‘दवा’ के नाम पर कदाचार और भ्रष्टाचार
‘दवा’ के नाम पर कदाचार और भ्रष्टाचार*
विज्ञान अध्ययन पत्रिका ‘लांसेट’ द्वारा कराये गये पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया और अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी के संयुक्त अध्ययन में पाया गया है कि भारत में लोग डॉक्टर से परामर्श किये बिना एंटीबायोटिक्स दवाओं का बेतहाशा सेवन कर रहे हैं|ये दवाइयां स्वास्थ्य पर खराब असर कर सकती हैं तथा बीमारी को ठीक करने के बजाय बढ़ा सकती हैं| दूसरी ओर फार्मा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार किस तरह स्वास्थ्य के बेहतर नतीजों को खतरे में डाल रहा है। फार्मा कंपनी द्वारा अतार्किक रूप से डॉक्टरों को रिश्वत देकर अपनी दवाएं लिखवाने की बात हो या फिर हेल्थ केयर से जुड़े लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से अनुचित फायदा पहुंचाकर अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने की, आखिरकार जोखिम में तो रोगी का स्वास्थ्य ही होता है| दुर्भाग्य से देश में ऐसे मामले दिन-ब-दिन सामने आ रहे हैं, और सरकार का रवै...









