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Author: dindiaadmin

Sanjay Singh Arrest News | sabka number aayga? | Breaking | Arvind Kejriwal | Delhi Excise Policy

Sanjay Singh Arrest News | sabka number aayga? | Breaking | Arvind Kejriwal | Delhi Excise Policy

Link of debates on various news channel participation by Dialogue India Group Editor Anuj Agarwal
Sanjay Singh Arrest News | सबका नंबर आएगा? | Breaking | Arvind Kejriwal | Delhi Excise Policy\ #breakingnews#SanjaySinghArrest#livenews#sanjaysingharrestnews#sanjaysingharrested#sanjaysinghedraid Sanjay Singh Arrest News: शराब घोटाले मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के घर सुबह से ही छापेमारी चल रही है और अब ऐसी खबर आ रही है दिल्ली में संजय सिंह के घर ED की रेड के बाद उनकी गिरफ्तारी हो गई है. Sanjay Singh Arrest News: Raids have been going on since morning at the house of Aam Aadmi Party (AAP) Rajya Sabha MP Sanjay Singh in the liquor scam case and now news is coming that after the ED raid at Sanjay Singh's house in Delhi, he will be arrested. Has been. Zee Salaam is India's Number 1 Urdu News channel of India with content hybrid of Islamic religion, soft entertai...
जातीय जनगणना की राजनीति

जातीय जनगणना की राजनीति

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
अवधेश कुमारइसमें दो राय नहीं कि जातीय जनगणना 2024 लोकसभा चुनाव में आईएनडीआईए की ओर से एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संपूर्ण गठबंधन से वाहवाही मिल रही है। उनके पास कहने के लिए भी है कि मैंने जो कहा उसे कर दिखाया। यानी जो मैं कर सकता हूं वह सभी राज्य कर सकते हैं और देश भी। पहली नजर में यह तर्क सामान्य तौर पर गले उतरता है कि आरक्षण का आधार जातियां है तो क्यों न देख लिया जाए कि कहां किस जाति की कितनी संख्या है तथा उनकी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थितियां क्या हैं? जातीय जनगणना के पक्ष में सबसे सबल तर्क यही है। बिहार में नीतीश सरकार ने इसके आंकड़े जारी किए हैं तो देश अवश्य देखेगा कि इनका इस्तेमाल वहां किस तरीके से होता है। बिहार सरकार कह रही है कि सरकार की नीतियों में इन आंकड़ों की वास्तविकता दिखाई देगी। इसके मायने क्या हैं?क्या गणना में जिस जाति की जितनी स...
विराट अध्ययनशीलता, प्रशान्त विवेक और निर्भय सर्जना: श्री गुरूदत्त जी

विराट अध्ययनशीलता, प्रशान्त विवेक और निर्भय सर्जना: श्री गुरूदत्त जी

TOP STORIES, धर्म, साहित्य संवाद
-प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज (30 सितम्बर 2023 को भारतीय धरोहर द्वारा आयोजित स्वर्गीय गुरूदत्त जी के सम्मान समारोह में दिये गये वक्तव्य का सार)पितृपक्ष के इस प्रथम दिन में हमारे पूज्य पितरों को श्रद्धांजलि देने की परंपरा के क्रम में भारतीय धरोहर ने संस्कृति की रक्षा के लिये किये गये पुरूषार्थी लोगों के सम्मान समारोह का एक क्रम चलाया है, जिसमें आज स्वर्गीय श्री गुरूदत्त जी को श्रद्धांजलि देेते हुये गौरव का अनुभव हो रहा है। वार्षिक सम्मान पितृपक्ष में ही दिया जाये, ऐसी कोई परंपरा नहीं है परंतु इस बार का संयोग जो जुट गया है, वह स्वयं में प्रसन्नता की बात है। भारतीय धरोहर के सभी न्यासियों और संरक्षकों तथा अधिकारियों और कार्यकर्ताओं सहित सभी आयोजकों कों साधुवाद। 1945-50 ईस्वी के बाद हिन्दी में जो भी प्रसिद्ध लेखक हुये उनमें विज्ञान के विधिवत अध्येता दो ही प्रसिद्ध हैं, स्वर्गीय श्री गुरूदत्...
भारत में बेरोजगारी की समस्या का हल निकालने में मिल रही है सफलता

भारत में बेरोजगारी की समस्या का हल निकालने में मिल रही है सफलता

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार
भारतीय सनातनी वेदों एवं ग्रंथो में इस बात के कई प्रमाण मिलते हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि भारत सदैव ही आर्थिक रूप से सम्पन्न देश रहा है एवं भारत के समस्त नागरिकों के लिए रोजगार के भरपूर अवसर उपलब्ध रहे हैं। मुद्रा स्फीति, आय की असमानता, बेरोजगारी एवं ऋण के भारी बोझ के तले दबे रहना जैसे शब्दों का तो प्राचीन भारत के आर्थिक इतिहास में वर्णन नहीं के बराबर मिलता है। भारत के समस्त नागरिकों की पर्याप्त मात्रा में आय होती थी जिससे वह अपने परिवार का आसानी से गुजर बसर कर पाते थे एवं समाज में समस्त नागरिक प्रसन्नता पूर्वक रहते थे। दरअसल प्राचीन भारत के उस खंडकाल में नागरिकों में उद्यमशीलता अपने चरम पर थी। परिवार के जमे जमाए व्यवसाय पीढ़ी दर पीढ़ी सफलतापूर्वक आगे चलते रहते थे एवं परिवार के सदस्यों के आय अर्जन का मुख स्त्रोत बने रहते थे। इस दृष्टि से नागरिकों को सामान्यतः नौकरी के लिए परिवार के ...
भारत में न हिटलर शासन है न मुसलमान यहूदी

भारत में न हिटलर शासन है न मुसलमान यहूदी

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एक गलती को इस तरह भयानक तस्वीर में बदलना उचित नहींअवधेश कुमारभाजपा के सांसद रमेश विधुड़ी द्वारा लोकसभा में प्रयोग किए गए शब्दों पर हंगामा अस्वाभाविक नहीं है। अगर लोकतंत्र के शीर्ष निकाय संसद में इस तरह की शब्दावली प्रयोग की जाएगी तो देश का पूरा वातावरण कैसा बनेगा इसकी स्वाभाविक कल्पना की जा सकती है। सांसद तो छोड़िए सामान्य जीवन में भी किसी व्यक्ति को बिना प्रमाण आपको उग्रवादी ,आतंकवादी नहीं कह सकते। इस तरह की भाषा आगे प्रयोग नहीं हो इसे रोकने की हरसंभव व्यवस्था करनी होगी। किंतु दूसरी ओर इसे आधार बनाकर जिस तरह की बातें हो रही है वह ज्यादा डरावना व खतरनाक है। भाजपा विरोधी दलों को इसकी आलोचना करने, सरकारी पक्ष को कठघरे में खड़ा करने का पूरा अधिकार है। इसका प्रभाव तभी होगा जब विरोधी स्वयं वाणी संयम का व्यवहार करें। ऐसा प्रदर्शित नहीं हो रहा। परिणाम देख लीजिए। बहुत बड़ी संख्या में लोग सोशल मीड...
उत्तर प्रदेश का वातावरण अशांत करने का षड्यंत्र आखिर कौन कर रहा ?

उत्तर प्रदेश का वातावरण अशांत करने का षड्यंत्र आखिर कौन कर रहा ?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, सामाजिक
सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होने का समयमृत्युंजय दीक्षितउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए संकल्पवान हैं। वे स्वयं कानून व्यवस्था की छोटी से छोटी घटना पर पैनी दृष्टि रखते हैं और यही कारण है कि आज प्रदेश के जमनमानस में सुरक्षा का भाव जाग्रत हुआ है। प्रदेश की बेटियों में मनोबल ऊंचा हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट घोषणा कर रखी है कि यदि कोई शोहदा या अराजक तत्व किसी बहन- बेटी की सुरक्षा में सेंधमारी का प्रयास करेगा तो अगले चौराहे पर यमराज ही दिखलायी पड़ेंगे। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का प्रभाव भी दिखाई पड़ रहा है।महिला सुरक्षा की चिंता करने के कारण भगवा धारी महंत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता मुस्लिम महिलाओं के बीच भी तेजी से बढ़ रही है जिसके कारण मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों के मन में अशांति होना स्वाभाविक है। सपा, बसपा, का...
संस्कार की जरूरत स्त्री व पुरुष दोनों को है।

संस्कार की जरूरत स्त्री व पुरुष दोनों को है।

TOP STORIES, विश्लेषण, साहित्य संवाद
हम आए रोज देखते है कि कुत्ते को अधिकार है कि वह कहीं भी यूरिन पास कर सकता है, और कैसे भी कर सकता है। लेकिन सभ्य पुरुष को यह अधिकार नहीं है, उसे सभ्यता से बन्द टॉयलेट का उपयोग करना होगा। यहां बात उन पुरुषों की भी है जो सरेआम कहीं भी खड़े होकर कुत्तों की तरह ऐसा कृत्य करते है उन्हे पुरुष होने का महत्व अपने जीवन में उतारना होगा। क्या वो अपने घर की बहन बेटियों के सामने भी ऐसे ही करते है। इसी तरह पशु को अधिकार है नग्न घूमने का, लेकिन सभ्य स्त्री को उचित वस्त्र का उपयोग सार्वजनिक जीवन में करना ही होगा। तभी वो वास्तविक आधुनिक कहलाने की हकदार है। *-डॉ. सत्यवान सौरभ* हमारा जीवन और व्यवहार ही नहीं ये सम्पूर्ण सृष्टि नियमों में बंधी है। अगर वो नियम टूटेंगे तो परिणाम विपरीत ही होंगे। किसी अज्ञात ने कहा है कि जिस प्रकार किसी को मनचाही स्पीड में गाड़ी चलाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि रोड सार्...
वन नेशन वन इलेक्शन एक अच्छी योजना है ।

वन नेशन वन इलेक्शन एक अच्छी योजना है ।

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
क्या वन नेशन वन इलेक्शन नीति कंजुसाई (पैसा बचाने की नीति) सोच नहीं है , मैं नहीं विपक्षी (लीब्रां डू गेंग) सोच रहा है, क्या पैसा बचाना लोकतंत्र की हत्या माना जाएगा ?वन नेशन वन इलेक्शन एक अच्छी योजना है । इसके फायदे ज्यादा हैं , नुकसान कम हैं । अमेरिका में भी चुनाव का निश्चित टाइम टेबल है । नवंबर माह के प्रथम मंगलवार को चुनाव हर चौथे साल होते हैं । नई सरकार उसके 3 महीने बाद 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करती है । बीच के 3 महीने अनाड़ी लोगों को ट्रेनिंग देने के लिए होते हैं कि सरकार चलाने में क्या करना है और क्या नहीं करना है । वहां सरकार 4 साल के लिए चुनी जाती है । केंद्रीय सरकार में राष्ट्रपति का चुनाव उपराष्ट्रपति के साथ जनता द्वारा सीधे होता है । उसी समय राज्यों के गवर्नर का चुनाव भी होता है । राष्ट्रपति के इस्तीफा देने, मृत्यु या महाभियोग की स्थिति में उपराष्ट्रपति जो उसी पार्ट...
बिहार में जाति जनगणना के जो परिणाम आए हैं, उससे क्या सीख मिलती है?

बिहार में जाति जनगणना के जो परिणाम आए हैं, उससे क्या सीख मिलती है?

TOP STORIES, राज्य, विश्लेषण, साहित्य संवाद
बिहार में जाति जनगणना के जो परिणाम आए हैं, उससे क्या सीख मिलती है?उससे ये सीख मिलती है कि हिन्दू शून्य हैं और मुसलमान 17 प्रतिशत। हिन्दू कहाँ हैं? कहाँ हैं हिन्दू? भूमिहार 2.86% हैं, ब्राह्मण 3.66% हैं, राजपूत 3.45% हैं, कुर्मी 2.87% हैं, कोइरी 4.2% हैं, यादव 14.26% हैं। हिन्दू तो हैं ही नहीं। हाँ, मुसलमान ज़रूर 17% हैं। आप शुरू होगा इन्हें लड़ाने का असली खेल। जो जातियाँ जनसंख्या में कम रह गई हैं, उनका नरसंहार भी होगा तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जिन जातियों के लोगों की जनसंख्या कम है, वो किसी पर झूठा आरोप भी लगा दें तो पूरा का पूरा सिस्टम कार्रवाई में लग जाएगा। लालू-नीतीश अब तुष्टिकरण की हद पार करने वाले हैं। बिहार में हैं अगर आप तो सावधान रहिए, या फिर बिहार छोड़ दीजिए। कम से कम बच्चों को बाहर ही भेज दीजिए। बिहार अब रहने लायक नहीं रहा। यहाँ अब राजनीति का एक नया अध्याय लिखा जा रहा...
Reducing Global Temperature by Harnessing Geothermal Energy

Reducing Global Temperature by Harnessing Geothermal Energy

TOP STORIES, विश्लेषण
DOWNLOAD The global surface temperature was 15 degrees centigrade before the beginning of Industrial Revolution about 150 years ago. Presently, it has risen to 16.2 degrees centigrade. Western scientists the world over are blaming the consumption of fossil fuels for this rise in temperature. Inspite of International Conference held every year by UNFCCC the global surface temperature is increasing slowly but steadily. Drowning Island nations of the world are raising hue and cry in COP-26 AND COP-27 but no relief is in sight so far. An indepth study of the problem has revealed a fundamental omission in understanding of the western scientists. Western scientists were so far attributing entire credit to the sunlight alone for the global surface temperature whereas the Mantras Number 10 ...