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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा’ पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा’ पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप

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रामस्वरूप रावतसरेलोकसभा में अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाली महुआ मोइत्रा पर बड़ा आरोप लगा हैं कि वो भले ही टीएमसी की सांसद हैं और कृष्णानगर लोकसभा सीट से जनता द्वारा चुनकर लोकसभा भेजी गई हैं, लेकिन वो पैसों के लिए जनता और राष्ट्र के हित की नहीं बल्कि व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के लिए काम करती हैं। ये आरोप एक मशहूर वकील ने आँकड़ों के साथ लगाए है, जिसपर एक्शन लेने की माँग करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इस मामले में महुआ मोइत्रा ने पलटवार भी किया है और कहा है कि पहले जिन लोगों पर मैंने आरोप लगाए हैं, उन पर कार्रवाई की जाए, फिर मेरे दरवाजे पर आया जाए।भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई का हवाला दिया है। अपने पत्र में भाजपा सांसद ने टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा पर लोक...
भारत के चांद तक के सफर की पूरी कहानी

भारत के चांद तक के सफर की पूरी कहानी

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भारत ने 90 के दशक में जब पहला ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी) लाॅन्च किया तभी से चांद की रहस्यमयी सतह छूने के वैज्ञानिक प्रयास तेज हो गए। लगभग तीन दशक बाद आखिरकार भारत ने इतिहास दर्ज करते हुए चंद्रमा के उस अंधेरे भू-भाग को छू लिया जिसे दुनिया के बड़े और विकसित देश भी दर्जनों मून मिशन के जरिए नहीं कर पाए। भारत अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव यानी अंधेरे पक्ष का उजाला दुनिया के सामने रख रहा है। चंद्रयान-3 लगातार मानव कल्याण के लिए हर वो जानकारी साझा कर रहा है जिससे दुनिया का दूसरे उपग्रह या ग्रहों का सफर आसान हो जाएगा By Rohini K Murthy  यह चंद्रमा की पहली फार साइड फोटो है। अक्टूबर 1959 में लूना 3 स्पेसक्राफ्ट को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया था। यह तीसरा स्पेसक्राफ्ट था जो चंद्रमा पर पहुंचा और इसने पहली बार मून फार साइड की फोटो भेजी। फोटो : ना...
State of Indian Birds’ Survey

State of Indian Birds’ Survey

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P K Mishra, SOIB (State of Indian Birds' Survey) published today in The Hindustan Times and other publications must receive the urgent attention of several government agencies besides MOEF so that remaining habitats can yet be saved for future generations. Grasslands need to be preserved is something that governments have not been paying attention to; decision-makers who either do not have the desire, time or inclination to admire or preserve what nature has gifted Bharat. They need to be sent on courses with WWF I and other similar organisations.Same goes for the Marine Environment. While posted at Army HQ in the early nineteen eighties I had the opportunity to present the first paper on Coastal Zone Regulations to Prime Minister Smt. Indira Gandhi. She referred me to Zahur Q...
क्या नई विश्व व्यवस्था के लिए अपरिहार्य है विश्वयुद्ध ? – अनुज अग्रवाल

क्या नई विश्व व्यवस्था के लिए अपरिहार्य है विश्वयुद्ध ? – अनुज अग्रवाल

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क्या नई विश्व व्यवस्था के लिए अपरिहार्य है विश्वयुद्ध ? - अनुज अग्रवालइसराइल पर हमास द्वारा आतंकी हमला करा, रुस व चीन ने अमेरिका व नाटो पर निर्णायक चोट कर ही दी। हालाँकि मंच पर ईरान , तुर्की व कतर खेल खेल रहे हैं किंतु पर्दे के पीछे डोरियाँ रुस - चीन के हाथो में ही हैं।यह सीधा सीधा अमेरिका पर हमला है और अमेरिका इसी रूप में इसको ले भी रहा है क्योंकि इसराइल का जन्म व अस्तित्व अमेरिका पर ही टिका हुआ है।नृशंस, ख़ूँख़ार व घातक इस युद्ध के लंबा और बहुत लंबा चलने के आसार हैं क्योंकि लगभग सभी इस्लामिक कट्टरपंथी गुट व राष्ट्र इससे जुड़ते जा रहे हैं।  तेल - गैस की आर्थिक व्यवस्था पर क़ब्ज़े के इस खेल में सदियो से चल रहा इस्लाम बनाम ईसाई - यहूदी  संघर्ष भी उभर कर सामने आ गया है, बल्कि इसी को हथियार बनाया है रुस व चीन ने। प्रथम व दूसरे विश्व युद्ध के साथ बनी विश्व व्यवस्था जिसके...
आदर्श भारत का संकल्प एवं घोषणापत्र…

आदर्श भारत का संकल्प एवं घोषणापत्र…

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
जनहित की बात करनेवाला ही जनता के दिल को छुएगा... 1.अच्छी शिक्षा एवं अच्छा स्वास्थ्य सभी के लिए सुनिश्चित होगी।2.निजी अस्पतालों, लैबों एवं बीमा कंपनियां को दी जाने वाली रकम का इस्तेमाल दवा के निर्बाध आपूर्ति एवं टेस्ट और ऑपरेशन हेतु लंबी लाइन को खत्म करने में करेंगे।3.शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सभी के लिए निशुल्क होगी।4.संपूर्ण देश में शिक्षा का एक समान पाठ्यक्रम होगा। नैतिकता व संस्कारयुक्त गुणवत्तापूर्ण रोजगारपरक समानशिक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।5.प्रत्येक परिवार को कम से कम एक सरकारी नौकरी की गारंटी होगी।6.सभी बेरोजगारों के बेरोजगारी भत्ता में वृद्धि होगी।7.वोट देनेवाले सभी वोटरों को वोटर पेंशन दी जाएगी।8.सभी सरकारी योजनाओं की कड़ी मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन की समीक्षा होगी।9.सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाएगी।10.तुरंत न्याय, सस्ता न्याय, सुलभ न्याय, सभी...
Africa’s Environment 2023 report

Africa’s Environment 2023 report

प्रेस विज्ञप्ति, राष्ट्रीय, सामाजिक
CSE’s first State of Africa’s Environment 2023 report officially released in Nairobi India-based think tank Centre for Science and Environment (CSE), in association with Media for Environment, Science, Health and Agriculture (MESHA-Kenya), release the inaugural edition of the report NEMA (National Environment Management Authority) Director General Mamo Bor Mamo and CSE Director General Sunita Narain unveil the report at a media briefing Over 100 journalists, researchers and experts from across Africa have contributed to the preparation of this annual publication Nairobi, October 12, 2023: Centre for Science and Environment (CSE), the India-based think tank, in association with Media for Environment, Science, Health and Agriculture (MESHA-Kenya), released the inaugural edition of the St...
Religion and Geopolitics: Buddhism

Religion and Geopolitics: Buddhism

TOP STORIES, सामाजिक
Mr Niraj Kumar, Asianist and Buddhologist in conversation with Convenor NatStrat Ambassador Pankaj Saran. They deliberate on the significance of the Nalanda tradition in the evolution of Buddhism in India. The speaker highlights the development of Buddhism in China and the impact of the Cultural Revolution on the spread of Buddhism. Mr Niraj Kumar as a distinguished Indian contributor in the development of Buddhist literature emphasizes the need for new Buddhist philosophies and trends. The two experts go into the depths of the concept of reincarnation and how it has globalized the ideology of Buddhism. #Buddhism#DalaiLama#ChineseBuddhism#ChineseCulturalRevolution Follow us on: Instagram - https://www.instagram.com/natstrat_of... Twitter - https://twitter.com/natstrat_org LinkedIn - h...
इजरायल भारत और आसुरी जेहाद

इजरायल भारत और आसुरी जेहाद

Today News, राष्ट्रीय, सामाजिक
एक पिक अप कार में एक इजरायली महिला को लगभग नग्न अवस्था में अपने पैरों से दबाए कुछ हमास के आतंकवादी हैं,और उनके इस कृत्य का"अल्लाह हू अकबर" के नारों से समर्थन करती एक भीड़ है.. एक भीड़ जिसमें औरतें भी हैं और बच्चे भी.. वो बच्चे उस औरत के शरीर को नोच रहे हैं अपने हाथों से..उन बच्चों की माताएं उन्हें ये करने दे रही हैं..रोक नहीं रहीं,बल्कि वो भी इस कृत्य पर झूम रही हैं.. जिस महिला का शव फिलिस्तीनी आतंकवादियों द्वारा गाजा की ओर ले जा रहे एक पिक-अप ट्रक के पीछे वीडियो में देखा गया था,उसकी पहचान कर ली गई 30 वर्षीय शनि लॉक एक जर्मन नागरिक थी,उसका इजरायल से कोई संबंध नहीं था,वो गाजा सीमा बाड़ के पास आयोजित शांति के लिए संगीत समारोह में भाग लेने के लिए इज़राइल गई थी। शनि लॉक "शांति के उत्सव" में शामिल होने गई थी और वहां उसके साथ "शांति के मजहब" के नाम पर,बार बार बलात्कार और हत्या ...
आपातकाल के विरुद्ध शंखनाद करने वाले – लोकनायक जयप्रकाश नारायण

आपातकाल के विरुद्ध शंखनाद करने वाले – लोकनायक जयप्रकाश नारायण

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11 अक्टूबर पर विशेषः-आपातकाल के विरुद्ध शंखनाद करने वाले - लोकनायक जयप्रकाश नारायणमृत्युंजय दीक्षितभारतीय लोकतंत्र के महानायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सारन जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ था। उनका जन्म ऐसे समय में हुआ था जब देश विदेशी सत्ता के आधीन था और स्वतंत्रता के लिए छटपटा रहा था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा सारन और पटना जिले में हुई थी । वे विद्यार्थी जीवन से ही स्वतंत्रता के प्रेमी थे पटना में बिहार विद्यापीठ में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेने के साथ ही वे स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने लगे। वे 1922 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गये। जहां उन्होंने 1922 से 1929 तक कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय व विसकांसन विवि में अध्ययन किया। वहां पर अपने खर्चे को पूरा व नियंत्रित करने के लिए खेतों व रेस्टोरेंट में काम किया। वे मार्क्स के समाजवाद से प्रभावित हुए। उन्होनें ए...
वो गुरु जिसने तराशा अमिताभ बच्चन

वो गुरु जिसने तराशा अमिताभ बच्चन

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(11 अक्टूबर, जन्मदिन पर खास) अथवा क्यों अमिताभ बच्चन कृतज्ञ हैं अपने उस अनाम गुरु के आर.के. सिन्हा अमिताभ बच्चन ने जब अपने फिल्मी करियर का श्रीगणेश किया तब 1970 के दशक का आरंभ हो रहा था। तब भारत में श्रीमती इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं और अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन थे। वो आधी सदी पहले की दुनिया आज से हर मायने में अलग थी। पर इन पचास सालों में बहुत कुछ बदला, पर अमिताभ बच्चन अब भी करोडों सिने प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं। उन्होंने इस दौरान ना जाने कितनी सुपर हिट फिल्में दीं, टीवी पर अपनी धाक जमाई और विज्ञापन के संसार के शिखर पर रहे। कुछ समय तक राजनीति करने के बाद उसे इस तरह से छोड़ा कि फिर मुड़कर नहीं देखा। उन्हें भारतीय सिनेमा का सर्वकालिक महानतम अभिनेता माना जा सकता है। अमिताभ ने अनेक पुरस्कार जीते हैं, जिनमें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पु...