14 न्यूज एंकरों का ‘अपराध’ क्या?
-बलबीर पुंज
बीते सप्ताह विपक्षी गठबंधन (आई.एन.डी.आई.ए.) ने विभिन्न न्यूज चैनलों के 14 टीवी एंकरों का बहिष्कार कर दिया। इस गठजोड़ की मीडिया समिति ने टीवी पत्रकारों के नामों की एक सूची जारी करते हुए उनके कार्यक्रमों में अपना प्रतिनिधि नहीं भेजने का निर्णय किया है। क्या विपक्ष— विशेषकर मोदी विरोधियों का यह आचरण केवल एंकरों के बहिष्कार तक सीमित रहेगा? न्यूज चैनलों के राजस्व का एक हिस्सा उन विज्ञापनों से भी आता है, जो उन्हें विभिन्न सरकारों से मिलते है। इस पृष्ठभूमि में देश के 11 राज्यों में आई.एन.डी.आई.ए घटकों की सरकार है। क्या इनकी सरकारें उन चैनलों के विज्ञापनों को रोकेंगे, उसमें कटौती करेंगे या फिर प्रबंधकों पर कार्रवाई (नौकरी से निकालने सहित) करने का दबाव बनाएंगे, जिनसे यह 14 एंकर जुड़े है?
मेरा मत है कि देश को तीन किस्तों में स्वतंत्रता मिली है। 15 अगस्त 1947 को खंडित भारत को राजनी...









