप में रामराज्य की कल्पना की थी। आत्मनिर्भरता, रामराज्य की परिकल्पना पर आधारित है। आत्मनिर्भर भारत की नींव गांधी के रामराज्य पर टिकी थी। गाँधी का स्वराज्य, रामराज्य की परिकल्पना का आधार था। स्वराज का अर्थ है जनप्रतिनिधियों द्वारा संचालित ऐसी व्यवस्था जो जन-आवश्यकताओं तथा जन-आकांक्षाओं के अनुरूप हो। यही स्वराज्य रा...
पीएम मोदी ने भारत में लॉन्च की 5जी सेवाएं

पीएम मोदी ने भारत में लॉन्च की 5जी सेवाएं

BREAKING NEWS, Current Affaires, Today News, जीवन शैली / फिल्में / टीवी
4G हुआ पुराना आया 5G का जमाना, अब 10 गुना होगी इंटरनेट स्पीड, PM Modi ने किया लॉन्च" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2022) के छठे एडिशन में 5जी सर्विस का शुभारंभ किया। पहले फेज में 13 शहर अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, गांधीनगर, गुरुग्राम, हैदराबाद, जामनगर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और पुणे में 5G कनेक्टिविटी की शुरुआत होगी। इसके बाद 5जी को देश के हर हिस्से में पहुंचाया जाएगा। IMC 2022 कार्यक्रम चार अक्तूबर तक चलने वाला है। IMC 2022 को इसके आधिकारिक एप से भी लाइव देखा जा सकता है। बता दें कि IMC की शुरुआत पहली बार 2017 में की गई थी। पिछले दो साल से IMC का आयोजन वर्चुअल हो रहा था। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारत में 5G सर्विसेस लॉन्च हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडियन मोबाइल कांग्रेस 2022 की शुरुआत करते हुए देश में  5G नेटवर्क पर आपको बेहतर वॉइ...
सफलता के लिए जरूरी है टाइम मैनेजमेंट

सफलता के लिए जरूरी है टाइम मैनेजमेंट

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                                                                                                                                                 सफलता के लिए जरूरी है टाइम मैनेजमेंट                                                                                       Personality Development: सफलता हासिल करने के लिए टाइम मैनेजमेंट सीखना बहुत जरूरी है एक बार अगर आप टाइम मैनेजमेंट सीख जाएंगे तो आपको नई चीजें सीखने में आसानी होगी. टाइम मैनेजमेंट सीखने के लिए आपको लाइफ में बस तीन आदतें अपनानी हैं. आइएआइए जानते हैं कौन सी आदतें आपका टाइम मैनेजमेंट बनाने में मददगार हैं. Tips for Time Management: लाइफ में हर कोई सफल होना चाहता है, लेकिन कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगती है. इनके पीछे एक कारणटाइम मैनेजमेंट भी है. कई लोग जीवन में बहुत कुछ करना चाहते हैं लेकिन टाइम नहीं मिलने के...
हिंदी को रोजमर्रा की जिंदगी में लाना होगा और इसे अपनी कार्यशैली में अपनाना होगा-श्री किरेन रीजीजू

हिंदी को रोजमर्रा की जिंदगी में लाना होगा और इसे अपनी कार्यशैली में अपनाना होगा-श्री किरेन रीजीजू

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विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग ने 29 सितंबर, 2022 को हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह का आयोजन किया। माननीय विधि और न्याय मंत्री श्री किरेन रीजीजू, माननीय विधि और न्याय राज्य मंत्री प्रो. एस पी सिंह बघेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि हमें हिंदी भाषा को सही मायने में इसका दर्जा प्रदान करना है तो हमें हिंदी को रोजमर्रा की जिंदगी में लाना होगा और इसे अपनी कार्यशैली में अपनाना होगा। हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि विदेशी भाषा हमारी अपनी भाषाओं के ऊपर हावी न हों। इस दौरान उन्होंने गृह राज्य मंत्री रहते हुए उनके कार्यकाल में राजभाषा के संबंध में किए गए प्रयासों संबंधी अनुभव को साझा किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकारी कार्यालयों में कोई भी परिपत्र या विज्ञापन आदि हमेशा द्विभाषी रूप में ही जारी ...
आतंक पर कड़ा प्रहार है पीएफआई पर प्रतिबंध

आतंक पर कड़ा प्रहार है पीएफआई पर प्रतिबंध

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आतंक पर कड़ा प्रहार है पीएफआई पर प्रतिबंध मृत्युंजय दीक्षित केंद्र सरकार ने आतंक के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए देश के अंदर रहते हुए देश विरोधी गतिविधियां संचालित करने वाले कुख्यात संगठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) व उसके सहयोगी संगठनों रिहैब इंडिया फाउंडेशन , कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, एनसीएचआरओ, नेशनल वीमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्वायर इंडिया फाउंडेशन, रिहेब फाउंडेंशन (केरल) को पांच साल के लिए उप्पा कानून के अंतर्गत प्रतिबंधित कर दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी की गयी सूचना के अनुसार अब राज्य सरकारें भी पीएफआई व उसके सहयोगी संगठनों के सदस्यों व समर्थकों पर बेहिचक कड़ी कानूनी कार्यवाही कर सकती हैं और राज्य स्तर पर भी प्रतिबंध लगा सकती हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है क्योंकि पीएफआई की गतिविधियां दिन प्रतिदिन राष्ट्रघाती होती जा ...